पाकिस्तान से जुड़े आतंकी नेटवर्क पर NIA का बड़ा एक्शन, यूपी-बिहार समेत चार राज्यों में 12 ठिकानों पर छापेमारी
देश में सक्रिय आतंकी नेटवर्क और सीमा पार से संचालित साजिशों के खिलाफ राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) ने बड़ा अभियान शुरू किया है. शुक्रवार को एनआईए ने उत्तर प्रदेश, बिहार, राजस्थान और महाराष्ट्र में एक साथ 12 ठिकानों पर छापेमारी की.

देश में सक्रिय आतंकी नेटवर्क और सीमा पार से संचालित साजिशों के खिलाफ राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) ने बड़ा अभियान शुरू किया है. शुक्रवार को एनआईए ने उत्तर प्रदेश, बिहार, राजस्थान और महाराष्ट्र में एक साथ 12 ठिकानों पर छापेमारी की. जांच एजेंसी के मुताबिक यह कार्रवाई पाकिस्तान से संचालित एक आतंकी मॉड्यूल से जुड़े इनपुट के आधार पर की गई है. प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि पाकिस्तान में बैठा एक हैंडलर ड्रोन के जरिए भारत में हथियार, गोला-बारूद और विस्फोटक सामग्री पहुंचाने की साजिश में शामिल था. एजेंसी अब इस पूरे नेटवर्क, उसके भारतीय संपर्कों और संभावित आतंकी योजनाओं की गहन जांच कर रही है. सुरक्षा एजेंसियां इस मामले को राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़ा गंभीर मामला मान रही हैं और कई इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों व डिजिटल सबूतों की भी जांच की जा रही है.
चार राज्यों में एक साथ NIA की छापेमारी
एनआईए अधिकारियों के अनुसार उत्तर प्रदेश में पांच, महाराष्ट्र में तीन, राजस्थान में दो और बिहार में दो स्थानों पर तलाशी अभियान चलाया गया. यह कार्रवाई उन संदिग्ध व्यक्तियों और ठिकानों को केंद्र में रखकर की गई, जिनके इस नेटवर्क से जुड़े होने की आशंका है. जांच एजेंसी को उम्मीद है कि छापेमारी के दौरान मिले दस्तावेज, मोबाइल फोन, लैपटॉप और अन्य डिजिटल उपकरण इस पूरे मॉड्यूल की गतिविधियों पर महत्वपूर्ण जानकारी दे सकते हैं. केंद्रीय सुरक्षा एजेंसियां भी इस अभियान में एनआईए का सहयोग कर रही हैं.
ड्रोन के जरिए हथियार पहुंचाने की साजिश
जांच में सामने आया है कि इस कथित साजिश का प्रमुख सूत्रधार पाकिस्तान में बैठा ऑपरेटिव जसवीर चौधरी है. एजेंसी के अनुसार उसने भारत में मौजूद अपने सहयोगियों के साथ मिलकर भारत-पाकिस्तान सीमा के जरिए ड्रोन ड्रॉप ऑपरेशन चलाया. आरोप है कि इस माध्यम से हथियार, गोला-बारूद और आईईडी जैसी विस्फोटक सामग्री भारत पहुंचाई गई. जांच एजेंसियों का मानना है कि ड्रोन के जरिए हथियार भेजने की यह रणनीति हाल के वर्षों में सीमा पार आतंकी नेटवर्क द्वारा अपनाए जा रहे नए तरीकों का हिस्सा है.
दिल्ली और पंजाब समेत कई इलाकों को बनाया गया था निशाना
अधिकारियों के अनुसार इस नेटवर्क का उद्देश्य केवल हथियारों की तस्करी नहीं था. जांच में ऐसे संकेत मिले हैं कि इन हथियारों और विस्फोटकों का इस्तेमाल पंजाब, दिल्ली और देश के अन्य हिस्सों में आतंकी गतिविधियों के लिए किया जा सकता था. एजेंसियां इस बात की जांच कर रही हैं कि नेटवर्क किस स्तर तक सक्रिय था और उसके संपर्क किन-किन राज्यों तक फैले हुए थे. फिलहाल बरामद सामग्रियों और डिजिटल डेटा का विश्लेषण किया जा रहा है ताकि संभावित साजिश की पूरी तस्वीर सामने लाई जा सके.
सिरसा ग्रेनेड हमला जांच से भी जुड़े संकेत
एनआईए की हालिया कार्रवाई ऐसे समय में हुई है जब एजेंसी ने कुछ दिन पहले हरियाणा के सिरसा महिला पुलिस स्टेशन पर हुए ग्रेनेड हमले के मामले में नौ आरोपियों के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की थी. उस मामले में भी दो पाकिस्तानी हैंडलरों के नाम सामने आए थे. जांच में खुलासा हुआ था कि सोशल मीडिया और एन्क्रिप्टेड मैसेजिंग प्लेटफॉर्म के जरिए युवाओं को जोड़कर मॉड्यूल तैयार किया गया था. एजेंसियां अब यह भी जांच कर रही हैं कि क्या मौजूदा मामले और पहले सामने आए आतंकी मॉड्यूल के बीच कोई संबंध है. फिलहाल फरार संदिग्धों की तलाश जारी है और एनआईए पूरे नेटवर्क की परतें खोलने में जुटी हुई है.

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