चाईबासा मुठभेड़: 45 मिनट की फायरिंग में 1 लाख का इनामी नक्सली इसराइल पूर्ति ढेर
पश्चिमी सिंहभूम जिले के टोंटो थाना क्षेत्र के रूटुगुटू जंगल में सुरक्षाबलों को एक बड़ी सफलता हाथ लगी है, जहां करीब 45 मिनट तक चली मुठभेड़ में एक लाख रुपये का इनामी नक्सली इसराइल पूर्ति उर्फ अमृत मारा गया.

Jamshedpur: पश्चिमी सिंहभूम जिले के टोंटो थाना क्षेत्र के रूटुगुटू जंगल में सुरक्षाबलों को एक बड़ी सफलता हाथ लगी है, जहां करीब 45 मिनट तक चली मुठभेड़ में एक लाख रुपये का इनामी नक्सली इसराइल पूर्ति उर्फ अमृत मारा गया. यह ऑपरेशन सीआरपीएफ की कोबरा बटालियन और जिला पुलिस की संयुक्त टीम द्वारा खुफिया सूचना के आधार पर चलाया गया था. मुठभेड़ के दौरान नक्सलियों के एक सुरक्षित ठिकाने को भी ध्वस्त कर दिया गया और मौके से भारी मात्रा में हथियार व नक्सली सामग्री बरामद की गई. इस कार्रवाई को कोल्हान क्षेत्र में सक्रिय नक्सल नेटवर्क के खिलाफ एक बड़ा झटका माना जा रहा है. सुरक्षाबलों की इस पहल से क्षेत्र में नक्सलियों की गतिविधियों पर प्रभाव पड़ने की उम्मीद जताई जा रही है, साथ ही शांति बहाली की दिशा में इसे अहम कदम माना जा रहा है.
खुफिया सूचना पर शुरू हुआ ऑपरेशन
पुलिस के अनुसार, 24 अप्रैल की रात गोइलकेरा थाना क्षेत्र के दुगुनिया गांव में नक्सलियों ने पूर्व नक्सली रमेश चांपिया की हत्या कर दी थी. इस घटना के बाद नक्सली सागेन अंगरिया के नेतृत्व में जंगलों में छिप गए थे. घटना के बाद पुलिस को खुफिया सूचना मिली कि यह दस्ता कोल्हान के जंगलों में सक्रिय है. इसी सूचना के आधार पर सीआरपीएफ और जिला पुलिस ने संयुक्त रूप से सर्च ऑपरेशन शुरू किया. कई दिनों तक लगातार जंगलों में कॉम्बिंग की गई, ताकि नक्सलियों के ठिकानों और गतिविधियों का पता लगाया जा सके.
45 मिनट तक चली मुठभेड़
बुधवार तड़के रूटुगुटू जंगल में सुरक्षाबलों और नक्सलियों के बीच आमना-सामना हो गया. इसके बाद दोनों ओर से करीब 45 मिनट तक लगातार फायरिंग हुई. सुरक्षाबलों की रणनीति और दबाव के चलते नक्सली बिखर गए. इस मुठभेड़ में इसराइल पूर्ति मारा गया, जबकि उसके अन्य साथी घने जंगलों का फायदा उठाकर भागने में सफल रहे. मुठभेड़ खत्म होने के बाद सुरक्षाबलों ने पूरे इलाके में सघन तलाशी अभियान चलाया. इस दौरान हथियार, विस्फोटक सामग्री और अन्य नक्सली सामान बरामद किया गया.
इसराइल पूर्ति की भूमिका
इसराइल पूर्ति गोइलकेरा थाना क्षेत्र के सांगाजाटा गांव का निवासी था और नक्सली संगठन में सक्रिय भूमिका निभा रहा था. वह सागेन दस्ते का अहम सदस्य था और एरिया कमांडर स्तर के नक्सलियों का करीबी माना जाता था. जंगलों की अच्छी जानकारी होने के कारण वह दस्ते को सुरक्षित रास्ते उपलब्ध कराता था. इसके अलावा वह सुरक्षाबलों की गतिविधियों पर नजर रखने में भी मदद करता था. उसके खिलाफ कई गंभीर मामले दर्ज थे, जिनमें हत्या, अपहरण और आईईडी ब्लास्ट जैसी घटनाएं शामिल हैं.
हत्याकांड से जुड़ा था कनेक्शन
पुलिस जांच में सामने आया कि इसराइल पूर्ति हाल ही में हुए रमेश चांपिया हत्याकांड में भी शामिल था. रमेश पर नक्सलियों ने पुलिस का मुखबिर होने का आरोप लगाया था. इस घटना के बाद नक्सलियों की गतिविधियां बढ़ गई थीं, जिससे इलाके में डर का माहौल बन गया था. सुरक्षाबलों ने इस मामले को गंभीरता से लेते हुए ऑपरेशन तेज कर दिया. इसी कड़ी में इसराइल पूर्ति की लोकेशन ट्रेस की गई और उसे मुठभेड़ में मार गिराया गया. इस कार्रवाई को उस हत्याकांड का जवाब भी माना जा रहा है.
नक्सली ठिकाना ध्वस्त
मुठभेड़ के बाद सुरक्षाबलों ने नक्सलियों के एक सुरक्षित ठिकाने को भी नष्ट कर दिया. इस ठिकाने का इस्तेमाल नक्सली योजना बनाने और हथियार छिपाने के लिए करते थे. तलाशी के दौरान वहां से कई जरूरी दस्तावेज, हथियार और विस्फोटक सामग्री बरामद हुई. अधिकारियों के अनुसार, इस ठिकाने के नष्ट होने से नक्सलियों की गतिविधियों को बड़ा नुकसान पहुंचा है. इससे उनके नेटवर्क को कमजोर करने में मदद मिलेगी. साथ ही सुरक्षाबलों को इलाके में आगे की कार्रवाई के लिए अहम जानकारी भी प्राप्त हुई है.
नक्सल नेटवर्क पर असर
एसपी अमित रेणु ने बताया कि कोल्हान क्षेत्र में 20 से 30 हथियारबंद नक्सलियों के सक्रिय होने की सूचना है. इसी के मद्देनजर बड़े पैमाने पर सर्च ऑपरेशन चलाया जा रहा है. सैकड़ों जवानों की तैनाती कर पूरे इलाके की घेराबंदी की गई है. जानकारी के अनुसार, नक्सली सारंडा क्षेत्र से निकलकर कोल्हान के जंगलों में छिपे हुए हैं. इस कार्रवाई के बाद उनके नेटवर्क पर असर पड़ना तय माना जा रहा है. सुरक्षाबलों की यह रणनीति क्षेत्र में शांति स्थापित करने और नक्सली गतिविधियों को नियंत्रित करने में अहम भूमिका निभाएगी.

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