गंडक नदी के पास पुल निर्माण के दौरान बड़ा हादसा, 6 कर्मचारी घायल; दो की हालत गंभीर
बिहार के वैशाली में भारतमाला परियोजना के तहत बन रहे निर्माणाधीन पुल का भारी लॉन्चर अचानक गिर गया. हादसे में छह कर्मचारी घायल हुए हैं, जिनमें दो की हालत गंभीर बताई जा रही है. पुलिस-प्रशासन की टीम मौके पर पहुंचकर राहत और बचाव अभियान चला रही है.

Vaishali: बिहार के वैशाली जिले में भारतमाला परियोजना के तहत बन रहे एनएच-139डब्ल्यू फोरलेन पर गुरुवार को बड़ा हादसा हो गया. लालगंज थाना क्षेत्र के जलालपुर गांव के पास गंडक नदी के समीप निर्माणाधीन पुल का भारी-भरकम लॉन्चर अचानक गिर गया. हादसे में साइट पर काम कर रहे छह कर्मचारी घायल हो गए, जिनमें दो की हालत गंभीर बताई जा रही है. घटना के बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई. सहकर्मियों और स्थानीय लोगों की मदद से घायलों को लालगंज रेफरल अस्पताल पहुंचाया गया. गंभीर रूप से घायल दो कर्मचारियों को प्राथमिक उपचार के बाद सदर अस्पताल रेफर किया गया. हादसे के बाद पुलिस और प्रशासन की टीम मौके पर पहुंची और राहत-बचाव कार्य शुरू कराया.
निर्माण के दौरान अचानक गिरा भारी लॉन्चर
जानकारी के मुताबिक छपरा-सोनपुर-वैशाली मार्ग पर भारतमाला परियोजना के तहत फोरलेन सड़क और पुल निर्माण का काम चल रहा है. इसी परियोजना के तहत लालगंज के जलालपुर गांव के समीप गंडक नदी पर पुल का निर्माण किया जा रहा था. गुरुवार को निर्माण कार्य के दौरान पुल का भारी लॉन्चर अचानक भरभरा कर नीचे गिर गया. लॉन्चर के गिरते ही निर्माण स्थल पर मौजूद कर्मचारियों के बीच अफरा-तफरी मच गई. प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार कुछ ही देर में पूरा इलाका धूल और मलबे से भर गया. हादसे की आवाज सुनकर आसपास के लोग भी मौके पर पहुंच गए. स्थानीय लोगों और सहकर्मियों ने तुरंत राहत कार्य शुरू किया और घायलों को बाहर निकालकर अस्पताल पहुंचाया. प्रशासन ने घटनास्थल का निरीक्षण कर हादसे की परिस्थितियों की जानकारी जुटानी शुरू कर दी है.
छह कर्मचारी घायल, दो की हालत गंभीर
हादसे में साइट पर काम कर रहे छह कर्मचारियों के घायल होने की जानकारी सामने आई है. सभी घायलों को तत्काल लालगंज रेफरल अस्पताल ले जाया गया, जहां उनका उपचार शुरू किया गया. डॉक्टरों ने प्राथमिक उपचार के बाद दो गंभीर रूप से घायल कर्मचारियों को बेहतर इलाज के लिए सदर अस्पताल रेफर कर दिया. हादसे की जानकारी मिलते ही घायलों के परिजन और स्थानीय ग्रामीण भी अस्पताल पहुंच गए. इससे अस्पताल परिसर में कुछ समय के लिए भीड़ और अफरा-तफरी की स्थिति बन गई. परिजन अपने-अपने रिश्तेदारों की स्थिति जानने के लिए अस्पताल में जुटे रहे. वहीं, घटनास्थल पर भी राहत-बचाव कार्य जारी रहा. कुछ स्थानीय सूत्रों की ओर से मलबे में लोगों के दबे होने की आशंका भी जताई गई थी, हालांकि इस संबंध में प्रशासन की ओर से आधिकारिक पुष्टि का इंतजार है.
