साहिबगंज आदर्श हत्याकांड: मास्टरमाइंड समेत दो ने किया सरेंडर, 24 घंटे में तीन आरोपी गिरफ्तार
साहिबगंज के चर्चित आदर्श उर्फ कुक्कू हत्याकांड में पुलिस ने 24 घंटे के भीतर बड़ी कार्रवाई करते हुए तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है. वहीं, मामले के कथित मास्टरमाइंड सत्यम आर्य और उसके सहयोगी बादल कुमार ने पुलिस दबिश के बीच न्यायालय में आत्मसमर्पण कर दिया.

साहिबगंज से अमान की रिपोर्ट
Sahebganj: नगर थाना क्षेत्र में हुए आदर्श उर्फ कुक्कू हत्याकांड में पुलिस को बड़ी सफलता मिली है. पुलिस अधीक्षक अमित कुमार सिंह के निर्देश पर गठित विशेष जांच दल (SIT) ने घटना के 24 घंटे के भीतर तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया. वहीं, लगातार छापेमारी और गिरफ्तारी की आशंका के बीच मामले के कथित मास्टरमाइंड सत्यम आर्य और उसके सहयोगी बादल कुमार ने न्यायालय में आत्मसमर्पण कर दिया. पुलिस अब दोनों को रिमांड पर लेकर पूछताछ की तैयारी कर रही है ताकि हत्या की साजिश और इसमें शामिल अन्य लोगों की भूमिका का खुलासा किया जा सके.
24 घंटे में SIT की बड़ी कार्रवाई, तीन आरोपी गिरफ्तार
आदर्श उर्फ कुक्कू की हत्या के बाद साहिबगंज पुलिस ने मामले को गंभीरता से लेते हुए तत्काल विशेष जांच दल (SIT) का गठन किया. एसपी अमित कुमार सिंह के निर्देश पर नगर थाना पुलिस और अन्य पुलिस अधिकारियों की संयुक्त टीम ने संभावित ठिकानों पर लगातार छापेमारी की. कार्रवाई के दौरान मामले में नामजद आरोपी सोम कुमार, सुजल कुमार और सुशांत कुमार को गिरफ्तार कर लिया गया. पूछताछ के बाद तीनों आरोपियों को न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उन्हें न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया.
पुलिस की लगातार कार्रवाई और दबाव के बीच हत्या के कथित मास्टरमाइंड सत्यम आर्य तथा उसके सहयोगी बादल कुमार ने शुक्रवार को न्यायालय में आत्मसमर्पण कर दिया. पुलिस अब दोनों आरोपियों को रिमांड पर लेकर पूछताछ करने की तैयारी कर रही है. अधिकारियों का मानना है कि पूछताछ से हत्या की पूरी साजिश, वारदात में शामिल अन्य आरोपियों की भूमिका और घटना में इस्तेमाल हथियार के संबंध में महत्वपूर्ण जानकारी मिल सकती है.
पुरानी रंजिश और रंगदारी विवाद के एंगल से जांच जारी
गौरतलब है कि 2 जुलाई की रात नगर थाना क्षेत्र के बंगाली टोला स्थित तिलकधारी कुआं चौक के पास अज्ञात हमलावरों ने 20 वर्षीय आदर्श उर्फ कुक्कू को गोली मार दी थी. गंभीर हालत में उसे सदर अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया. घटना के बाद मृतक के चाचा संतोष कुमार के बयान पर नगर थाना में भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 103(1), 3(5) और आर्म्स एक्ट की धारा 27 के तहत प्राथमिकी दर्ज की गई. मामले में आधा दर्जन से अधिक लोगों को नामजद आरोपी बनाया गया है.
पुलिस जांच में हत्या के पीछे पुरानी रंजिश और रंगदारी विवाद की आशंका भी सामने आई है. परिजनों का आरोप है कि घटना से पहले मृतक के चचेरे भाई को लगातार धमकियां दी जा रही थीं और उससे रंगदारी की मांग की गई थी. एसआईटी इन सभी पहलुओं की गहन जांच कर रही है. पुलिस का कहना है कि मामले में शामिल किसी भी आरोपी को बख्शा नहीं जाएगा और जांच में सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी.



