नेहरू कप हॉकी: ग्रामीण खिलाड़ियों के लिए स्कूली प्रतियोगिता बनी बड़ा मंच
“रांची में आयोजित राज्य स्तरीय नेहरू हॉकी प्रतियोगिता ग्रामीण और स्कूली खिलाड़ियों के लिए अपनी प्रतिभा दिखाने का अहम मंच बन रही है. तीन आयु वर्गों में हो रहे मुकाबलों में झारखंड के विभिन्न जिलों की टीमें हिस्सा ले रही हैं.”

रांची: राज्य स्तरीय जवाहरलाल नेहरू हॉकी प्रतियोगिता के दूसरे दिन रांची के विभिन्न मैदानों पर स्कूली खिलाड़ियों का उत्साह देखते ही बना. झारखंड के अलग-अलग जिलों से पहुंची टीमों के खिलाड़ियों ने पूरे जोश और आत्मविश्वास के साथ मुकाबलों में हिस्सा लिया. प्रतियोगिता का सबसे खास पहलू यह रहा कि ग्रामीण इलाकों से आने वाले विद्यार्थियों को भी राज्य स्तर पर अपनी हॉकी प्रतिभा दिखाने का अवसर मिल रहा है. कई खिलाड़ियों के लिए स्कूल स्तर से आगे बढ़ने और बड़े मंच तक पहुंचने का यह महत्वपूर्ण मौका है. खिलाड़ियों और कोचों का मानना है कि ऐसी प्रतियोगिताएं प्रतिभाओं की पहचान करने के साथ उन्हें आगे बेहतर प्रशिक्षण और प्रतिस्पर्धी माहौल उपलब्ध कराने में मदद करती हैं. तीन दिवसीय आयोजन में अलग-अलग आयु वर्गों के मुकाबले खेले जा रहे हैं और विजेता टीम को राष्ट्रीय स्तर पर अपनी प्रतिभा दिखाने का अवसर मिलेगा.
रांची के दो प्रमुख मैदानों पर हो रहे मुकाबले
झारखंड शिक्षा परियोजना परिषद की ओर से आयोजित प्रतियोगिता के मुकाबले मरांग गोमके जयपाल सिंह मुंडा एस्ट्रोटर्फ हॉकी स्टेडियम, मोरहाबादी और सीएम स्कूल ऑफ एक्सीलेंस, बरियातू में खेले जा रहे हैं. राज्य के विभिन्न जिलों से आई स्कूली टीमें इन मैदानों पर अपनी चुनौती पेश कर रही हैं.
ग्रामीण खिलाड़ियों को मिल रहा आगे बढ़ने का अवसर
ग्रामीण क्षेत्रों से आने वाले कई खिलाड़ियों के लिए स्कूल स्तर की प्रतियोगिताएं खेल जगत में आगे बढ़ने का अहम जरिया बन रही हैं. खिलाड़ियों के मुताबिक, हर विद्यार्थी के लिए सीधे खेल विभाग की प्रशिक्षण व्यवस्था या बड़ी प्रतियोगिताओं तक पहुंच बनाना आसान नहीं होता. ऐसे में स्कूली प्रतियोगिताओं के जरिए उन्हें अपनी क्षमता दिखाने का अवसर मिलता है.
स्कूल और खेल व्यवस्था का तालमेल जरूरी
कोच और आयोजन से जुड़े लोगों का कहना है कि प्रतिभाशाली खिलाड़ियों को शुरुआती स्तर पर पहचानना बेहद जरूरी है. स्कूलों में नियमित प्रतियोगिताओं के आयोजन से ऐसे विद्यार्थियों को सामने लाया जा सकता है, जिन्हें आगे विशेषज्ञ प्रशिक्षण और बेहतर प्रतियोगिताओं के अवसर दिए जा सकें.
मैदान पर सीख रहे अनुशासन और टीम भावना
हॉकी मुकाबलों के साथ खिलाड़ियों को टीमवर्क, अनुशासन और प्रतिस्पर्धा का व्यावहारिक अनुभव भी मिल रहा है. अलग-अलग जिलों के खिलाड़ियों के साथ खेलने से उन्हें अपनी कमियों और खूबियों को समझने का मौका मिल रहा है. कोचों के अनुसार, यही अनुभव भविष्य की प्रतियोगिताओं में खिलाड़ियों के काम आ सकता है.
तीन आयु वर्गों में हो रही प्रतियोगिता
इस राज्य स्तरीय प्रतियोगिता में अंडर-15 बालक, अंडर-17 बालिका और अंडर-17 बालक वर्ग के मुकाबले शामिल हैं. अलग-अलग जिलों की टीमें प्रतियोगिता में हिस्सा ले रही हैं. मुकाबले 21 सितंबर तक चलेंगे. प्रतियोगिता में बेहतर प्रदर्शन करने वाली विजेता टीम को दिल्ली में आयोजित राष्ट्रीय स्तर के नेहरू कप हॉकी प्रतियोगिता में झारखंड का प्रतिनिधित्व करने का अवसर मिलेगा.


