JPSC पेपर लीक मामला: अभय तिवारी की जमानत याचिका पर सुनवाई पूरी, कोर्ट ने फैसला रखा सुरक्षित
JPSC परीक्षा में कथित गड़बड़ी के मामले में जेल में बंद अभय तिवारी की जमानत याचिका पर मंगलवार को सुनवाई पूरी हो गई. अपर न्यायायुक्त योगेश कुमार की अदालत ने दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद जमानत पर अपना फैसला सुरक्षित रख लिया.

रांची: झारखंड लोक सेवा आयोग (JPSC) परीक्षा में कथित अनियमितता से जुड़े मामले में जेल में बंद अभय तिवारी की जमानत याचिका पर मंगलवार को अदालत में सुनवाई पूरी हो गई. अपर न्यायायुक्त योगेश कुमार की अदालत ने मामले में अभियोजन और बचाव पक्ष की दलीलें सुनने के बाद अपना फैसला सुरक्षित रख लिया. अभय तिवारी को इस मामले में कथित तौर पर महत्वपूर्ण भूमिका निभाने वाला व्यक्ति बताया गया है. जांच के दौरान उनका नाम सामने आने के बाद CID ने उन्हें गिरफ्तार किया था. उन पर आरोप है कि उन्होंने कुछ अभ्यर्थियों से पैसे लेकर सरकारी नौकरी दिलाने का भरोसा दिया था. अब उनकी जमानत याचिका पर अदालत के फैसले का इंतजार है.
दोनों पक्षों ने अदालत में रखी अपनी दलील
मंगलवार को सुनवाई के दौरान अभय तिवारी की ओर से उनके अधिवक्ता ने अदालत के समक्ष जमानत के पक्ष में अपनी दलीलें पेश कीं. इससे पहले पिछली सुनवाई 3 सितंबर को हुई थी, जिसमें CID की ओर से अपना पक्ष रखा गया था. दोनों पक्षों की बहस पूरी होने के बाद अदालत ने आदेश सुरक्षित रखने का फैसला किया.
CID की जांच में सामने आया नाम
JPSC परीक्षा में कथित गड़बड़ी की जांच के दौरान अभय तिवारी का नाम जांच एजेंसी के सामने आया. इसके बाद CID ने उन्हें गिरफ्तार कर लिया. जांच एजेंसी मामले में कथित तौर पर पैसे के लेनदेन और अभ्यर्थियों को नौकरी दिलाने के नाम पर किए गए दावों समेत विभिन्न पहलुओं की पड़ताल कर रही है.
नौकरी दिलाने के नाम पर पैसे लेने का आरोप
अभय तिवारी पर आरोप है कि उन्होंने अपने कुछ रिश्तेदारों के अलावा अन्य अभ्यर्थियों से भी संपर्क किया था. आरोप के मुताबिक, नौकरी दिलाने का भरोसा देकर उनसे पैसे लिए गए. हालांकि, ये आरोप जांच और न्यायिक प्रक्रिया का हिस्सा हैं और अदालत के अंतिम निर्णय के बाद ही इन पर कानूनी रूप से निष्कर्ष निकलेगा.
TDPL में मार्केटिंग मैनेजर रह चुके हैं अभय तिवारी
जानकारी के मुताबिक, अभय तिवारी TDPL में मार्केटिंग मैनेजर के पद पर काम कर चुके हैं. JPSC परीक्षा में कथित अनियमितता से जुड़े मामले की जांच आगे बढ़ने के दौरान उनकी कथित भूमिका जांच के दायरे में आई. इसके बाद CID की कार्रवाई हुई और उन्हें गिरफ्तार किया गया.
अब अदालत के फैसले का इंतजार
जमानत याचिका पर सुनवाई पूरी होने के बाद अदालत ने फैसला सुरक्षित रख लिया है. ऐसे में अब अभय तिवारी और मामले से जुड़े अन्य पक्षों की नजर अदालत के आदेश पर है. जमानत मिलेगी या याचिका खारिज होगी, इसका निर्णय अदालत के आदेश के बाद स्पष्ट होगा. इस मामले में जांच और न्यायिक प्रक्रिया आगे भी जारी रहने की संभावना है.

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