ISIS केस में फैजान अंसारी की बढ़ी मुश्किलें, NIA कोर्ट में अब 8 सितंबर को होगी सुनवाई; ट्रायल में 31 गवाहों के बयान दर्ज
झारखंड के कथित ISIS मॉड्यूल से जुड़े फैजान अंसारी उर्फ फैज मामले में रांची की NIA विशेष अदालत ने अगली सुनवाई के लिए 8 सितंबर की तारीख तय की है. NIA ने फैजान को जुलाई 2023 में गिरफ्तार किया था और जनवरी 2024 में उसके खिलाफ चार्जशीट दाखिल की थी.

Ranchi: झारखंड के कथित ISIS मॉड्यूल से जुड़े फैजान अंसारी उर्फ फैज मामले में रांची की NIA विशेष अदालत ने अगली सुनवाई के लिए 8 सितंबर की तारीख तय की है. विशेष न्यायाधीश अभिमन्यु कुमार की अदालत में गुरुवार को मामले की सुनवाई हुई, जहां अभियोजन पक्ष की ओर से समय मांगा गया. इसके बाद अदालत ने अगली तारीख निर्धारित कर दी. यह मामला प्रतिबंधित आतंकी संगठन ISIS से जुड़ाव, ऑनलाइन प्रचार के जरिए युवाओं को प्रभावित करने और संगठन के लिए नए लोगों की भर्ती से संबंधित आरोपों को लेकर जांच के दायरे में है. NIA ने जुलाई 2023 में लोहरदगा निवासी फैजान अंसारी को गिरफ्तार किया था. वह उस समय अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी का छात्र था. बाद में जनवरी 2024 में NIA ने उसके खिलाफ चार्जशीट दाखिल की. दिसंबर 2025 के झारखंड हाईकोर्ट के रिकॉर्ड के मुताबिक ट्रायल के दौरान अभियोजन 31 गवाहों की गवाही करा चुका था और कुछ गवाहों की गवाही बाकी थी.
2023 में गिरफ्तारी, NIA ने बताया था ISIS मॉड्यूल का हिस्सा
NIA ने फैजान अंसारी को 20 जुलाई 2023 को गिरफ्तार किया था. एजेंसी के मुताबिक वह झारखंड में सक्रिय ISIS नेटवर्क के लिए काम कर रहा था और सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म के जरिए संगठन की विचारधारा और प्रचार सामग्री को आगे बढ़ा रहा था. मामले में NIA ने 19 जुलाई 2023 को केस दर्ज किया था. जांच एजेंसी के अनुसार फैजान ने कथित तौर पर ISIS समर्थित कई ऑनलाइन समूह बनाए और उन्हें संचालित किया था. NIA की जांच में यह भी आरोप सामने आया कि इन ऑनलाइन माध्यमों का इस्तेमाल ISIS से जुड़ी प्रचार सामग्री फैलाने और युवाओं को संगठन की विचारधारा से प्रभावित करने के लिए किया जाता था. एजेंसी के मुताबिक ‘Voice of Hind’ और ‘Voice of Khorasan’ जैसी पत्रिकाओं की सामग्री तथा ISIS से जुड़े वीडियो भी प्रसारित किए गए. NIA ने आरोप लगाया था कि फैजान संगठन के लिए नए लोगों को जोड़ने और उन्हें कट्टरपंथी विचारधारा की ओर आकर्षित करने की गतिविधियों में शामिल था. 2024 में दाखिल चार्जशीट में एजेंसी ने उस पर UAPA और IPC की विभिन्न धाराओं के तहत आरोप लगाए थे.
