स्ट्रेट ऑफ होर्मुज से गुजरेंगे भारत के 20 टैंकर? तेल-गैस आपूर्ति को लेकर ईरान से बातचीत जारी
खबर है कि भारत और ईरान के बीच स्ट्रेट ऑफ होर्मुज से भारतीय टैंकरों को सुरक्षित पार कराने को लेकर बातचीत चल रही है. बताया जा रहा है कि करीब 20 टैंकरों को इस महत्वपूर्ण समुद्री मार्ग से सुरक्षित निकालने के लिए कूटनीतिक स्तर पर प्रयास जारी हैं.

पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव के बीच भारत की तेल और गैस आपूर्ति को लेकर बड़ी खबर सामने आई है. खबर है कि भारत और ईरान के बीच स्ट्रेट ऑफ होर्मुज से भारतीय टैंकरों को सुरक्षित पार कराने को लेकर बातचीत चल रही है. बताया जा रहा है कि करीब 20 टैंकरों को इस महत्वपूर्ण समुद्री मार्ग से सुरक्षित निकालने के लिए कूटनीतिक स्तर पर प्रयास जारी हैं. मीडिया रिपोर्ट के अनुसार प्रधानमंत्री Narendra Modi ने भी इस मुद्दे पर ईरान के राष्ट्रपति से बातचीत की है, ताकि खाड़ी देशों से भारत को तेल और गैस की आपूर्ति प्रभावित न हो.
20 टैंकरों को पार कराने की कोशिश
Bloomberg की रिपोर्ट के मुताबिक जिन 20 टैंकरों को स्ट्रेट ऑफ होर्मुज से पार कराने की कोशिश हो रही है, उनमें से 10 टैंकर एलपीजी लेकर आ रहे हैं. ये टैंकर भारतीय रिफाइनरियों जैसे Indian Oil Corporation और Hindustan Petroleum द्वारा अनुबंधित बताए जा रहे हैं. इसके अलावा पांच टैंकर कच्चा तेल लेकर आ रहे हैं, जबकि बाकी टैंकर अन्य भारतीय रिफाइनरियों के लिए हैं.
LPG और LNG के लिए पश्चिम एशिया पर निर्भर भारत
रिपोर्ट के अनुसार भारत अपनी ऊर्जा जरूरतों के लिए पश्चिम एशिया पर काफी निर्भर है. भारत के कुल एलएनजी आयात का लगभग दो-तिहाई और एलपीजी आयात का लगभग पूरा हिस्सा इसी क्षेत्र से आता है. ऐसे में फारस की खाड़ी में बढ़ते तनाव का असर भारत की ऊर्जा आपूर्ति पर पड़ सकता है.
विदेश मंत्रालय स्तर पर चल रही बातचीत
इस मुद्दे पर भारत के विदेश मंत्री S. Jaishankar ने अपने ईरानी समकक्ष Abbas Araghchi से हाल के दिनों में तीन बार बातचीत की है. दोनों देशों के बीच कूटनीतिक स्तर पर लगातार संपर्क बना हुआ है. सरकार ने यह भी जानकारी दी है कि फारस की खाड़ी क्षेत्र में इस समय भारत के 28 जहाज काम कर रहे हैं. इनमें से 24 जहाज होर्मुज के पश्चिम में हैं, जिन पर 677 भारतीय नाविक सवार हैं, जबकि चार जहाज जलडमरूमध्य के पूर्वी हिस्से में हैं, जिनमें 101 भारतीय चालक दल के सदस्य मौजूद हैं.
होर्मुज बंद होने से बढ़ी चिंता
इस बीच ईरान के नए सर्वोच्च नेता Mojtaba Khamenei ने घोषणा की है कि होर्मुज जलडमरूमध्य बंद रहेगा. अपने पहले संबोधन में उन्होंने कहा कि ईरान अमेरिका और इजराइल पर दबाव बनाने के लिए इस समुद्री मार्ग को बंद रखेगा. गौरतलब है कि Strait of Hormuz दुनिया का एक बेहद महत्वपूर्ण समुद्री मार्ग है, जिससे होकर वैश्विक कच्चे तेल का लगभग 20 प्रतिशत हिस्सा गुजरता है. 28 फरवरी को United States और Israel द्वारा ईरान पर किए गए हमलों के बाद क्षेत्र में तनाव बढ़ गया है. इसके कारण कच्चे तेल, एलपीजी और एलएनजी से भरे कई टैंकर इस इलाके में फंसे हुए हैं.

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