चांडिल NH-33 पर दर्दनाक हादसा: खड़ी ट्रेलर से टकराई बाइक, तीन गंभीर
चांडिल NH-33 पर खड़ी ट्रेलर से टकराई बाइक, तीन लोग गंभीर घायल. समय पर मदद से अस्पताल पहुंचाया गया, MGM में इलाज जारी.

Chandil: झारखंड के सरायकेला-खरसावां जिले के चांडिल थाना क्षेत्र में टाटा-रांची मुख्य मार्ग एनएच-33 पर शनिवार को एक दर्दनाक सड़क हादसा सामने आया, जिसने एक बार फिर हाईवे सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं. कांदरबेड़ा के पास तेज रफ्तार बाइक अनियंत्रित होकर सड़क किनारे खड़ी ट्रेलर से जा टकराई. टक्कर इतनी भीषण थी कि बाइक पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई और उस पर सवार तीनों लोग सड़क पर गिरकर गंभीर रूप से घायल हो गए. स्थानीय लोगों की तत्परता और समय पर एंबुलेंस मिलने से घायलों को तुरंत अस्पताल पहुंचाया गया, जिससे उनकी जान बचाने में मदद मिली. प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, हादसे के बाद मौके पर अफरा-तफरी का माहौल बन गया था. यह घटना न केवल तेज रफ्तार बल्कि हाईवे किनारे खड़े भारी वाहनों के खतरे को भी उजागर करती है.
हादसे में तीन लोग गंभीर रूप से घायल
इस दुर्घटना में नीमडीह थाना क्षेत्र के चालियामा बांधडीह निवासी श्रीकांत सिंह, नरेंद्र सिंह और एक महिला गंभीर रूप से घायल हो गए. टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि बाइक के परखच्चे उड़ गए और तीनों दूर जाकर गिरे. स्थानीय लोगों ने तुरंत घायलों को संभाला और प्राथमिक सहायता देने की कोशिश की. प्रत्यक्षदर्शियों का कहना है कि अगर समय पर मदद नहीं मिलती, तो स्थिति और भी गंभीर हो सकती थी.
समाजसेवी की तत्परता से मिली मदद
घटना की जानकारी मिलते ही ‘हाइवे किंग’ के नाम से पहचान बना चुके समाजसेवी शेखर गांगुली मौके पर पहुंचे. उन्होंने बिना देर किए स्थानीय लोगों की मदद से घायलों को सुरक्षित स्थान पर पहुंचाया और एंबुलेंस की व्यवस्था करवाई. बताया जाता है कि शेखर गांगुली पहले भी कई सड़क हादसों में घायलों की मदद कर चुके हैं और उनकी सक्रियता के कारण कई लोगों की जान बच चुकी है. इस घटना में भी उनकी भूमिका अहम रही.
एमजीएम अस्पताल में चल रहा इलाज
सूचना मिलने पर आजसू पार्टी के केंद्रीय महासचिव हरेलाल महतो की एंबुलेंस सेवा तुरंत सक्रिय हुई. घायलों को एंबुलेंस के जरिए जमशेदपुर के एमजीएम अस्पताल भेजा गया, जहां डॉक्टरों की निगरानी में उनका इलाज जारी है. अस्पताल सूत्रों के अनुसार, तीनों की हालत गंभीर जरूर है, लेकिन फिलहाल स्थिर बताई जा रही है. डॉक्टरों की टीम लगातार उनकी स्थिति पर नजर बनाए हुए है.
सड़क किनारे खड़े वाहनों से बढ़ रहा खतरा
स्थानीय लोगों ने इस हादसे के लिए हाईवे किनारे खड़े भारी वाहनों को जिम्मेदार ठहराया है. उनका कहना है कि एनएच-33 पर अक्सर ट्रेलर और ट्रक सड़क किनारे खड़े रहते हैं, जिससे दुर्घटनाओं का खतरा बढ़ जाता है. लोगों ने प्रशासन से मांग की है कि ऐसे वाहनों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए और हाईवे पर नियमित निगरानी बढ़ाई जाए. यदि समय रहते इस समस्या का समाधान नहीं किया गया, तो भविष्य में और भी बड़े हादसे हो सकते हैं.

specializes in local and regional stories, bringing simple, factual, and timely updates to readers.
Related Posts

मेडिकल छात्रा दुष्कर्म मामला: मुख्य आरोपी शादाब ने किया सरेंडर, पुलिस करेगी पूछताछ
आदिवासी सड़कों पर: हेमंत सोरेन ने बंगाल में उठाया झारखंड-छत्तीसगढ़-ओडिशा का मुद्दा, काशीपुर रैली में बीजेपी पर जमकर निशाना








Leave a comment