टेलीग्राम चैनल, नाबालिगों के अश्लील वीडियो और पैसों का खेल… CID को मिला बड़े नेटवर्क का सुराग
झारखंड CID ने गिरिडीह में छापेमारी कर दो युवकों को हिरासत में लिया है. आरोप है कि टेलीग्राम चैनलों के जरिए नाबालिगों के अश्लील वीडियो बेचने वाला नेटवर्क चलाया जा रहा था. मामले में डिजिटल डिवाइस, बैंक ट्रांजेक्शन और सोशल मीडिया अकाउंट की जांच जारी है.


Giridih: झारखंड के गिरिडीह से सामने आया मामला सिर्फ दो युवकों की गिरफ्तारी तक सीमित नहीं दिख रहा, बल्कि जांच एजेंसियां इसे नाबालिग लड़कियों के अश्लील वीडियो बनाकर बेचने वाले एक संगठित डिजिटल नेटवर्क से जोड़कर देख रही हैं. आरोप है कि वीडियो ऑनलाइन प्लेटफॉर्म और टेलीग्राम चैनलों के जरिए ग्राहकों तक पहुंचाए जाते थे. रांची CID ने गिरिडीह के कोलडीहा इलाके में देर रात छापेमारी कर दो युवकों को पकड़ा है. शुरुआती जांच में डिजिटल डिवाइस, मोबाइल और ऑनलाइन गतिविधियों से अहम सुराग मिलने की बात कही जा रही है. हैरानी की बात यह है कि पूरे नेटवर्क की कड़ी झारखंड से निकलकर दूसरे राज्यों तक पहुंचने की आशंका जताई जा रही है.
हैदराबाद से शुरू हुई जांच, गिरिडीह तक पहुंची CID
सूत्रों के अनुसार इस पूरे मामले की शुरुआत तब हुई जब हैदराबाद पुलिस की साइबर सेल को एक नाबालिग लड़की का आपत्तिजनक वीडियो मिला. तकनीकी विश्लेषण और डिजिटल ट्रैकिंग के दौरान वीडियो का स्रोत झारखंड से जुड़ा पाया गया. इसके बाद मामला रांची CID को सौंपा गया. CID की साइबर टीम ने कई स्तरों पर जांच शुरू की. ऑनलाइन एक्टिविटी, मोबाइल डेटा और डिजिटल फुटप्रिंट खंगालने के बाद गिरिडीह जिले के कोलडीहा इलाके के दो युवकों की भूमिका सामने आई. इसके बाद देर रात कार्रवाई कर दोनों को उनके घरों से हिरासत में लिया गया. गिरफ्तार आरोपियों की पहचान हसन राजा और मोहब अंसारी के रूप में हुई है. दोनों से फिलहाल पूछताछ जारी है.
टेलीग्राम चैनलों पर बिकते थे नाबालिगों के अश्लील वीडियो
जांच एजेंसियों के अनुसार यह मामला केवल वीडियो शेयरिंग का नहीं, बल्कि कथित तौर पर पैसे लेकर आपत्तिजनक कंटेंट बेचने वाले नेटवर्क का हो सकता है. आरोप है कि गिरोह ने टेलीग्राम पर विशेष चैनल बना रखे थे, जहां कथित ग्राहकों को जोड़कर वीडियो उपलब्ध कराए जाते थे.
कुछ अन्य ऑनलाइन प्लेटफॉर्म और वेबसाइट्स की भूमिका की भी जांच की जा रही है. एजेंसियों को आशंका है कि नेटवर्क लंबे समय से सक्रिय हो सकता है और अलग-अलग राज्यों तक फैला हुआ हो सकता है. हालांकि जांच अभी जारी है और सभी आरोपों की पुष्टि आगे की कानूनी प्रक्रिया के बाद ही होगी.
मोबाइल, बैंक ट्रांजेक्शन और सोशल मीडिया अकाउंट खंगाली जा रही
CID ने छापेमारी के दौरान इलेक्ट्रॉनिक उपकरण, मोबाइल फोन और अन्य डिजिटल सामग्री जब्त की है. इनकी फोरेंसिक जांच की जा रही है. अधिकारियों का फोकस इस बात पर है कि वीडियो कहां से आए, किसे भेजे गए और भुगतान किस माध्यम से लिया गया. बताया जा रहा है कि बैंक ट्रांजेक्शन, ऑनलाइन पेमेंट सिस्टम, सोशल मीडिया अकाउंट और चैट हिस्ट्री की भी जांच की जा रही है. इससे नेटवर्क में शामिल अन्य लोगों की पहचान संभव हो सकती है.
जांच में और नाम सामने आने की आशंका
दोनों आरोपियों के खिलाफ सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम और POCSO एक्ट की गंभीर धाराओं में मामला दर्ज किया गया है. पूछताछ के बाद उन्हें न्यायिक प्रक्रिया के तहत आगे बढ़ाया जाएगा. जांच एजेंसियों का मानना है कि यह मामला दो लोगों तक सीमित नहीं हो सकता. डिजिटल फोरेंसिक रिपोर्ट आने के बाद और गिरफ्तारियां या नए खुलासे सामने आ सकते हैं. फिलहाल सबसे बड़ा सवाल यही है कि क्या नाबालिगों के अश्लील कंटेंट की खरीद-बिक्री का यह नेटवर्क झारखंड से बाहर भी फैला हुआ था, और इसमें और कौन-कौन शामिल है.

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