Share Market Crash: 700 अंक तक लुढ़का शेयर बाजार, फिर आई रिकवरी; IT शेयरों ने संभाला मोर्चा
पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव के बीच भारतीय शेयर बाजार में भारी उतार-चढ़ाव देखने को मिला. शुरुआती कारोबार में सेंसेक्स 700 अंक तक लुढ़क गया, लेकिन आईटी शेयरों में जोरदार खरीदारी और विदेशी निवेशकों के समर्थन से बाजार ने शानदार वापसी की.

Share Market Crash: पश्चिम एशिया में बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव का असर सोमवार को भारतीय शेयर बाजार पर भी देखने को मिला. कारोबार की शुरुआत में बीएसई सेंसेक्स करीब 700 अंक तक टूट गया, जबकि निफ्टी 50 भी 24,000 के करीब पहुंच गया. हालांकि, दोपहर बाद बाजार में जबरदस्त रिकवरी देखने को मिली और आईटी शेयरों में खरीदारी के दम पर सेंसेक्स और निफ्टी दोनों हरे निशान में लौट आए. विदेशी निवेशकों की खरीदारी और टेक सेक्टर में मजबूती ने बाजार को सहारा दिया, जबकि ऑटो, मेटल और बैंकिंग शेयरों पर दबाव बना रहा.
शुरुआती कारोबार में 700 अंक तक टूटा बाजार
सोमवार को भारतीय शेयर बाजार की शुरुआत भारी गिरावट के साथ हुई. बीएसई सेंसेक्स शुरुआती कारोबार में करीब 700 अंक तक फिसल गया, जबकि निफ्टी 50 भी 24,000 के स्तर के करीब पहुंच गया. शुरुआती कारोबार में सेंसेक्स के 30 में से 27 शेयर लाल निशान में कारोबार कर रहे थे. सबसे अधिक दबाव ऑटो, मेटल और इंफ्रास्ट्रक्चर सेक्टर पर देखने को मिला. इंटरग्लोब एविएशन (इंडिगो), टाटा स्टील, मारुति सुजुकी, एशियन पेंट्स, अल्ट्राटेक सीमेंट और लार्सन एंड टुब्रो जैसे बड़े शेयरों में उल्लेखनीय गिरावट दर्ज की गई. निवेशकों में वैश्विक तनाव और कच्चे तेल की कीमतों में तेजी को लेकर चिंता साफ दिखाई दी, जिसका असर बाजार की शुरुआती चाल पर पड़ा.
दोपहर बाद IT शेयरों ने संभाला बाजार
शुरुआती गिरावट के बाद दोपहर में बाजार की तस्वीर बदल गई. आईटी सेक्टर में मजबूत खरीदारी और निवेशकों की वापसी से सेंसेक्स और निफ्टी दोनों में रिकवरी आई. दोपहर करीब 12:50 बजे सेंसेक्स 73.85 अंक की बढ़त के साथ 77,643.24 पर कारोबार कर रहा था, जबकि निफ्टी 50.95 अंक चढ़कर 24,257.85 के स्तर पर पहुंच गया. टीसीएस, एचसीएल टेक और अन्य टेक कंपनियों के शेयरों में तेजी ने बाजार को सहारा दिया. दक्षिण कोरिया के सेमीकंडक्टर शेयरों में कमजोरी के बीच भारतीय आईटी कंपनियों में निवेशकों की दिलचस्पी बढ़ी, जिससे टेक इंडेक्स मजबूत हुआ और व्यापक बाजार में सकारात्मक माहौल बना.
किन सेक्टरों पर सबसे ज्यादा दबाव रहा?
बाजार में सबसे अधिक कमजोरी मेटल, ऑटो और फाइनेंशियल सेक्टर में देखने को मिली. निफ्टी मेटल इंडेक्स सबसे ज्यादा गिरावट वाला सेक्टर रहा, जबकि निफ्टी ऑटो, निफ्टी बैंक और निफ्टी फाइनेंशियल सर्विसेज भी दबाव में रहे. ब्रॉडर मार्केट की बात करें तो निफ्टी मिडकैप इंडेक्स में 0.58 प्रतिशत और निफ्टी स्मॉलकैप इंडेक्स में 0.56 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई. दूसरी ओर, आईटी और फार्मा सेक्टर ने बेहतर प्रदर्शन किया और बाजार की रिकवरी में अहम भूमिका निभाई. विशेषज्ञों का मानना है कि निवेशकों ने सुरक्षित और अपेक्षाकृत मजबूत सेक्टरों की ओर रुख किया, जिससे टेक और फार्मा शेयरों में खरीदारी बढ़ी.
क्यों आया बाजार में उतार-चढ़ाव?
शेयर बाजार में तेज उतार-चढ़ाव की सबसे बड़ी वजह पश्चिम एशिया में बढ़ता तनाव रहा. अमेरिका और ईरान के बीच बढ़े सैन्य तनाव और होर्मुज स्ट्रेट को लेकर बढ़ी अनिश्चितता ने वैश्विक बाजारों की चिंता बढ़ा दी. इसके चलते कच्चे तेल की कीमतों में तेज उछाल आया और ब्रेंट क्रूड 79 डॉलर प्रति बैरल के करीब पहुंच गया. भारत अपनी तेल जरूरतों का बड़ा हिस्सा आयात करता है, इसलिए तेल की बढ़ती कीमतें महंगाई और व्यापार घाटे को प्रभावित कर सकती हैं. इसी वजह से निवेशकों ने शुरुआती कारोबार में बिकवाली की, जिसका असर भारतीय बाजार पर भी साफ दिखाई दिया.
रुपये में कमजोरी और प्रॉफिट बुकिंग का असर
वैश्विक तनाव के बीच भारतीय रुपये में भी कमजोरी देखने को मिली. सोमवार को रुपया पिछले बंद स्तर के मुकाबले करीब 0.4 प्रतिशत गिरकर 95.7050 पर खुला. कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों और अमेरिकी बॉन्ड यील्ड में तेजी ने निवेशकों की चिंता बढ़ा दी. इसके अलावा, पिछले दो कारोबारी सत्रों में सेंसेक्स करीब 1,066 अंक और निफ्टी लगभग 325 अंक चढ़ चुका था. ऐसे में कई निवेशकों ने मुनाफावसूली (प्रॉफिट बुकिंग) को प्राथमिकता दी. हालांकि, विदेशी संस्थागत निवेशकों (FII) की लगातार खरीदारी ने बाजार को मजबूत आधार दिया और दिन के दूसरे हिस्से में बाजार को गिरावट से उबरने में मदद मिली.

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