रांची में एक्वाकल्चर बीमा योजना पर कार्यशाला, मत्स्य पालकों को दी गई अहम जानकारी
रांची के धुर्वा में एक्वाकल्चर बीमा योजना पर आयोजित कार्यशाला में मत्स्य पालकों को बीमा के लाभ, प्रक्रिया और जोखिम प्रबंधन की जानकारी दी गई. विशेषज्ञों ने तकनीकी पहलुओं को समझाया और CSC के जरिए पंजीकरण प्रक्रिया का प्रदर्शन किया.

Ranchi: धुर्वा स्थित मत्स्य किसान प्रशिक्षण केंद्र में मंगलवार को “एक्वाकल्चर बीमा योजना” पर एक दिवसीय जागरूकता कार्यशाला का आयोजन किया गया. कार्यक्रम का उद्देश्य मत्स्य पालकों को मछली पालन से जुड़े जोखिमों और बीमा के महत्व के प्रति जागरूक करना था. इस दौरान विशेषज्ञों ने बीमा योजना के लाभ, प्रक्रिया और तकनीकी पहलुओं पर विस्तार से जानकारी दी. कार्यक्रम की शुरुआत मुख्य अतिथियों के स्वागत और दीप प्रज्ज्वलन के साथ हुई. कार्यशाला में राज्य के विभिन्न जिलों से आए मत्स्य पालकों ने भाग लिया और बीमा योजना से जुड़ी जानकारियां हासिल कीं. आयोजकों ने बताया कि इस तरह के कार्यक्रमों से मत्स्य क्षेत्र में आर्थिक सुरक्षा को बढ़ावा मिलेगा.
बीमा योजना की जानकारी और पंजीकरण प्रक्रिया पर जोर
कार्यशाला में NFDB के सीनियर इंश्योरेंस स्पेशलिस्ट अमर कुमार नायक ने बीमा के तकनीकी पहलुओं को सरल भाषा में समझाया. एग्रीकल्चर इंश्योरेंस कंपनी ऑफ इंडिया की क्षेत्रीय प्रबंधक आशा प्रसाद और उप प्रबंधक मनीषा टोप्पो ने योजना के लाभ और प्रक्रिया पर विस्तार से जानकारी दी. वहीं, सीएससी के माध्यम से पंजीकरण प्रक्रिया का लाइव प्रदर्शन भी किया गया, जिससे मत्स्य पालकों को आवेदन करने में आसानी हो सके.
अधिकारियों और मत्स्य पालकों ने साझा किए अनुभव
तकनीकी सत्र में प्रगतिशील मत्स्य पालकों ने अपने अनुभव साझा करते हुए बीमा के फायदे बताए. कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मत्स्य निदेशक अमरेंद्र कुमार ने विभागीय योजनाओं की जानकारी दी और बीमा को जरूरी बताया. इसके अलावा अन्य अधिकारियों ने भी सरकारी योजनाओं के बारे में विस्तार से जानकारी दी. कार्यशाला में बड़ी संख्या में मत्स्य पालक मौजूद रहे.

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