Ranchi: रांची में लापता सात वर्षीय अंश और छह वर्षीय अंशिका का मामला लगातार गंभीर होता जा रहा है. तीन दिन बीत जाने के बाद भी दोनों मासूम बच्चों का कोई सुराग नहीं मिल सका है. बच्चों की सुरक्षित बरामदगी के लिए पुलिस ने अपनी जांच का दायरा और बढ़ा दिया है, लेकिन अब तक कोई ठोस सफलता हाथ नहीं लगी है. परिजनों की बेचैनी बढ़ती जा रही है और पूरे इलाके में चिंता का माहौल बना हुआ है. पुलिस अधिकारियों का कहना है कि हर संभावित एंगल से जांच की जा रही है और किसी भी सूचना को हल्के में नहीं लिया जा रहा.
बाजार जाने के बाद घर नहीं लौटे थे अंश और अंशिका
जानकारी के अनुसार, अंश और अंशिका 2 जनवरी की शाम करीब चार बजे चूड़ा खरीदने के लिए घर से निकले थे. दोनों शालिमार बाजार की ओर गए थे, लेकिन काफी देर तक वापस नहीं लौटे. पहले परिजनों को लगा कि बच्चे आसपास ही होंगे, लेकिन जब रात हो गई और कोई खबर नहीं मिली तो चिंता बढ़ गई. परिवार के लोगों ने पहले अपने स्तर से आस-पास, रिश्तेदारों और परिचितों के यहां खोजबीन की, लेकिन कहीं से भी कोई जानकारी नहीं मिल सकी. इसके बाद मजबूर होकर धुर्वा थाना में बच्चों की गुमशुदगी की सूचना दी गई.
पुलिस ने इनाम घोषित कर जारी किए पोस्टर
मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने अब सूचना देने वाले व्यक्ति को 51 हजार रुपये इनाम देने की घोषणा की है. इसके साथ ही बच्चों की तस्वीरों वाले पोस्टर जारी किए गए हैं, जिन्हें पूरे जिले में प्रचारित और प्रसारित किया जा रहा है. पोस्टर में हटिया डीएसपी, धुर्वा थाना प्रभारी और बच्चों के पिता के मोबाइल नंबर भी दिए गए हैं, ताकि किसी को भी बच्चों के बारे में जानकारी मिले तो वह सीधे संपर्क कर सके. पुलिस का मानना है कि आम लोगों की मदद से ही इस मामले में कोई ठोस सुराग मिल सकता है.
रेलवे स्टेशन, आश्रय गृह और संभावित ठिकानों पर छानबीन
बच्चों की तलाश में पुलिस ने रांची रेलवे स्टेशन, हटिया रेलवे स्टेशन, विभिन्न आश्रय गृहों और भीड़भाड़ वाले इलाकों में विशेष जांच अभियान चलाया है. इसके अलावा किन्नरों के संभावित ठिकानों, गुलगुलिया क्षेत्र और अन्य संवेदनशील स्थानों पर भी पुलिस टीमों ने छापेमारी की है. चाइल्ड वेलफेयर कमेटी से संपर्क कर यह पता लगाने की कोशिश की गई कि कहीं बच्चे किसी संस्था तक तो नहीं पहुंचे हैं. हालांकि इतनी व्यापक जांच के बावजूद अभी तक कोई ठोस जानकारी सामने नहीं आई है.
CCTV फुटेज खंगाले गए, लेकिन अब भी रहस्य बरकरार
पुलिस ने बच्चों के घर से लेकर बाजार और आसपास के इलाकों में लगे CCTV कैमरों की फुटेज भी खंगाली है. फुटेज के आधार पर बच्चों की गतिविधियों को ट्रैक करने की कोशिश की गई, लेकिन कोई निर्णायक सुराग हाथ नहीं लगा. अधिकारियों का कहना है कि तकनीकी जांच अभी भी जारी है और हर नए इनपुट पर दोबारा फुटेज की समीक्षा की जा रही है. फिरौती की कोई मांग सामने न आने के कारण पुलिस इस मामले को सिर्फ अपहरण तक सीमित नहीं मान रही है.
हाल ही में रांची आए थे बच्चे और उनका परिवार
बताया जा रहा है कि बच्चों के पिता सुनील कुमार कुछ समय पहले ही पटना से रांची के धुर्वा स्थित मौसीबाड़ी इलाके में शिफ्ट हुए थे. नया इलाका होने के कारण परिवार की स्थानीय स्तर पर ज्यादा पहचान नहीं थी. पड़ोसियों के अनुसार, परिवार शांत स्वभाव का था और किसी से कोई विवाद की जानकारी सामने नहीं आई है. इसी वजह से बच्चों के अचानक गायब हो जाने की घटना सभी के लिए चौंकाने वाली है.
बच्चों की पहचान की जानकारी जारी, पुलिस की अपील
परिजनों ने बताया है कि अंश पीले रंग की टी-शर्ट पहने हुए था और उसकी लंबाई करीब तीन फीट है. वहीं अंशिका नीले रंग के कपड़े पहने थी और उसके पैरों में चांदी की पायल है. पुलिस ने आम नागरिकों से अपील की है कि यदि कहीं भी इन बच्चों के बारे में कोई जानकारी मिले, तो तुरंत पुलिस को सूचित करें, ताकि दोनों को सुरक्षित उनके परिवार तक वापस लाया जा सके.

