रिम्स में मौत का भयावह सिलसिला: हॉस्टल में फंदे से लटका 2024 बैच का MBBS छात्र, एक दशक में 6 रहस्यमयी मौतें
रांची के रिम्स में 2024 बैच के MBBS छात्र की संदिग्ध मौत के बाद एक बार फिर संस्थान में हुई पुरानी रहस्यमयी मौतों की चर्चा तेज हो गई है. पिछले एक दशक में MBBS और PG छात्रों की कई संदिग्ध मौतें सामने आ चुकी हैं, जिससे मानसिक दबाव और सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल उठ रहे हैं.


Ranchi: झारखंड के सबसे बड़े सरकारी मेडिकल संस्थान रिम्स में शनिवार को एक बार फिर दहशत फैल गई. 2024 बैच के एक MBBS छात्र का शव अपने हॉस्टल कमरे में फंदे से लटका मिला. शुरुआती जांच में आत्महत्या की आशंका जताई जा रही है, लेकिन पुलिस ने अभी किसी नतीजे से इनकार कर दिया है. शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है. छात्र के मोबाइल फोन, हाल की चैट्स, कॉल रिकॉर्ड और करीबी दोस्तों-परिवारवालों से सख्त पूछताछ शुरू हो गई है. कोई सुसाइड नोट अभी तक बरामद नहीं हुआ. घटना रिम्स परिसर के छात्रावास में हुई.
मेडिकल की कठोर पढ़ाई, अनथक ड्यूटी, नींद की कमी और मानसिक दबाव के बीच यह संदिग्ध मौत पुराने जख्मों को फिर से हरा कर रही है. पिछले 10-12 वर्षों में रिम्स के हॉस्टलों और कैंपस में MBBS व PG छात्रों की कई रहस्यमयी मौतें हुई हैं. ज्यादातर मामलों में फांसी, जलकर या गिरकर मौत जैसे तरीके सामने आए. कई बार हत्या का गहरा शक उठा, लेकिन ज्यादातर मामलों को आत्महत्या बताकर फाइल बंद कर दी गई.
सितंबर 2016: पीजी छात्र परमिंदर मुर्मू का सड़ता हुआ शव हॉस्टल रूम में
बॉयज हॉस्टल नंबर 3 के रूम नंबर 23 में फाइनल ईयर PG छात्र परमिंदर मुर्मू (27) का क्षत-विक्षत और सड़ा हुआ शव मिला. शव कई दिनों से कमरे में पड़ा था. फॉरेंसिक रिपोर्ट में दम घुटने (asphyxia) की आशंका जताई गई. रिम्स प्रशासन ने शुरू में एपिलेप्सी (मिर्गी) का हवाला दिया, लेकिन परिस्थितियां संदिग्ध बनी रहीं. यह रिम्स हॉस्टल में एक साल के अंदर दूसरी ऐसी घटना थी, जिसने पूरे परिसर में खलबली मचा दी.
11 मार्च 2017: तीसरे साल के MBBS छात्र विशाल सिंह की हॉस्टल में फंदे से मौत
हॉस्टल नंबर 2 के रूम 121 में तीसरे वर्ष के MBBS छात्र विशाल सिंह (24) का शव लाल दुपट्टे के फंदे से लटका मिला. कान में इयरफोन लगे हुए थे. हॉली की तैयारियों के बीच दोस्तों ने बंद दरवाजा देखा तो खिड़की से झांककर यह भयानक नजारा देखा. विशाल सिंह HEC टाउनशिप के रहने वाले थे और एक सीनियर PSU अधिकारी के बेटे थे. परिवार ने हत्या का आरोप लगाया, जबकि पुलिस ने प्राथमिक तौर पर आत्महत्या माना. फॉरेंसिक टीम और डॉग स्क्वॉड को बुलाया गया. बाद में पुलिस ने असफल प्रेम प्रसंग को वजह बताया, जिसे परिवार ने खारिज कर दिया.
