अमेरिका में भारतीय नागरिक कल्पेशकुमार रसिकभाई पटेल FBI की मोस्ट वॉन्टेड लिस्ट में शामिल
“अमेरिका में बड़े पैमाने पर धोखाधड़ी और कॉल-फ्रॉड रैकेट चलाने के आरोप में भारतीय मूल के कल्पेशकुमार रसिकभाई पटेल उर्फ केनी पटेल को FBI ने मोस्ट वॉन्टेड की सूची में शामिल किया है. एजेंसी ने उन्हें भगोड़ा घोषित करते हुए जनता से सूचना देने की अपील की है.”

अमेरिका में बड़े पैमाने पर धोखाधड़ी और कॉल-फ्रॉड रैकेट चलाने के आरोप में भारतीय मूल के कल्पेशकुमार रसिकभाई पटेल उर्फ केनी पटेल को FBI ने मोस्ट वॉन्टेड की सूची में शामिल किया है. एजेंसी ने उन्हें भगोड़ा घोषित करते हुए जनता से सूचना देने की अपील की है. FBI के अनुसार, पटेल ने 2017 से 2021 के बीच अमेरिका में कई नागरिकों को ठगी का शिकार बनाया. आरोप है कि वह और उनके सहयोगी खुद को सरकारी अधिकारी बताते और पीड़ितों को डराकर नकद राशि या प्रीपेड डेबिट कार्ड के माध्यम से पैसे ऐंठते थे.
कल्पेशकुमार पटेल कौन हैं?
कल्पेशकुमार रसिकभाई पटेल का जन्म 17 मई 1991 को भारत में हुआ था. उन्हें कई नामों से जाना जाता है, जिनमें केनी, कल्पेश पटेल, मेको और कल्पेशकुमार रसिकभाई पटेल शामिल हैं. उनके पेशेवर जीवन की बात करें तो वह पहले फ्यूल स्टेशन अटेंडेंट, कैशियर और स्टोर वर्कर के रूप में काम कर चुके हैं. FBI के अनुसार वह वर्तमान में Illinois और Pennsylvania के बीच कहीं रह रहे हैं और लगातार अपनी लोकेशन बदल रहे हैं ताकि गिरफ्तारी से बचा जा सके. FBI ने स्पष्ट किया है कि पटेल ने कॉल-फ्रॉड और वायर फ्रॉड के जरिए अमेरिका में नागरिकों को ठगी के लिए निशाना बनाया. आरोप है कि पटेल और उनके सहयोगी पीड़ितों को फोन करते और डराते हुए बताते कि उनकी पहचान किसी आपराधिक गतिविधि से जुड़ी है. इससे प्रभावित लोग नकद और प्रीपेड डेबिट कार्ड के जरिए पैसे भेजने के लिए मजबूर हो जाते थे. इस तरह का रैकेट पूरे अमेरिका में फैलाया गया और हजारों नागरिक इसके शिकार बने. 22 जून 2023 को केंटकी की डिस्ट्रिक्ट कोर्ट ने कल्पेशकुमार पटेल के खिलाफ मेल फ्रॉड और वायर फ्रॉड साजिश के आरोप में गिरफ्तारी वारंट जारी किया. हालांकि, वह अब तक फरार हैं. FBI ने इस मामले में उनकी लोकेशन के बारे में जानकारी देने वाले को इनाम देने की घोषणा की है.
अन्य भारतीय नागरिक भी वॉन्टेड लिस्ट में
FBI ने इसी समय अपनी मोस्ट वॉन्टेड लिस्ट में एक अन्य भारतीय नागरिक भद्रेशकुमार चेतनभाई पटेल को भी शामिल किया है. 12 अप्रैल 2015 को मैरीलैंड के हैनोवर में अपनी पत्नी की हत्या के बाद वह फरार हो गए थे. अधिकारियों का कहना है कि भद्रेशकुमार अब 35 वर्ष के करीब होंगे और उन्हें हथियारबंद तथा बेहद खतरनाक माना जाता है.
एफबीआई की चेतावनी और इनाम
एफबीआई ने बताया कि इस सूची में शामिल भगोड़ों के बारे में सूचना देने वालों के लिए इनाम की राशि बढ़ाकर 10 लाख अमेरिकी डॉलर कर दी गई है. एफबीआई के आपराधिक प्रभाग के सहायक निदेशक हीथ आर. जानके ने कहा कि सूची में हाल ही में शामिल तीन फरार आरोपियों में से एक को गिरफ्तार कर लिया गया है. उन्होंने यह भी कहा कि अमेरिकी नागरिकों और प्रवासी भारतीयों को ऐसे मामलों में सतर्क रहना चाहिए और जानकारी मिलने पर तुरंत एफबीआई से संपर्क करना चाहिए.
जनता से अपील
एफबीआई ने जनता से अनुरोध किया है कि अगर किसी को कल्पेशकुमार पटेल या भद्रेशकुमार चेतनभाई पटेल की लोकेशन के बारे में कोई जानकारी है, तो वह तुरंत एफबीआई को सूचित करें. एजेंसी ने कहा कि ऐसे भगोड़े न केवल आर्थिक अपराध करते हैं, बल्कि उनके पास हथियार होने की संभावना भी रहती है, इसलिए किसी भी तरह का व्यक्तिगत संपर्क खतरनाक हो सकता है. कल्पेशकुमार रसिकभाई पटेल और उनके सहयोगियों के खिलाफ चल रही जांच अमेरिका और भारत दोनों देशों के लिए अहम है. इस मामले ने यह स्पष्ट किया है कि अंतरराष्ट्रीय अपराध नेटवर्क और कॉल-फ्रॉड जैसी धोखाधड़ी कितनी व्यापक हो सकती है. एफबीआई की वॉन्टेड लिस्ट और जनता से अपील इस दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है. अब यह केवल अमेरिकी नागरिकों ही नहीं, बल्कि भारत में रहने वाले लोगों के लिए भी चेतावनी का संकेत है कि ऐसे अपराधियों से सतर्क रहें और किसी भी जानकारी को संबंधित एजेंसी तक पहुंचाएं.

