खूंटी में रामनवमी हिंसा के बाद तनाव: अनिश्चितकालीन बंद का ऐलान, प्रशासन अलर्ट पर
झारखंड के खूंटी जिले में रामनवमी शोभायात्रा के दौरान हुई हिंसा के बाद हालात तनावपूर्ण बने हुए हैं. मुरहू में पथराव और झड़प के बाद सर्व सनातन समाज ने अनिश्चितकालीन बंद का ऐलान किया है. प्रशासन ने धारा 144 लागू कर भारी पुलिस बल तैनात किया है और लोगों से शांति बनाए रखने की अपील की है.


Khunti: मुरहू प्रखंड में रामनवमी शोभायात्रा के दौरान हुई पथराव और हिंसक झड़प के बाद पूरे जिले में तनाव व्याप्त है. दूसरे दिन भी बंद का व्यापक असर दिख रहा है. शनिवार को दो पक्षों के बीच हुई पत्थरबाजी में मुरहू थाना प्रभारी समेत कई लोग घायल हुए. इस घटना के विरोध में रविवार को सर्व सनातन समाज और विभिन्न हिंदू संगठनों ने खूंटी जिले में अनिश्चितकालीन बंद का ऐलान कर दिया. वहीं सैकड़ों लोग सड़क पर आकर प्रदर्शन करने लगे. प्रदर्शनकारियों ने गिरफ्तार लोगों की बिना शर्त रिहाई और पुलिस कार्रवाई पर रोक की मांग की है. प्रशासन ने स्थिति को नियंत्रित रखने के लिए भारी पुलिस बल तैनात किया है और मामले की निष्पक्ष जांच का भरोसा दिया है. इलाके में धारा 144 पहले से लागू है.
मुरहू में हुई हिंसक घटना
रामनवमी के अवसर पर मुरहू के महादेव मंडा क्षेत्र में शनिवार को शोभायात्रा के दौरान अचानक पथराव शुरू हो गया. दोनों समुदायों के बीच झड़प में पत्थरबाजी हुई, जिसमें मुरहू थाना प्रभारी नॉवेल गॉडविन केरकेट्टा सहित 2-3 पुलिसकर्मी और अन्य लोग घायल हो गए. कुछ वाहनों के शीशे भी तोड़े गए. पुलिस ने तुरंत हस्तक्षेप किया और स्थिति को नियंत्रित करने के प्रयास किए. घटना के बाद प्रशासन ने इलाके में धारा 144 लागू कर दी. पुलिस के अनुसार, दोनों पक्षों से शिकायतें मिली हैं और अब तक 10 मामले दर्ज किए गए हैं, जिनमें से कुछ प्रशासन की ओर से हैं. जांच जारी है और दो लोगों के खिलाफ पर्याप्त साक्ष्य मिलने की बात कही गई है.
सर्व सनातन समाज का अनिश्चितकालीन बंद और थाना घेराव
रविवार को सर्व सनातन समाज और केंद्रीय रामनवमी महासमिति की बैठक में खूंटी जिले में अनिश्चितकालीन बंद का ऐलान किया गया. बैठक से पहले समाज के कार्यकर्ताओं ने शहर में घूम-घूमकर दुकानों को बंद कराया. दोपहर से बंद प्रभावी हो गया. सैकड़ों प्रदर्शनकारी भाजपा प्रदेश उपाध्यक्ष और पूर्व मंत्री नीलकंठ सिंह मुंडा के नेतृत्व में खूंटी थाना पहुंचे. उन्होंने डीएसपी वरुण रजक को अपनी मांगें सौंपीं – गिरफ्तार निर्दोष लोगों की तुरंत रिहाई और पुलिस कार्रवाई पर रोक. नीलकंठ सिंह मुंडा ने कहा कि निर्दोष लोगों को जल्द रिहा किया जाए, अन्यथा आंदोलन तेज होगा. विभिन्न हिंदू संगठनों के प्रतिनिधियों ने भी प्रशासन के समक्ष अपनी बात रखी.
जिला प्रशासन ने की अफवाहों से बचने की अपील
डीएसपी वरुण रजक ने बताया कि दोनों पक्षों से प्राप्त आवेदनों के आधार पर कुछ लोगों को हिरासत में लिया गया है. जांच तथ्यों पर आधारित और निष्पक्ष तरीके से चल रही है. जिनके खिलाफ पर्याप्त साक्ष्य हैं, उनके खिलाफ कार्रवाई होगी, जबकि अन्य को छोड़ने की प्रक्रिया शुरू हो गई है. प्रशासन ने कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया है. स्थानीय नेताओं ने धार्मिक जुलूसों की सुरक्षा को लेकर भी सवाल उठाए हैं. फिलहाल स्थिति तनावपूर्ण लेकिन नियंत्रण में बताई जा रही है. जिला प्रशासन ने अपील की है कि लोग अफवाहों से बचें और शांति बनाए रखें.

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