जयराम महतो की अंतरात्मा किसके साथ? हेमंत सोरेन ने डाला वोट, राज्यसभा चुनाव में बढ़ा सस्पेंस
झारखंड की दो राज्यसभा सीटों के लिए मतदान के बीच डुमरी विधायक जयराम महतो का वोट सबसे बड़ी चर्चा का विषय बन गया है. विधानसभा पहुंचकर उन्होंने कहा कि वह आत्ममंथन के बाद अंतरात्मा की आवाज पर मतदान करेंगे.

Ranchi: झारखंड की दो राज्यसभा सीटों के लिए चल रहे मतदान के बीच सबसे ज्यादा नजरें डुमरी विधायक जयराम महतो के वोट पर टिकी रहीं. विधानसभा पहुंचने के बाद जयराम महतो ने कहा कि वह काफी आत्ममंथन करके आए हैं और अंतरात्मा की आवाज के आधार पर वोट देंगे. दूसरी तरफ मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने भी मतदान कर दिया है और इंडिया गठबंधन के विधायक कतारबद्ध होकर वोट डाल रहे हैं. विधानसभा परिसर में सुबह से ही राजनीतिक सरगर्मी तेज है. एक तरफ एनडीए समर्थित निर्दलीय प्रत्याशी परिमल नाथवानी अपनी जीत का दावा कर रहे हैं तो दूसरी ओर महागठबंधन का कहना है कि उसके दोनों उम्मीदवार बैजनाथ राम और प्रणव झा मजबूत स्थिति में हैं. मतदान शाम 4 बजे तक चलेगा, जबकि मतगणना शाम 5 बजे से शुरू होगी. ऐसे में पूरे राज्य की नजरें अब नतीजों और खासकर जयराम महतो के वोट पर टिकी हुई हैं.
जयराम महतो बोले- काफी आत्ममंथन करके आया हूं
राज्यसभा चुनाव के बीच डुमरी विधायक जयराम महतो के वोट को लेकर लगातार अटकलें लगाई जा रही हैं. दोपहर करीब साढ़े बारह बजे वह विधानसभा पहुंचे. मीडिया से बातचीत में उन्होंने कहा कि वह काफी आत्ममंथन करके आए हैं और अंतरात्मा की आवाज के आधार पर मतदान करेंगे. उन्होंने यह भी कहा कि वह जिस किसी को भी वोट देंगे, उम्मीद करेंगे कि वह झारखंड के हित में काम करे. जयराम महतो के इस बयान के बाद राजनीतिक गलियारों में चर्चाओं का दौर और तेज हो गया है.
मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने डाला वोट
मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन भी विधानसभा पहुंचे और राज्यसभा चुनाव के लिए मतदान किया. उनके साथ उनकी पत्नी और गांडेय विधायक कल्पना सोरेन भी विधानसभा पहुंचीं. मुख्यमंत्री के मतदान के बाद इंडिया गठबंधन के विधायक कतारबद्ध होकर मतदान करते नजर आए. भाकपा माले के दोनों विधायकों ने भी अपना मताधिकार का प्रयोग किया. महागठबंधन के नेता लगातार दावा कर रहे हैं कि उनके सभी सहयोगी एकजुट हैं और दोनों सीटों पर उनकी जीत तय है.
50 से ज्यादा विधायकों ने डाला वोट
झारखंड विधानसभा के कमरा संख्या 42 में सुबह 9 बजे से मतदान शुरू हुआ. दोपहर 12 बजे तक 50 से अधिक विधायक मतदान कर चुके थे. एनडीए के अधिकांश विधायक वोट डालने के बाद अपने आवास लौट गए, जबकि इंडिया गठबंधन के कुछ विधायक बाद में मतदान करने पहुंचे. राज्यसभा चुनाव में इस बार तीन उम्मीदवार मैदान में हैं. झामुमो की ओर से बैजनाथ राम, कांग्रेस की तरफ से प्रणव झा और एनडीए समर्थित निर्दलीय प्रत्याशी परिमल नाथवानी अपनी किस्मत आजमा रहे हैं.
परिमल नाथवानी ने कहा- भगवान का आशीर्वाद है, जीत तय
निर्दलीय प्रत्याशी परिमल नाथवानी सुबह विधानसभा पहुंचे और उन्होंने अपनी जीत का दावा किया. उन्होंने कहा कि उन्हें भगवान का आशीर्वाद प्राप्त है और उन्हें अपनी जीत पर पूरा भरोसा है. नाथवानी ने कहा कि उन्हें आवश्यक समर्थन मिल रहा है और परिणाम उनके पक्ष में आएंगे. वहीं पूर्व मुख्यमंत्री अर्जुन मुंडा ने भी कहा कि एनडीए समर्थित उम्मीदवार की जीत तय है.
सीपी सिंह बोले- थोड़ी देर इंतजार कीजिए
मतदान के बाद बीजेपी विधायक सीपी सिंह ने दावा किया कि एनडीए समर्थित उम्मीदवार की जीत निश्चित है. उन्होंने कहा कि एनडीए के सभी 24 विधायकों ने मतदान कर दिया है और जादुई आंकड़ा कैसे आएगा, इसके लिए थोड़ी देर इंतजार करना होगा. बीजेपी विधायक शशिभूषण मेहता ने भी कहा कि एनडीए के उम्मीदवार की जीत तय है. वहीं झरिया विधायक रागिनी सिंह ने कहा कि पार्टी की स्थिति मजबूत है और जीत को लेकर वह पूरी तरह आश्वस्त हैं. पूर्वी जमशेदपुर की विधायक पूर्णिमा साहू ने कहा कि एनडीए के आंकड़े पूरी तरह सुरक्षित हैं. धनबाद विधायक राज सिन्हा ने भी दावा किया कि परिणाम उनके पक्ष में आएंगे और उन्होंने अभी से जीत की बधाई देना शुरू कर दिया है.