22 मार्च 2021: PG फार्माकोलॉजी छात्रा अनीशा झा की फ्लैट में फांसी
पीजी फार्माकोलॉजी प्रथम वर्ष की छात्रा डॉ. अनीशा झा (लगभग 30 वर्ष) का शव पुनडाग के सैल सिटी फ्लैट में फंदे से लटका मिला. उनके पति मयंक भी डॉक्टर थे. पड़ोसियों ने बताया कि शादी के तीन साल बाद पति-पत्नी के बीच लगातार झगड़े होते थे. उस रात भी कहासुनी हुई, जिसके बाद अनीशा ने कमरा बंद कर लिया और पंखे से फंदा लगाकर जान दे दी. शव को अस्पताल ले जाया गया जहां मौत घोषित की गई. पुलिस ने यूडी (अस्वाभाविक मौत) केस दर्ज किया.
2 नवंबर 2023: तमिलनाडु के PG छात्र मदन कुमार का अधजला शव हॉस्टल के पीछे
सेकेंड इयर के फॉरेंसिक मेडिसिन PG छात्र डॉ. मदन कुमार (27-28 वर्ष, नामक्कल, तमिलनाडु) का आधा जला हुआ शव हॉस्टल नंबर 5 के पीछे मिला. छत पर मोबिल ऑयल की बड़ी मात्रा बरामद हुई. छात्र शांत स्वभाव का और चुपचाप रहने वाला बताया गया. जूनियर डॉक्टर्स ने खुलकर हत्या का शक जताया. पुलिस ने सुसाइड और मर्डर दोनों एंगल से जांच की, बाद में मर्डर केस भी दर्ज हुआ. शव की हालत इतनी खराब थी कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार था. यह मामला पूरे रिम्स कैंपस में सनसनी बन गया.
21 अक्टूबर 2024: ऑर्थोपेडिक्स PG छात्र आकाश भेंगरा की तीसरी मंजिल से गिरकर मौत
सेकेंड इयर के PG ऑर्थोपेडिक्स छात्र आकाश भेंगरा (34 वर्ष) अपनी महिला मित्र पल्लवी के साथ हॉस्टल नंबर 4 की तीसरी मंजिल (छत/स्टेयरवेल) से गिर पड़े. आकाश की मौके पर मौत हो गई, जबकि पल्लवी घायल हुई और इलाज के बाद बच गई. पुलिस ने प्रेम प्रसंग और संभावित आत्महत्या का संदेह जताया. घटना रात के अंधेरे में हुई. जूनियर डॉक्टर्स ने श्रद्धांजलि सभा रखी. पूछताछ में दोनों के रिश्ते और उस रात की घटनाओं की जांच जारी रही.
पोस्टमार्टम रिपोर्ट के बाद सामने आएगी सच्चाई
पिछले एक दशक में रिम्स में MBBS और PG छात्रों की कम से कम 6 प्रमुख संदिग्ध मौतें दर्ज हुई हैं. कई अन्य छोटे मामले भी सामने आए, जिनमें पढ़ाई का भारी दबाव, व्यक्तिगत रिश्तों की उलझन, पारिवारिक तनाव या अज्ञात कारण बताए गए. रिम्स जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों में लंबी ड्यूटी, रैगिंग की पुरानी संस्कृति, मानसिक स्वास्थ्य सुविधाओं की भारी कमी और छात्रों पर लगातार बढ़ते दबाव पर बार-बार सवाल उठते रहे हैं. आज की घटना इन पुरानी घटनाओं की निरंतर कड़ी प्रतीत होती है. 2024 बैच का युवा छात्र, जो अभी पढ़ाई के शुरुआती दौर में था, हॉस्टल के कमरे में फंदे से क्यों लटक गया? क्या अधिक पढ़ाई का बोझ, कोई व्यक्तिगत समस्या, दोस्ती-रिश्तों का टकराव या कोई गहरी साजिश थी? पुलिस डिजिटल सबूत, कॉल डिटेल्स और गवाहों से गहन पूछताछ कर रही है. पोस्टमार्टम रिपोर्ट और पूरी जांच के बाद ही सच्चाई सामने आएगी.

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