झारखंड निकाय चुनाव: नोटा का प्रावधान नहीं, मेयर कैंडिडेट 25 लाख से ज्यादा नहीं कर पाएंगे खर्च
झारखंड में 48 नगर निकायों के चुनाव 23 फरवरी को, मेयर 25 लाख तक खर्च कर सकेंगे, नोटा नहीं होगा.
झारखंड में 48 नगर निकायों के चुनाव 23 फरवरी को, मेयर 25 लाख तक खर्च कर सकेंगे, नोटा नहीं होगा.
झारखंड में लंबे समय से टल रहे नगर निकाय चुनाव को लेकर बड़ा अपडेट आया है. राज्य निर्वाचन आयोग ने आज 48 नगर निकायों में चुनाव की तारीख 23 फरवरी 2026 घोषित कर दी है.
झारखंड में प्रस्तावित नगर निकाय चुनाव को लेकर आज बड़ा फैसला सामने आ सकता है. राज्य निर्वाचन आयुक्त अलका तिवारी आज 27 जनवरी को दोपहर 2 बजे रातू रोड स्थित निर्वाचन कार्यालय में प्रेस कॉन्फ्रेंस करेंगी. इस प्रेस वार्ता को नगर निकाय चुनाव की तिथियों की घोषणा से जोड़कर देखा जा रहा है.

बीजेपी के संगठन में बदलाव के साथ ही चुनावी रणनीति में भी तेज़ी दिखाई देने लगी है. पार्टी अध्यक्ष नितिन नबीन ने कमान संभालते ही साफ कर दिया है कि आने वाले विधानसभा चुनाव केवल राज्यों की लड़ाई नहीं, बल्कि संगठन की विश्वसनीयता की परीक्षा होंगे.
झारखंड भारतीय जनता पार्टी ने प्रदेश अध्यक्ष के चुनाव से पहले संगठनात्मक कवायद तेज करते हुए मनोनीत प्रदेश परिषद सदस्यों और प्रदेश परिषद सदस्यों की आधिकारिक सूची जारी कर दी है. इस कदम को प्रदेश संगठन में बड़े बदलाव और आगामी निकाय चुनावों की रणनीति से जोड़कर देखा जा रहा है.
झारखंड में बीजेपी ने संगठनात्मक चुनाव की प्रक्रिया को पारदर्शी और सुचारू बनाने के लिए केंद्रीय मंत्री जुएल उरांव को राज्य चुनाव अधिकारी नियुक्त किया है. वे राज्य अध्यक्ष और राष्ट्रीय परिषद के सदस्यों के चुनाव की निगरानी करेंगे.
राज्य निर्वाचन आयोग ने झारखंड में शहरी स्थानीय निकाय चुनाव 2026 को लेकर आरक्षण अधिसूचना जारी कर दी है. झारखंड गजट में प्रकाशित आदेश के अनुसार राज्य के कुल 53 नगर निगम, नगर परिषद और नगर पंचायतों में मेयर व अध्यक्ष पद के लिए आरक्षण तय किया गया है.
झारखंड में पेसा कानून के तहत बनाई गई नई नियमावली को लेकर आदिवासी संगठनों और नेताओं का विरोध लगातार तेज होता जा रहा है. इसी कड़ी में शुक्रवार को पूर्व विधायक सूर्य सिंह बेसरा ने विधानसभा परिसर में पेसा नियमावली की कॉपी फाड़कर अपना विरोध दर्ज कराया.
मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार ने देवघर में बीएलओ संवाद कार्यक्रम में कहा कि शुद्ध मतदाता सूची लोकतंत्र की रीढ़ है और कोई भी पात्र नागरिक मतदाता सूची से नहीं छूटना चाहिए. उन्होंने बीएलओ को ‘अदृश्य नायक’ बताते हुए उनकी भूमिका की सराहना की.

पेसा से जुड़े कैबिनेट प्रस्ताव को सार्वजनिक करने की मांग को लेकर भाजपा प्रदेश अध्यक्ष बाबूलाल मरांडी ने हेमंत सरकार पर पारदर्शिता न रखने का आरोप लगाया. उन्होंने कहा कि आदिवासी समाज से जुड़े इस महत्वपूर्ण कानून की वास्तविक जानकारी जनता से छुपाई जा रही है.
उत्तर प्रदेश विधानसभा में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बांग्लादेश में हिंदुओं और दलितों पर हो रहे अत्याचार का मुद्दा उठाया. उन्होंने विपक्ष की चुप्पी पर सवाल खड़े करते हुए अवैध घुसपैठ और तुष्टीकरण की राजनीति पर निशाना साधा.
मुंबई में बीएमसी चुनाव से पहले राजनीतिक हलचल तेज हो गई है. शिवसेना (यूबीटी) और महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (एमएनएस) के नेता उद्धव ठाकरे और राज ठाकरे ने मिलकर गठबंधन की घोषणा की है.