दीपिका पांडेय बोलीं- दोनों सीटें जीतेंगे
दूसरी तरफ महागठबंधन भी लगातार अपनी जीत का दावा कर रहा है. मंत्री दीपिका पांडेय सिंह ने विधानसभा पहुंचने के दौरान कहा कि राज्य के लिए यह महत्वपूर्ण चुनाव है और महागठबंधन पूरी तैयारी के साथ मैदान में है. उन्होंने कहा कि लोग 56 और 61 के आंकड़े की चर्चा कर रहे हैं, लेकिन शाम को परिणाम आने पर सब कुछ साफ हो जाएगा. दीपिका पांडेय ने दावा किया कि महागठबंधन दोनों सीटों पर अच्छे बहुमत से जीत दर्ज करेगा. राजद विधायकों ने भी विधानसभा पहुंचकर दोनों सीटों पर महागठबंधन की जीत का दावा किया. स्वास्थ्य मंत्री इरफान अंसारी, कृषि मंत्री शिल्पी नेहा तिर्की और अन्य मंत्री भी बस से विधानसभा पहुंचे.
माले ने कहा- प्रणव झा के साथ हैं दोनों विधायक
भाकपा माले के चुनाव एजेंट हलधर महतो और गीता मंडल भी विधानसभा पहुंचे. दोनों नेताओं ने दावा किया कि माले के दोनों विधायक कांग्रेस उम्मीदवार प्रणव झा के पक्ष में मतदान करेंगे. उन्होंने कहा कि महागठबंधन पूरी तरह एकजुट है और गठबंधन के सभी दल अपने उम्मीदवारों के साथ मजबूती से खड़े हैं. माले नेताओं ने भरोसा जताया कि राज्यसभा की दोनों सीटों पर महागठबंधन जीत दर्ज करेगा और परिणाम उनके पक्ष में आएगा.
विधानसभा के कमरा नंबर 42 में चल रहा मतदान
राज्यसभा चुनाव के लिए विधानसभा के कमरा नंबर 42 में मतदान की प्रक्रिया जारी है. सुबह 9 बजे से शुरू हुई वोटिंग शाम 4 बजे तक चलेगी. मतदान बैलेट पेपर के जरिए हो रहा है. विधानसभा सचिव और निर्वाचन अधिकारी रंजीत कुमार ने बताया कि चुनाव शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न कराने के लिए सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए हैं. मतदान समाप्त होने के बाद शाम 5 बजे से मतगणना शुरू होगी. शुरुआती परिणाम शाम 7 बजे तक आने की संभावना जताई जा रही है. हालांकि अंतिम नतीजे निर्वाचन आयोग की प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही घोषित किए जाएंगे.
बाबूलाल मरांडी से लेकर सरयू राय तक, सभी ने किया मतदान
एनडीए के सभी विधायक मतदान कर चुके हैं. नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी मतदान कक्ष पहुंचे और चुनाव प्रक्रिया का जायजा लिया. बीजेपी विधायक प्रदीप प्रसाद, सीपी सिंह, शशिभूषण मेहता और राज सिन्हा ने भी मतदान किया. जदयू विधायक सरयू राय ने वोट डालने के बाद कहा कि उनका वोट पूरी तरह सुरक्षित है और उन्होंने किसी दबाव में नहीं बल्कि अपने विवेक के आधार पर मतदान किया है. उधर बीजेपी के पार्टी एजेंट अमर कुमार बाउरी ने दावा किया कि परिमल नाथवानी को 35 विधायकों का समर्थन प्राप्त है और उनकी जीत तय है.
दो सीट, तीन उम्मीदवार और आंकड़ों का पूरा गणित
झारखंड में राज्यसभा की दो सीटों के लिए इस बार तीन उम्मीदवार मैदान में हैं. झामुमो के बैजनाथ राम, कांग्रेस के प्रणव झा और एनडीए समर्थित निर्दलीय प्रत्याशी परिमल नाथवानी चुनाव लड़ रहे हैं. विधानसभा में कुल 81 विधायक हैं और एक उम्मीदवार को प्रथम वरीयता के आधार पर जीत के लिए 28 वोटों की जरूरत होगी. एक सीट झामुमो संस्थापक शिबू सोरेन के निधन के बाद खाली हुई थी, जबकि दूसरी सीट बीजेपी सांसद दीपक प्रकाश का कार्यकाल पूरा होने के कारण रिक्त हुई. महागठबंधन के पास 56 विधायकों का आंकड़ा है और वह 61 विधायकों के समर्थन का दावा कर रहा है. वहीं एनडीए के पास 24 विधायक हैं, लेकिन उसके नेता भी जादुई आंकड़ा जुटाने का दावा कर रहे हैं. अब मतदान के बीच सबसे बड़ा सवाल यही है कि जयराम महतो की अंतरात्मा किसके साथ जाती है और क्या उनका वोट झारखंड की राजनीति में कोई नया समीकरण तैयार करेगा. शाम तक इसका जवाब सामने आ जाएगा.

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