दलाल स्ट्रीट में हाहाकार! 852 अंक टूटा सेंसेक्स, ₹3 लाख करोड़ स्वाहा
भारतीय शेयर बाजार में भारी बिकवाली के चलते सेंसेक्स 852 अंक टूटकर बंद हुआ और निफ्टी 24,200 के नीचे फिसल गया. वैश्विक संकेतों, कच्चे तेल की कीमतों और विदेशी निवेशकों की बिकवाली से निवेशकों को करीब ₹3 लाख करोड़ का नुकसान हुआ, जिससे बाजार में हड़कंप मच गया.


घरेलू शेयर बाजार में गुरुवार को बिकवाली का दबाव और गहरा गया. सप्ताह के लगातार दूसरे कारोबारी दिन सेंसेक्स और निफ्टी भारी गिरावट के साथ बंद हुए. दोपहर 3:30 बजे तक के अपडेट्स के मुताबिक, बीएसई सेंसेक्स 850 अंकों से ज्यादा टूटकर 77,664 के स्तर पर बंद हुआ, जबकि निफ्टी 24,200 के नीचे फिसल गया. वैश्विक बाजारों से कमजोर संकेत, कच्चे तेल की कीमतों में तेज उछाल, अमेरिकी-ईरान तनाव और विदेशी निवेशकों की लगातार बिकवाली ने निवेशकों का भरोसा हिला दिया. ऑटो, बैंकिंग और कंज्यूमर ड्यूरेबल्स शेयरों में तेज गिरावट देखने को मिली, जबकि फार्मा सेक्टर ने थोड़ी मजबूती दिखाई. इस भारी बिकवाली के बीच निवेशकों की संपत्ति करीब ₹3 लाख करोड़ घट गई, जिससे बाजार में हड़कंप का माहौल बन गया.
सेंसेक्स 852 अंक टूटा, निफ्टी 24,200 के नीचे बंद
गुरुवार को बाजार की शुरुआत ही कमजोर रही और पूरे दिन बिकवाली का दबाव बना रहा. कारोबार के अंत में सेंसेक्स 852.49 अंक टूटकर 77,664 पर बंद हुआ, जबकि निफ्टी 205 अंक की गिरावट के साथ 24,173 पर आ गया. दिन के दौरान सेंसेक्स ने 77,693 का निचला स्तर भी छुआ. लगातार दूसरे दिन आई इस गिरावट ने निवेशकों की चिंता बढ़ा दी है.
इन सेक्टर्स में सबसे ज्यादा हाहाकार
आज की गिरावट में सबसे ज्यादा दबाव ऑटो, वित्तीय सेवाओं और PSU बैंकिंग शेयरों में देखने को मिला. निफ्टी ऑटो इंडेक्स करीब 2.4% टूटा, जबकि बैंकिंग और फाइनेंशियल स्टॉक्स में 1% से ज्यादा गिरावट रही. टेक शेयरों पर भी दबाव दिखा और आईटी कंपनियों में बिकवाली तेज रही. हालांकि, फार्मा सेक्टर ने बाजार को कुछ सहारा देने की कोशिश की. निफ्टी फार्मा 2% से ज्यादा चढ़ा, लेकिन बाकी सेक्टर्स की भारी बिकवाली के सामने यह मजबूती टिक नहीं पाई.
गिरावट की बड़ी वजहें क्या रहीं?
बाजार में गिरावट की सबसे बड़ी वजह कच्चे तेल की कीमतों का 100 डॉलर प्रति बैरल के ऊपर पहुंचना रहा. अमेरिका और ईरान के बीच तनाव बढ़ने से सप्लाई को लेकर चिंता बढ़ी है. इसके साथ ही रुपये में कमजोरी और विदेशी निवेशकों की लगातार बिकवाली ने सेंटीमेंट और खराब किया. HSBC ने भारतीय इक्विटी पर अपना आउटलुक घटाकर “underweight” कर दिया है, जिससे बाजार में और दबाव बढ़ा. विदेशी निवेशकों ने अप्रैल में भारी बिकवाली की है, जिसने बाजार की दिशा को और कमजोर किया.
निवेशकों की दौलत ₹3 लाख करोड़ घटी
बीएसई पर लिस्टेड कंपनियों का कुल मार्केट कैप एक दिन में करीब ₹2.99 लाख करोड़ घट गया. बुधवार को जहां कुल मार्केट कैप ₹469.36 लाख करोड़ था, वहीं गुरुवार को यह घटकर ₹466.37 लाख करोड़ पर आ गया. यानी सिर्फ एक कारोबारी सत्र में निवेशकों की संपत्ति करीब ₹3 लाख करोड़ डूब गई. मिडकैप और स्मॉलकैप शेयरों में भी दबाव बना रहा, जिससे बाजार की चौतरफा कमजोरी साफ दिखी.

specializes in local and regional stories, bringing simple, factual, and timely updates to readers.
Related Posts




Leave a comment