मलबे में दबे लोगों की आशंका, बचाव अभियान जारी
लॉन्चर गिरने के बाद निर्माण स्थल पर बड़े पैमाने पर मलबा फैल गया. इसके बाद राहत और बचाव दल ने भारी मशीनों की मदद से मलबा हटाने का काम शुरू किया. मौके पर मौजूद बचावकर्मी यह सुनिश्चित करने में जुटे हैं कि कोई कर्मचारी मलबे के नीचे फंसा न रह गया हो. जरूरत पड़ने पर गैस कटर की मदद से लोहे के हिस्सों को काटकर रास्ता बनाया जा रहा है. पुलिस और प्रशासन की टीमें भी घटनास्थल पर मौजूद हैं. हादसे के बाद आसपास के क्षेत्र में लोगों की भीड़ जमा हो गई थी, जिसे नियंत्रित करने के लिए पुलिस को हस्तक्षेप करना पड़ा. प्रशासन की प्राथमिकता घायलों को सुरक्षित अस्पताल पहुंचाने और संभावित रूप से फंसे लोगों की तलाश पूरी करने की है. बचाव अभियान पूरा होने के बाद ही हादसे में कुल नुकसान की स्पष्ट जानकारी सामने आने की उम्मीद है.
ग्रामीणों ने निर्माण स्थल की सुरक्षा पर उठाए सवाल
हादसे के बाद स्थानीय ग्रामीणों और परिजनों ने निर्माण स्थल पर सुरक्षा व्यवस्था को लेकर सवाल उठाए. उनका आरोप है कि इतनी बड़ी राष्ट्रीय राजमार्ग परियोजना में काम करने वाले कर्मचारियों की सुरक्षा के लिए पर्याप्त इंतजाम होने चाहिए. ग्रामीणों ने निर्माण कार्य के दौरान सुरक्षा उपकरणों के इस्तेमाल और तकनीकी मानकों के पालन की जांच की मांग की. कुछ लोगों ने यह भी आरोप लगाया कि हादसे की जानकारी मिलने के बाद परियोजना से जुड़े कुछ अधिकारी और ठेकेदार मौके से चले गए, जिससे ग्रामीणों में नाराजगी बढ़ी. हालांकि, इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि अभी नहीं हुई है. ग्रामीणों ने प्रशासन से पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने और यदि किसी स्तर पर लापरवाही सामने आती है तो जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई करने की मांग की है.
पुलिस और प्रशासन ने संभाली स्थिति
हादसे की सूचना मिलते ही स्थानीय थाना पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी घटनास्थल पर पहुंचे. अधिकारियों ने मौके का निरीक्षण किया और राहत-बचाव अभियान की निगरानी की. हादसे के बाद बड़ी संख्या में ग्रामीण घटनास्थल पर जमा हो गए थे. स्थिति को देखते हुए पुलिस ने लोगों को समझाकर शांत कराया और बचाव कार्य में व्यवधान न डालने की अपील की. प्रशासन की ओर से हादसे के कारणों की जानकारी जुटाई जा रही है. फिलहाल प्राथमिकता घायलों के इलाज और यदि कोई व्यक्ति मलबे में फंसा है तो उसे सुरक्षित बाहर निकालने की है. अधिकारियों ने निर्माण स्थल की स्थिति का जायजा लेकर संबंधित एजेंसी से भी जानकारी मांगी है. जांच पूरी होने के बाद हादसे के लिए जिम्मेदारी तय किए जाने की बात कही जा रही है.
तकनीकी खामी या लापरवाही, जांच के बाद होगा खुलासा
निर्माणाधीन पुल का लॉन्चर आखिर किस वजह से गिरा, इसकी जांच शुरू कर दी गई है. प्रशासन और संबंधित विभाग यह पता लगाने में जुटे हैं कि हादसा किसी तकनीकी खामी, निर्माण प्रक्रिया में चूक या किसी अन्य वजह से हुआ. साथ ही निर्माण स्थल पर सुरक्षा मानकों के पालन की भी जांच की जाएगी. इतने बड़े इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट में इस्तेमाल होने वाले भारी उपकरणों की तकनीकी स्थिति और निर्माण प्रक्रिया की सुरक्षा व्यवस्था की जांच महत्वपूर्ण मानी जा रही है. अधिकारियों के मुताबिक जांच में यदि किसी तरह की लापरवाही सामने आती है तो संबंधित लोगों के खिलाफ नियमानुसार कानूनी कार्रवाई की जाएगी. फिलहाल प्रशासन की ओर से हादसे में हुए नुकसान और सभी घायलों की स्थिति को लेकर विस्तृत आधिकारिक रिपोर्ट का इंतजार है. जांच रिपोर्ट आने के बाद ही हादसे की वास्तविक वजह और जिम्मेदारी पूरी तरह स्पष्ट हो सकेगी.

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