विधायक-आईएएस मुलाकात पर बवाल, सुनील कुमार के रवैये को लेकर सियासत गरम, मरांडी का हमला
राजधानी Ranchi में विधायक मंजू कुमारी और आईएएस अधिकारी सुनील कुमार की मुलाकात के बाद विवाद खड़ा हो गया है. अधिकारी के कथित रवैये को लेकर विपक्ष ने सवाल उठाए हैं. नेता प्रतिपक्ष Babulal Marandi ने मामले को गंभीर बताते हुए मुख्यमंत्री से जांच और कार्रवाई की मांग की है.


Ranchi: झारखंड में जमुआ विधानसभा क्षेत्र की विधायक मंजू कुमारी और पथ निर्माण विभाग के प्रधान सचिव सुनील कुमार के बीच हुई मुलाकात के बाद एक नया विवाद सामने आया है. विधायक अपने क्षेत्र की सड़कों और विकास कार्यों से जुड़ी समस्याओं को लेकर विभागीय स्तर पर चर्चा करने पहुंची थीं. यह एक सामान्य शिष्टाचार मुलाकात मानी जा रही थी, लेकिन बाद में अधिकारी के व्यवहार को लेकर सवाल उठने लगे. विपक्ष ने इस पूरे घटनाक्रम को मुद्दा बनाते हुए सरकार पर निशाना साधा है. नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी ने मामले को गंभीर बताते हुए मुख्यमंत्री से हस्तक्षेप और कार्रवाई की मांग की है. हालांकि, विधायक की ओर से सार्वजनिक रूप से किसी तरह के अपमान की पुष्टि नहीं की गई है, जिससे मामले को लेकर अलग-अलग व्याख्याएं सामने आ रही हैं.
मुलाकात के बाद कैसे शुरू हुआ विवाद
जमुआ विधायक मंजू कुमारी हाल ही में पथ निर्माण विभाग के प्रधान सचिव सुनील कुमार से मिलने पहुंची थीं. इस दौरान उन्होंने अपने क्षेत्र की जर्जर सड़कों की मरम्मत, नई सड़कों के निर्माण और अन्य बुनियादी सुविधाओं से जुड़े मुद्दे उठाए. मुलाकात को लेकर शुरुआत में कोई विवाद सामने नहीं आया, लेकिन बाद में कुछ तस्वीरें और दावे सामने आए, जिनमें अधिकारी के व्यवहार पर सवाल खड़े किए गए. इन्हीं दावों के आधार पर राजनीतिक हलकों में चर्चा तेज हो गई और मामला धीरे-धीरे सार्वजनिक बहस का विषय बन गया.
विपक्ष ने उठाए सवाल, मरांडी की प्रतिक्रिया
नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी ने इस मुद्दे को लेकर राज्य सरकार पर सवाल उठाए हैं. उन्होंने कहा कि यदि किसी जनप्रतिनिधि के साथ शिष्टाचार के अनुरूप व्यवहार नहीं होता है, तो यह लोकतांत्रिक व्यवस्था के लिए चिंता का विषय है. मरांडी ने मुख्यमंत्री से मामले में संज्ञान लेने और तथ्यों की जांच कराने की मांग की है. साथ ही उन्होंने प्रशासनिक व्यवस्था में जवाबदेही सुनिश्चित करने की बात कही है. विपक्ष के अन्य नेताओं ने भी इस मामले को लेकर अपनी प्रतिक्रिया दी है, जिससे राजनीतिक माहौल गरमाया हुआ है.
सरकार और विधायक की चुप्पी से बनी असमंजस की स्थिति
विवाद के बीच अब तक सरकार या संबंधित अधिकारी की ओर से कोई विस्तृत आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है. वहीं, विधायक मंजू कुमारी ने अपनी सार्वजनिक प्रतिक्रिया में मुलाकात को सामान्य बताया है और किसी विवाद की स्पष्ट पुष्टि नहीं की है. ऐसे में पूरे मामले को लेकर स्थिति पूरी तरह साफ नहीं हो पाई है. राजनीतिक बयानबाजी और दावों के बीच अब निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि सरकार इस मामले में कोई औपचारिक प्रतिक्रिया या जांच की घोषणा करती है या नहीं.

specializes in local and regional stories, bringing simple, factual, and timely updates to readers.


Leave a comment