पटना में छात्रों का हंगामा: वाटर कैनन के सामने शैंपू लगाकर किया ‘रेन डांस’, बैरिकेडिंग टूटी तो लाठीचार्ज; छात्रा बेहोश, महिला पुलिसकर्मी भी घायल
पटना में BPSC समेत प्रतियोगी परीक्षाओं में कथित अनियमितता के विरोध में छात्रों का प्रदर्शन उग्र हो गया. वाटर कैनन के सामने शैंपू लगाकर छात्रों ने ‘रेन डांस’ किया, वहीं बैरिकेडिंग तोड़ने पर पुलिस ने लाठीचार्ज किया. इस दौरान एक छात्रा बेहोश हो गई और पुलिसकर्मियों के घायल होने की भी खबर है.

Patna: पटना में मंगलवार को छात्रों का प्रदर्शन उस वक्त बेहद दिलचस्प और तनावपूर्ण दोनों हो गया, जब पुलिस ने गांधी मैदान से आगे बढ़ रहे प्रदर्शनकारियों को रोकने के लिए वाटर कैनन चलाया. पानी की तेज बौछार के सामने कुछ प्रदर्शनकारी शैंपू लगाकर ‘रेन डांस’ करते नजर आए. दूसरी तरफ डाकबंगला चौराहे पर बैरिकेडिंग तोड़ने की कोशिश के बाद पुलिस और छात्रों के बीच धक्कामुक्की बढ़ गई. कई जगह पुलिस ने लाठीचार्ज किया और प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लिया. एक छात्रा वाटर कैनन के बीच सड़क पर बेहोश हो गई, जिसे पुलिस वाहन से ले जाया गया. 15 छात्र संगठनों के मार्च में अब किसान भी जुड़ गए हैं.
वाटर कैनन चला तो छात्रों ने लगाया शैंपू, शुरू हुआ ‘रेन डांस’
डाकबंगला चौराहे पर पुलिस ने जब प्रदर्शनकारियों को आगे बढ़ने से रोकने के लिए वाटर कैनन का इस्तेमाल किया, तो माहौल का एक अलग ही रंग देखने को मिला. पानी की बौछार से पीछे हटने के बजाय कुछ छात्र-छात्राएं उस पर झूमते नजर आए. कई प्रदर्शनकारियों ने शरीर पर शैंपू लगाया और वाटर कैनन के सामने इसे ‘रेन डांस’ जैसा बना दिया. वीडियो और तस्वीरों में छात्र इस अंदाज में भी अपना विरोध जताते दिखे. इससे पहले भी पटना के छात्र गानों और पैरोडी के जरिए अपनी मांगों को सामने रखते रहे हैं.
लोहे की दीवार बनी, छात्रों ने दो बैरिकेड तोड़ डाले
गांधी मैदान से शुरू हुआ मार्च आगे बढ़ते-बढ़ते डाकबंगला चौराहे तक पहुंचा. पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को रोकने के लिए भारी बैरिकेडिंग की थी. डाकबंगला पर बड़े लोहे के बैरिकेड लगाए गए और बड़ी संख्या में पुलिस बल तैनात किया गया. इसके बावजूद छात्रों ने एक के बाद एक बैरिकेडिंग पार करने की कोशिश की और दो जगह बैरिकेड तोड़कर आगे बढ़ गए. रिपोर्टों के मुताबिक डाकबंगला चौराहे पर 200 से अधिक पुलिसकर्मियों की तैनाती की गई थी.
सड़क पर बेहोश हुई छात्रा, पुलिस ने वाहन से पहुंचाया
वाटर कैनन और अफरातफरी के बीच डाकबंगला चौराहे पर एक छात्रा सड़क पर बेहोश होकर गिर गई. मौके पर मौजूद डीएसपी कोमल मीणा ने स्थिति देखी और पुलिसकर्मियों को छात्रा की मदद करने को कहा. छात्रा को पुलिस वाहन में बैठाकर वहां से ले जाया गया. प्रदर्शन के दौरान पुलिस और छात्रों के बीच धक्कामुक्की तथा लाठीचार्ज की स्थिति भी बनी. स्थानीय रिपोर्ट में महिला पुलिसकर्मी के घायल होने की भी जानकारी सामने आई है. हालांकि घायलों की कुल संख्या को लेकर अभी अलग-अलग दावे हैं, इसलिए आधिकारिक आंकड़े का इंतजार है.
खुशबू पाठक डिटेन, अमन को गोद में लेकर पहुंचे साथी
प्रदर्शन के दौरान छात्र नेत्री खुशबू पाठक को पुलिस ने हिरासत में लिया. उन्हें पुलिस वैन में बैठाए जाने के बाद प्रदर्शनकारी छात्रों में नाराजगी बढ़ गई. इससे पहले भूख हड़ताल कर चुके अमन को उनके साथी गोद में उठाकर प्रदर्शन स्थल तक लाए. अमन ने मीडिया से बातचीत में आरोप लगाया कि गांधी मैदान थाने के SHO ने उनके साथ मारपीट की. यह आरोप प्रदर्शनकारी की ओर से लगाया गया है; इसकी स्वतंत्र पुष्टि अभी नहीं हुई है. दूसरी ओर पुलिस लगातार भीड़ को नियंत्रित करने और संवेदनशील इलाकों में मार्च रोकने की कोशिश कर रही है.
BPSC से TRE-4 तक कई मांगें, अब किसान भी आंदोलन में शामिल
छात्रों का विरोध केवल 70वीं BPSC परीक्षा तक सीमित नहीं है. प्रदर्शनकारी 70वीं BPSC परीक्षा में कथित अनियमितताओं की जांच और परीक्षा रद्द करने की मांग कर रहे हैं. TRE-4 को लेकर भी उनकी बड़ी मांग है कि परीक्षा एक ही चरण में हो, निगेटिव मार्किंग हटाई जाए और भर्ती प्रक्रिया में पारदर्शिता लाई जाए. कुछ संगठनों ने 100 प्रतिशत डोमिसाइल की मांग भी उठाई है.
मंगलवार के मार्च में एक और दिलचस्प मोड़ तब आया जब सैटेलाइट टाउनशिप का विरोध कर रहे किसान भी जेपी गोलंबर के पास छात्रों के साथ आ गए. इससे भीड़ और बढ़ गई और पुलिस के सामने प्रदर्शनकारियों को नियंत्रित करने की चुनौती और कठिन हो गई. उधर, विपक्ष के नेता तेजस्वी यादव ने भी सरकार से छात्रों की मांगों पर बातचीत करने और मामले का समाधान निकालने की अपील की है.



