रिम्स बनेगा मेडिकल एजुकेशन हब! MBBS, PG और सुपर स्पेशियलिटी की 250 से ज्यादा सीटें बढ़ाने की तैयारी
झारखंड में चिकित्सा शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करने की दिशा में राज्य सरकार ने एक बड़ा कदम उठाया है. सरकार ने राजेंद्र आयुर्विज्ञान संस्थान (रिम्स), रांची में एमबीबीएस (यूजी), स्नातकोत्तर (पीजी) और सुपर स्पेशियलिटी पाठ्यक्रमों की सीटों में व्यापक वृद्धि की प्रक्रिया शुरू कर दी है.

Ranchi : झारखंड में चिकित्सा शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करने की दिशा में राज्य सरकार ने एक बड़ा कदम उठाया है. सरकार ने राजेंद्र आयुर्विज्ञान संस्थान (रिम्स), रांची में एमबीबीएस (यूजी), स्नातकोत्तर (पीजी) और सुपर स्पेशियलिटी पाठ्यक्रमों की सीटों में व्यापक वृद्धि की प्रक्रिया शुरू कर दी है. स्वास्थ्य, चिकित्सा शिक्षा एवं परिवार कल्याण विभाग के अपर मुख्य सचिव अजय कुमार सिंह ने रिम्स प्रशासन को इस संबंध में विस्तृत प्रस्ताव तैयार करने का निर्देश दिया है. केंद्र सरकार की सहायता से तैयार होने वाली इस योजना का उद्देश्य राज्य में विशेषज्ञ चिकित्सकों की संख्या बढ़ाना, चिकित्सा शिक्षा के अवसरों का विस्तार करना और रिम्स को पूर्वी भारत के प्रमुख चिकित्सा शिक्षण संस्थानों में और मजबूत बनाना है.
केंद्र प्रायोजित योजना के तहत मिलेगा वित्तीय सहयोग
स्वास्थ्य विभाग की ओर से भेजे गए पत्र में बताया गया है कि भारत सरकार मेडिकल कॉलेजों में यूजी, पीजी और सुपर स्पेशियलिटी सीटों की वृद्धि के लिए संचालित केंद्र प्रायोजित योजना के तहत प्रति अतिरिक्त सीट लगभग 1.5 करोड़ रुपये तक की सहायता उपलब्ध करा रही है. योजना के तहत कुल परियोजना लागत का 60 प्रतिशत हिस्सा केंद्र सरकार और 40 प्रतिशत हिस्सा राज्य सरकार वहन करेगी. विभाग ने रिम्स प्रशासन से सीट वृद्धि के लिए आवश्यक अधोसंरचना, भवन, उपकरण और अन्य संसाधनों का विस्तृत प्रस्ताव तैयार करने को कहा है.
रिम्स में सीटों में बड़े पैमाने पर वृद्धि का लक्ष्य
सरकार की प्रस्तावित योजना के अनुसार रिम्स में एमबीबीएस सीटों की संख्या 180 से बढ़ाकर 250 करने का लक्ष्य रखा गया है. वहीं पीजी सीटों को 176 से बढ़ाकर 275 तथा सुपर स्पेशियलिटी सीटों को 11 से बढ़ाकर 100 करने की योजना है. प्रस्ताव तैयार होने के बाद इसे रिम्स की शासी परिषद से अनुमोदित कराया जाएगा और फिर भारत सरकार को भेजा जाएगा. सरकार का मानना है कि सीटों में वृद्धि से राज्य के विद्यार्थियों को चिकित्सा शिक्षा के अधिक अवसर मिलेंगे और विशेषज्ञ डॉक्टरों की कमी दूर करने में मदद मिलेगी.
नए भवनों और आधुनिक अधोसंरचना पर रहेगा जोर
विभाग ने स्पष्ट किया है कि सीटों की वृद्धि के लिए केवल शैक्षणिक विस्तार ही नहीं बल्कि अधोसंरचना विकास पर भी विशेष ध्यान दिया जाएगा. इसके तहत पुराने भवनों के जीर्णोद्धार, जर्जर और अनुपयोगी भवनों को हटाकर नए भवनों का निर्माण तथा आवश्यकता के अनुरूप अतिरिक्त सुविधाओं के विकास का प्रस्ताव भी शामिल किया जा सकता है. रिम्स प्रशासन को सभी आवश्यकताओं का आकलन कर विस्तृत परियोजना रिपोर्ट तैयार करने को कहा गया है.
पीपीपी मॉडल पर बनेंगे छात्रावास, रिम्स-2 को मिलेगी गति
रिम्स-2 परियोजना के अंतर्गत छात्रावास निर्माण को लेकर भी नई रणनीति बनाई जा रही है. राज्य सरकार ने सिद्धांततः निर्णय लिया है कि नए छात्रावासों का निर्माण पब्लिक-प्राइवेट पार्टनरशिप (पीपीपी) मॉडल पर कराया जाए. इसके लिए केंद्र सरकार के वायबिलिटी गैप फंड (वीजीएफ) से अनुदान प्राप्त करने का प्रयास किया जाएगा. सरकार का मानना है कि इससे राज्य पर वित्तीय बोझ कम होगा और आधुनिक सुविधाओं से युक्त छात्रावासों का निर्माण एवं रखरखाव बेहतर तरीके से किया जा सकेगा. साथ ही रिम्स परिसर में पहले से मौजूद छात्रावासों के उन्नयन और भविष्य की जरूरतों का भी आकलन किया जाएगा.


