
बीजेपी में शामिल हुए चंपई सोरेन, शिवराज बोले : टाइगर जिंदा है
शिवराज ने कहा चंपई सोरेन ने झारखंड निर्माण को लेकर बड़ी लंबी लड़ाई लड़ी थी और उनका ही प्रयास था कि अटलजी ने झारखंड का निर्माण किया था.

शिवराज ने कहा चंपई सोरेन ने झारखंड निर्माण को लेकर बड़ी लंबी लड़ाई लड़ी थी और उनका ही प्रयास था कि अटलजी ने झारखंड का निर्माण किया था.

प्रत्येक जिले में घोषणा पत्र निर्माण समिति की ओर से प्रांत स्तरीय तीन-तीन नेताओं का प्रवास होगा, जो समाज के अलग-अलग समूह , वर्ग से संवाद स्थापित कर सुझाव संग्रह करेंगे.

मैं विधानसभा का चुनाव लड़ना चाहती हूं. यह भी चाहती हैं की मेरी बेटी भी विधानसभा का चुनाव लड़े. बीजेपी बड़ी पार्टी है. उसका सारा फैसला दिल्ली से होता है. पार्टी जो भी फैसला लेगी हमें मंजूर होगा.

जीवन के 40 वर्ष तक हरे रंग की हरियाली में डूबे चंपई सोरेन को मानों अब हरे रंग से ही नफरत हो गई है. यही वजह है कि वे अपने आसपास से हरियाली हटाने में लग गये हैं.

चंपई सोरेन को बीजेपी में शामिल किये जाने पर बिफरे सूरज मंडल. शिवराज, हेमंता, शिबू, हेमंत, बीजेपी-कांग्रेस सबपर बरसे.

बीजेपी ने कहा है कि कंगना का किसान आंदोलन पर दिया गया बयान पार्टी का मत नहीं है. उनके बयान से पार्टी असहमति जताती है.

करीब डेढ़ घंटे तक पुलिस और बीजेपी कार्यकर्ताओं में संघर्ष होता रहा. पुलिस बार-बार वाटर कैनन और आंसू गैस के गोले छोड़कर कार्यकर्ताओं को पीछे हटाती और थोड़ी देर बाद कार्यकर्ता फिर पहुंच जाते.

झारखंड विधानसभा चुनाव से पहले कांग्रेस ने बड़ा बदलाव किया है और राजेश ठाकुर को हटाकर केशव महतो कमलेश को बड़ी जिम्मेदारी सौंपी है. कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने इनकी नियुक्ति की है

रांची विधानसभा सीट इस बार भी हॉट सीट होगा. राजनीतिक दलों के नेताओं ने इस सीट पर अपनी दावेदारी पेश करनी शुरू कर दी है.

हिंडनबर्ग ने आरोपों का एक और पुलिंदा खोल दिया है. एक्स (ट्विटर) पर हिंडनबर्ग ने लिखा है कि रिपोर्ट में आरोप लगाए जाने के बाद सेबी प्रमुख माधवी पूरी बुच और उनके पति ने रविवार को जो बयान दिए हैं, उसमें कई स्वीकारोक्ति शामिल है.

राजेश ठाकुर ने सभी जिला अध्यक्षों को निर्देश दिया है कि विधानसभा चुनाव में पार्टी की ओर से उम्मीदवार बनने के इच्छुक सभी नेता आवेदन सहित विस्तृत जानकारी एवं बायोडाटा जमा करें.

बाबूलाल मरांडी के भाजपा प्रदेश अध्यक्ष बनने के बाद से ही कांग्रेस में भी किसी आदिवासी नेता को प्रदेश अध्यक्ष बनाने की मांग उठ रही थी. कार्यकर्ताओं का एक बड़ा वर्ग पिछड़े वर्ग के किसी नेता को प्रदेश अध्यक्ष बनाने की मांग कर रहा है.