Nexgen के मालिक ने IAS विनय चौबे की पत्नी के खाते में ट्रांसफर किये थे 100 करोड़ से ज्यादा... आखिर क्यों? पढ़िये पूरी खबर
Ranchi : शराब घोटाले की जांच के दौरान नेक्सजेन के मालिक विनय सिंह ने IAS विनय चौबे की पत्नी स्वप्ना संचिता के खाते में 100 करोड़ रुपये से अधिक ट्रांसफर किये हैं. जांच के दौरान इसके सबूत मिले हैं. लगातार डाट इन की खबर के मुताबिक जांच में पाया गया है कि सात साल के दौरान विनय सिंह की कंपनी के खाते से स...


Ranchi :
शराब घोटाले की जांच के दौरान नेक्सजेन के मालिक विनय सिंह ने IAS विनय चौबे की पत्नी स्वप्ना संचिता के खाते में 100 करोड़ रुपये से अधिक ट्रांसफर किये हैं. जांच के दौरान इसके सबूत मिले हैं. लगातार डाट इन की खबर के मुताबिक जांच में पाया गया है कि सात साल के दौरान विनय सिंह की कंपनी के खाते से स्वप्ना संचिता के खाते में यह रकम ट्रांसफर किया गया है. खबर के मुताबिक इडी ने शराब घोटाले में ECIR दर्ज करने के बाद विनय चौबे, उनके रिश्तेदार शिपिज त्रिवेदी और नेक्सजेन के मालिक सहित अन्य लोगों के ठिकानों पर छापा मारा था. छापामारी के दौरान मिले दस्तावेज और बैंक खातों की जांच के दौरान विनय सिंह की कंपनी के खाते से विनय चौबे की पत्नी के खाते में पैसा ट्रांसफर होने का मामला पकड़ में आया.
जांच में यह पाया गया कि विनय सिंह की कंपनी से स्वप्ना संचिता के खाते में पैसा ट्रांसफर करने का सिलसिला वर्ष 2017 में शुरु हुआ, जो वर्ष 2023 तक चला. इडी की जांच में पाया गया है कि विनय सिंह ने यह रकम स्वप्ना संचिता को अपनी कंपनी में कंसल्टेंसी फीस के रूप में दी है. हालांकि कंसल्टेंट के रूप में विनय सिंह की कंपनी में स्वप्ना संचिता की नियुक्त से संबंधित कोई दस्तावेज जांच एजेंसी को नहीं मिला. नेक्सजेन के मालिक विनय सिंह की ओर से स्वप्ना संचिता को मौखिक रूप से ही कंसल्टेंट नियुक्त किये जाने का दावा पेश किया गया. छत्तीसगढ़ इडी ने जब शराब घोटाले की जांच के दौरान विनय चौबे को समन जारी कर छत्तीसगढ़ बुलाया उसके बाद कंसल्टेंसी फीस के नाम पर पैसा ट्रांसफर होना बंद हो गया.
वहीं विनय सिंह की ओर से बताया गया कि विनय चौबे की पत्नी ने आइआइएम से फाइनेंस आर मार्केटिंग में एमबीए की डिग्री हासिल की है. वह विनय सिंह को उसके व्यापार में मदद करती थीं और काफी आग्रह के बाद वो कंपनी को व्यावसायिक तौर पर सलाह देने के लिए तैयार हुई थीं. उन्हें कंसल्टेंसी फीस के रूप में प्रति माह 1-1.25 लाख रुपये तक दिए जाते थे. वह कंपनी के लिए डाटा एनालिसिस, डिजिटल मार्केटिंग, ग्राहकों की पसंद आदि का एनालिसिल तक करके कंपनी के व्यापार को बढ़ाती थीं. लेकिन शराब घोटाले की जांच के दौरान पैदान हुई कानूनी परेशानियों को देखते हुए स्वप्ना संचिता ने वर्ष 2023 से कंसल्टेंट के रूप में काम करना बंद कर दिया था.

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