61 महीनों में 10,113 रेप, 11,000 किडनैपिंग और 9,213 हत्याएं—झारखंड में अपराध के आंकड़ों ने बढ़ाई चिंता!
झारखंड में जनवरी 2020 से जनवरी 2026 के बीच 10,113 रेप, 11,000 से ज्यादा किडनैपिंग और 9,213 हत्याओं के मामले दर्ज हुए हैं. बीजेपी ने इन आंकड़ों के आधार पर राज्य की कानून-व्यवस्था पर सवाल उठाते हुए बढ़ते अपराध और कमजोर सजा दर को लेकर चिंता जताई है.


Ranchi: झारखंड में पिछले 61 महीनों के दौरान अपराध के आंकड़े डराने वाले सामने आए हैं. आंकड़ों के मुताबिक जनवरी 2020 से जनवरी 2026 के बीच राज्य में 10,113 बलात्कार, 11,000 से ज्यादा अपहरण, 9,213 हत्याएं और 60,000 से अधिक चोरी की घटनाएं दर्ज की गई हैं. कुल मिलाकर इस अवधि में 2 लाख 80 हजार से ज्यादा संज्ञेय अपराध सामने आए हैं. इन आंकड़ों से साफ संकेत मिलता है कि राज्य में कानून-व्यवस्था को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं. लगातार बढ़ती आपराधिक घटनाओं ने आम लोगों की सुरक्षा को लेकर चिंता और बढ़ा दी है. ये दावा है झारखंड की प्रमुख विपक्षी पार्टी बीजेपी का, जिसे पार्टी के प्रदेश प्रवक्ता प्रतुल शाहदेव ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में रखा.
अपराध के आंकड़ों में लगातार बढ़ोतरी का दावा
बीजेपी का दावा है कि वर्ष 2020 के बाद से झारखंड में आपराधिक घटनाओं में लगातार बढ़ोतरी दर्ज की गई है. आंकड़ों के अनुसार राज्य में बलात्कार, हत्या, अपहरण और चोरी जैसे गंभीर अपराधों की संख्या तेजी से बढ़ी है. पार्टी के मुताबिक नेशनल क्राइम रिकॉर्ड ब्यूरो और झारखंड पुलिस की वेबसाइट से जुटाए गए आंकड़े इस बात की ओर इशारा करते हैं कि कानून-व्यवस्था की स्थिति पहले के मुकाबले ज्यादा कमजोर हुई है. बीजेपी का कहना है कि बढ़ते अपराध ने आम नागरिकों के बीच असुरक्षा की भावना को बढ़ा दिया है और लोगों का भरोसा कानून-व्यवस्था पर कमजोर पड़ रहा है.
माफिया और सिस्टम पर उठाए गए सवाल
बीजेपी ने आरोप लगाया है कि राज्य में बालू, कोयला और लोहा माफिया सक्रिय हैं और बड़े पैमाने पर अवैध गतिविधियां चल रही हैं. पार्टी का कहना है कि इस तरह की गतिविधियां बिना किसी संरक्षण के संभव नहीं हैं. साथ ही यह भी दावा किया गया है कि प्रशासन का फोकस कानून-व्यवस्था सुधारने पर पर्याप्त नहीं है, जिसके कारण अपराधियों के हौसले बुलंद हैं. बीजेपी का आरोप है कि राज्य में हालात ऐसे बन गए हैं जहां आम लोगों को अपनी सुरक्षा को लेकर लगातार डर बना हुआ है.
सजा दर और पुलिस व्यवस्था पर भी सवाल
बीजेपी ने यह भी मुद्दा उठाया है कि अपराधियों को सजा दिलाने का प्रतिशत संतोषजनक नहीं है, खासकर बलात्कार जैसे मामलों में. पार्टी का कहना है कि जब तक आरोपियों को कड़ी सजा नहीं मिलेगी, तब तक अपराधों पर अंकुश लगाना मुश्किल होगा. इसके अलावा पुलिस व्यवस्था को लेकर भी सवाल उठाए गए हैं. बीजेपी का कहना है कि सिर्फ संसाधन बढ़ाने से काम नहीं चलेगा, बल्कि मजबूत खुफिया तंत्र और सख्त कार्रवाई की जरूरत है. पार्टी ने पुलिस प्रशासन से लोगों का भरोसा जीतने और अपराधियों के खिलाफ प्रभावी अभियान चलाने की मांग की है.

specializes in local and regional stories, bringing simple, factual, and timely updates to readers.
Related Posts






Leave a comment