साहिबगंज में 44 डिग्री जैसा एहसास, भीषण गर्मी से जनजीवन अस्त-व्यस्त; स्कूल और आंगनबाड़ी बंद करने की मांग तेज
झारखंड के साहिबगंज जिले में भीषण गर्मी और उमस ने लोगों का जीना मुश्किल कर दिया है. मौसम विभाग के अनुसार अधिकतम तापमान 40 डिग्री सेल्सियस के आसपास दर्ज किया गया, लेकिन उमस और गर्म हवाओं के कारण लोगों को 44 डिग्री सेल्सियस से अधिक की गर्मी का एहसास हुआ.

साहिबगंज से अमान की रिपोर्ट-
Sahibganj: झारखंड के साहिबगंज जिले में भीषण गर्मी और उमस ने लोगों का जीना मुश्किल कर दिया है. मौसम विभाग के अनुसार अधिकतम तापमान 40 डिग्री सेल्सियस के आसपास दर्ज किया गया, लेकिन उमस और गर्म हवाओं के कारण लोगों को 44 डिग्री सेल्सियस से अधिक की गर्मी का एहसास हुआ. सुबह से ही तेज धूप और उमस ने जनजीवन को प्रभावित किया, जबकि दोपहर होते-होते सड़कों पर सन्नाटा पसर गया. बढ़ती गर्मी का असर केवल आम लोगों पर ही नहीं, बल्कि सरकारी कर्मचारियों, शिक्षकों, आंगनबाड़ी कर्मियों और मैदानी कार्यों से जुड़े कर्मचारियों पर भी पड़ रहा है. हालात को देखते हुए विभिन्न सामाजिक और राजनीतिक संगठनों ने राज्य सरकार और जिला प्रशासन से स्कूलों एवं आंगनबाड़ी केंद्रों को 20 जून तक बंद रखने तथा कार्य समय में बदलाव करने की मांग की है.
44 डिग्री से अधिक गर्मी का एहसास
साहिबगंज में तापमान भले ही 40 डिग्री सेल्सियस के आसपास रहा हो, लेकिन उमस और गर्म हवाओं ने लोगों की परेशानी कई गुना बढ़ा दी. मौसम विशेषज्ञों के अनुसार वातावरण में नमी अधिक होने के कारण लोगों को वास्तविक तापमान से कहीं अधिक गर्मी महसूस हो रही है. दोपहर के समय हालात इतने कठिन हो गए कि लोग घरों से बाहर निकलने से बचते नजर आए. बाजारों और सड़कों पर भी सामान्य दिनों की तुलना में कम भीड़ देखने को मिली. भीषण गर्मी का असर बच्चों, बुजुर्गों और बीमार लोगों पर सबसे अधिक पड़ रहा है.
सरकारी कर्मचारियों और शिक्षकों की बढ़ी मुश्किलें
गर्मी का असर अब सरकारी कार्यों पर भी साफ दिखाई देने लगा है. विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर), जनगणना संबंधी कार्य, आंगनबाड़ी संचालन और अन्य मैदानी कार्यों में लगे कर्मचारियों को तेज धूप में काम करना पड़ रहा है. शिक्षकों पर विद्यालय संचालन के साथ-साथ बूथ और जनगणना से जुड़े कार्यों की जिम्मेदारी भी है. ऐसे में सुबह से शाम तक धूप में काम करना उनके लिए चुनौती बन गया है. कई कर्मचारियों ने कार्य समय में बदलाव कर सुबह और शाम के समय काम कराने की मांग की है, ताकि दोपहर की भीषण गर्मी से बचा जा सके.
स्कूल और आंगनबाड़ी केंद्र बंद करने की मांग
भीषण गर्मी को देखते हुए विभिन्न सामाजिक और राजनीतिक संगठनों ने स्कूलों और आंगनबाड़ी केंद्रों को 20 जून तक बंद रखने की मांग उठाई है. उनका कहना है कि मौजूदा मौसम में बच्चों का स्कूल जाना और आंगनबाड़ी केंद्रों का संचालन स्वास्थ्य के लिए जोखिम भरा हो सकता है. संगठनों का मानना है कि गर्मी की छुट्टियां बढ़ाने से विद्यार्थियों, शिक्षकों और कर्मचारियों को राहत मिलेगी. इसके साथ ही प्रशासन को मौसम की स्थिति को देखते हुए जल्द निर्णय लेने की आवश्यकता है, ताकि किसी भी अप्रिय घटना से बचा जा सके.
नेताओं और सामाजिक कार्यकर्ताओं ने उठाई आवाज
स्कूलों और आंगनबाड़ी केंद्रों को बंद करने की मांग को लेकर कई राजनीतिक और सामाजिक कार्यकर्ता सामने आए हैं. विभिन्न संगठनों के प्रतिनिधियों ने जिला प्रशासन और राज्य सरकार से तत्काल राहतकारी कदम उठाने की अपील की है. उनका कहना है कि बच्चों, शिक्षकों, आंगनबाड़ी सेविकाओं और मैदानी कर्मचारियों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए. यदि समय रहते उचित कदम नहीं उठाए गए, तो भीषण गर्मी का असर स्वास्थ्य पर गंभीर रूप से पड़ सकता है. उन्होंने सरकारी कार्यों के समय में भी बदलाव करने की मांग की है.
गर्मी से बचाव के लिए लोग अपना रहे उपाय
लगातार बढ़ती गर्मी के बीच लोग राहत पाने के लिए विभिन्न उपाय अपना रहे हैं. बाजारों में गन्ने का रस, नींबू पानी, नारियल पानी, खीरा और तरबूज की मांग बढ़ गई है. लोग अधिक से अधिक तरल पदार्थों का सेवन कर शरीर को हाइड्रेट रखने की कोशिश कर रहे हैं. वहीं चिकित्सकों ने भी लोगों को धूप में निकलने से बचने, पर्याप्त मात्रा में पानी पीने और हल्का भोजन करने की सलाह दी है. डॉक्टरों का कहना है कि लू और डिहाइड्रेशन से बचने के लिए विशेष सावधानी बरतना जरूरी है.
बारिश का इंतजार कर रहे जिलेवासी
भीषण गर्मी और उमस के बीच साहिबगंज के लोग अब बारिश का बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं. मौसम में राहत नहीं मिलने के कारण लोगों की परेशानी लगातार बढ़ रही है. किसानों से लेकर आम नागरिक तक मानसून की पहली बारिश का इंतजार कर रहे हैं. उम्मीद की जा रही है कि आने वाले दिनों में मौसम में बदलाव होगा और तापमान में गिरावट के साथ लोगों को राहत मिलेगी. फिलहाल जिले में गर्मी का प्रकोप जारी है और प्रशासन की ओर से लोगों को सावधानी बरतने की सलाह दी जा रही है.

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