धार्मिक मंच से नशे के खिलाफ आवाज, युवाओं को सही राह दिखा रहे राजमहल थाना प्रभारी
साहिबगंज के राजमहल थाना प्रभारी हसनैन अंसारी कानून-व्यवस्था की जिम्मेदारी के साथ सामाजिक जागरूकता की पहल भी कर रहे हैं. धार्मिक आयोजनों में पहुंचकर वह युवाओं और अभिभावकों से नशे से दूर रहने, बच्चों को शिक्षा से जोड़ने और गलत संगत से बचाने की अपील कर रहे हैं.

साहिबगंज से अमान की रिपोर्ट -
Sahebganj: कानून-व्यवस्था बनाए रखने की जिम्मेदारी संभालने वाले पुलिस पदाधिकारी जब सामाजिक सुधार के लिए भी पहल करते हैं, तो इसका सकारात्मक संदेश समाज तक पहुंचता है. राजमहल थाना प्रभारी हसनैन अंसारी धार्मिक आयोजनों के मंच से युवाओं को नशे से दूर रहने और सही राह पर चलने की अपील कर रहे हैं. उनकी इस पहल की क्षेत्र में चर्चा हो रही है और सोशल मीडिया पर भी लोग उनकी सराहना कर रहे हैं. थाना प्रभारी का कहना है कि नशे की समस्या केवल राजमहल तक सीमित नहीं है, बल्कि पूरे साहिबगंज जिले के लिए चिंता का विषय है. पुलिस अवैध नशे के कारोबार के खिलाफ कार्रवाई कर रही है, लेकिन इसके साथ सामाजिक जागरूकता भी जरूरी है.
50 से ज्यादा धार्मिक आयोजनों में दे चुके हैं जागरूकता संदेश
थाना प्रभारी हसनैन अंसारी के अनुसार, वह अब तक करीब 50 धार्मिक आयोजनों में शामिल हो चुके हैं. इन कार्यक्रमों में धार्मिक विषयों के साथ-साथ सामाजिक सुधार से जुड़े मुद्दों को भी प्रमुखता से उठाया जाता है. लोगों से नशे से दूर रहने, कानून को अपने हाथ में नहीं लेने, बच्चों को शिक्षा से जोड़ने और युवाओं को गलत संगत से बचाने की अपील की जाती है. उनका मानना है कि धार्मिक और सामाजिक मंचों के जरिए एक साथ बड़ी संख्या में लोगों तक जागरूकता का संदेश पहुंचाया जा सकता है. इसी उद्देश्य से वह आयोजनों के दौरान युवाओं से नशे और अपराध से दूर रहकर शिक्षा तथा बेहतर भविष्य की ओर बढ़ने का आग्रह करते हैं.
नशे के खिलाफ पुलिस कार्रवाई के साथ जागरूकता भी जरूरी
हसनैन अंसारी का कहना है कि नशे की समस्या से निपटने के लिए केवल कानूनी कार्रवाई पर्याप्त नहीं है. पुलिस अवैध नशे के कारोबार के खिलाफ लगातार अभियान चला रही है, लेकिन समाज को जागरूक करना भी उतना ही जरूरी है. युवाओं को नशे की गिरफ्त से बचाने के लिए परिवार, समाज, धार्मिक संस्थाओं और पुलिस को मिलकर प्रयास करना होगा. उनका कहना है कि अगर शुरुआती स्तर पर ही बच्चों और युवाओं को नशे के दुष्प्रभावों के बारे में समझाया जाए और उन्हें सही दिशा दी जाए, तो भविष्य में कई समस्याओं को रोका जा सकता है.
अभिभावक बच्चों की संगत और गतिविधियों पर रखें नजर
थाना प्रभारी ने नाबालिग बच्चों और बच्चियों को गलत रास्ते पर जाने से रोकने के लिए अभिभावकों से भी सजग रहने की अपील की है. उनका कहना है कि माता-पिता को बच्चों की संगत, गतिविधियों और व्यवहार में होने वाले बदलावों पर नजर रखनी चाहिए. समय रहते बच्चों की परेशानियों को समझना और उनसे बातचीत करना जरूरी है. उन्होंने अभिभावकों से अपील की कि बच्चों को केवल अनुशासन के दायरे में रखने के बजाय उन्हें शिक्षा, संस्कार और सकारात्मक गतिविधियों से जोड़ें. युवाओं को सही माहौल और मार्गदर्शन मिलने पर उन्हें नशे और अपराध जैसी गतिविधियों से दूर रखने में मदद मिल सकती है.
धार्मिक आयोजनों में सामाजिक मुद्दों पर चर्चा की जरूरत
स्थानीय लोगों का कहना है कि आमतौर पर पुलिस अधिकारियों की भूमिका कानून-व्यवस्था और अपराध नियंत्रण तक सीमित मानी जाती है. ऐसे में थाना प्रभारी हसनैन अंसारी का धार्मिक आयोजनों में जाकर सामाजिक मुद्दों पर लोगों को जागरूक करना एक सकारात्मक पहल है. लोगों के मुताबिक धार्मिक और सामाजिक कार्यक्रमों में केवल धार्मिक विषयों पर चर्चा करने के साथ नशामुक्ति, शिक्षा, बाल सुरक्षा, महिला सुरक्षा और सामाजिक कुरीतियों जैसे मुद्दों पर भी जागरूकता फैलानी चाहिए. ऐसे मंचों पर बड़ी संख्या में लोग मौजूद रहते हैं, जिससे सामाजिक सुधार का संदेश व्यापक स्तर तक पहुंच सकता है.
नशे के अवैध कारोबार के खिलाफ पुलिस का अभियान
साहिबगंज जिला पुलिस की ओर से नशे के अवैध कारोबार के खिलाफ लगातार अभियान चलाए जाने की बात सामने आई है. पुलिस की कार्रवाई के दौरान नशे के कारोबार से जुड़े कई आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेजा जा चुका है. हालांकि, नशे के खिलाफ लड़ाई को केवल पुलिस की कार्रवाई तक सीमित रखने के बजाय समाज की भागीदारी भी जरूरी मानी जा रही है. स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि परिवार, सामाजिक संगठन, धार्मिक संस्थाएं और युवा मिलकर जागरूकता अभियान चलाएं, तो नशे के खिलाफ अभियान को और मजबूती मिल सकती है.
युवाओं को बेहतर भविष्य की ओर ले जाने की पहल
स्थानीय लोगों के अनुसार जब कानून के रखवाले सामाजिक जिम्मेदारी निभाने के लिए आगे आते हैं, तो इसका असर समाज के अन्य वर्गों पर भी पड़ता है. राजमहल थाना प्रभारी की पहल इसी दिशा में एक प्रयास के रूप में देखी जा रही है. धार्मिक और सामाजिक आयोजनों के जरिए युवाओं को नशे और अपराध से दूर रखने, शिक्षा से जोड़ने और बेहतर भविष्य की ओर बढ़ने का संदेश दिया जा रहा है. क्षेत्र के लोगों का मानना है कि ऐसी जागरूकता मुहिम को लगातार जारी रखने की जरूरत है, ताकि युवाओं को सकारात्मक दिशा मिल सके और समाज में नशे के खिलाफ सामूहिक माहौल तैयार हो.