सोशल मीडिया से विदेशी संपर्क तक
जांच के दौरान NIA ने फैजान के डिजिटल नेटवर्क और कथित ऑनलाइन गतिविधियों को जांच का महत्वपूर्ण हिस्सा बनाया. एजेंसी का आरोप है कि वह Telegram और Instagram जैसे प्लेटफॉर्म पर ISIS समर्थित साइबर समूहों से जुड़ा था. इन समूहों के जरिए आतंकी संगठन से संबंधित प्रचार सामग्री साझा की जाती थी. झारखंड हाईकोर्ट में दिसंबर 2025 में सामने आए मामले के रिकॉर्ड में NIA की चार्जशीट के आधार पर कहा गया कि फैजान कथित तौर पर VPN और TOR जैसे माध्यमों का इस्तेमाल करता था और विदेशी ISIS हैंडलर्स के संपर्क में था. एजेंसी के मुताबिक ये संपर्क भर्ती और आतंकी गतिविधियों से जुड़ी दिशा-निर्देशों के लिए इस्तेमाल किए जाते थे. हालांकि, ये सभी आरोप ट्रायल के अधीन हैं और अंतिम निर्णय अदालत द्वारा साक्ष्यों के आधार पर किया जाना है. जांच एजेंसी के मुताबिक फैजान के लोहरदगा स्थित घर और अलीगढ़ में उसके ठिकाने पर तलाशी के दौरान डिजिटल उपकरण और अन्य सामग्री जब्त की गई थी. हाईकोर्ट के रिकॉर्ड के अनुसार लोहरदगा स्थित परिसर से एक लैपटॉप, दो मोबाइल फोन और तीन सिम कार्ड जब्त किए गए थे. अलीगढ़ के उसके किराये के कमरे की तलाशी के दौरान दीवार पर ISIS के झंडे का चिन्ह मिलने का भी दावा चार्जशीट में किया गया था.
ट्रायल में 31 गवाहों की गवाही
मामले की सुनवाई आगे बढ़ने के साथ अब यह केस ट्रायल के महत्वपूर्ण चरण में है. दिसंबर 2025 के झारखंड हाईकोर्ट के रिकॉर्ड के मुताबिक अभियोजन पक्ष की ओर से 31 गवाहों की गवाही दर्ज कराई जा चुकी थी और कुछ अन्य गवाहों के बयान अभी बाकी थे. इसी दौरान फैजान ने खुद को किशोर घोषित करने की मांग को लेकर रांची की NIA विशेष अदालत में आवेदन दिया था. विशेष अदालत ने 31 जुलाई 2025 को उसकी यह अर्जी खारिज कर दी थी. इसके बाद उसने इस आदेश को झारखंड हाईकोर्ट में चुनौती दी. हाईकोर्ट के समक्ष मामला आने पर अदालत के रिकॉर्ड में ट्रायल की स्थिति और अब तक दर्ज गवाहियों का भी उल्लेख किया गया. NIA की चार्जशीट में फैजान पर ISIS के प्रति निष्ठा जताने, संगठन के प्रचार को आगे बढ़ाने और नए लोगों को प्रभावित करने के आरोप लगाए गए हैं. एजेंसी ने जनवरी 2024 में उसके खिलाफ चार्जशीट दाखिल की थी. मामले में एक अन्य आरोपी ओमर बहादुर उर्फ राहुल सेन को सितंबर 2023 में गिरफ्तार किए जाने का भी हाईकोर्ट के रिकॉर्ड में उल्लेख है.
अदालत में जारी है सबूत पेश करने की प्रक्रिया
फैजान अंसारी मामले में अब रांची की NIA विशेष अदालत में 8 सितंबर को अगली सुनवाई होगी. गुरुवार की कार्यवाही में अभियोजन की ओर से समय मांगे जाने के बाद अदालत ने सुनवाई टाल दी. मामले में अभियोजन की ओर से गवाहों और दस्तावेजी साक्ष्यों को अदालत के सामने पेश करने की प्रक्रिया जारी है. यह केस इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि NIA की जांच में ऑनलाइन कट्टरपंथ और सोशल मीडिया के जरिए ISIS के लिए कथित भर्ती नेटवर्क का मुद्दा सामने आया था. जांच एजेंसी ने आरोप लगाया है कि डिजिटल प्लेटफॉर्म का इस्तेमाल संगठन की विचारधारा फैलाने और युवाओं को प्रभावित करने के लिए किया गया. फिलहाल मामले में आरोपों पर अंतिम फैसला नहीं हुआ है. फैजान अंसारी के खिलाफ लगाए गए आरोपों का परीक्षण अदालत में चल रहा है और अभियोजन को अपने साक्ष्यों के आधार पर आरोप साबित करने होंगे. अगली सुनवाई में मामले की आगे की कार्यवाही पर तस्वीर साफ होने की उम्मीद है.

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