झारखंड SIR अभियान: आज इन्यूमरेशन फॉर्म जमा करने की आखिरी तारीख, नहीं किया यह काम तो ड्राफ्ट वोटर लिस्ट से छूट सकता है नाम
झारखंड में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) अभियान के तहत 29 जुलाई को इन्यूमरेशन फॉर्म जमा करने की अंतिम तारीख है. निर्वाचन आयोग ने स्पष्ट किया है कि समय पर हस्ताक्षरित फॉर्म जमा नहीं करने वाले मतदाताओं का नाम 5 अगस्त को जारी होने वाली ड्राफ्ट वोटर लिस्ट में शामिल नहीं हो सकेगा.

झारखंड में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (Special Intensive Revision-SIR) अभियान के तहत 29 जुलाई 2026 यानी आज इन्यूमरेशन फॉर्म जमा करने की अंतिम तारीख है. निर्वाचन आयोग ने स्पष्ट किया है कि जिन मतदाताओं ने निर्धारित समय सीमा तक अपना भरा हुआ और हस्ताक्षरित इन्यूमरेशन फॉर्म जमा नहीं किया है, उनका नाम 5 अगस्त को प्रकाशित होने वाली ड्राफ्ट मतदाता सूची में शामिल नहीं हो सकेगा. आयोग के अनुसार राज्य में अधिकांश मतदाताओं तक फॉर्म पहुंचाए जा चुके हैं और बड़ी संख्या में फॉर्म का डिजिटाइजेशन भी पूरा हो चुका है. हालांकि अब भी लाखों फॉर्म लंबित हैं. ऐसे में आयोग ने सभी पात्र मतदाताओं से अपील की है कि वे आज ही अपने क्षेत्र के बूथ लेवल ऑफिसर (BLO) के पास हस्ताक्षरित फॉर्म जमा कर दें. समय पर फॉर्म जमा करना आगामी चुनावों में मतदाता सूची में नाम सुनिश्चित करने की प्रक्रिया का महत्वपूर्ण हिस्सा माना जा रहा है.
आज खत्म हो रही है इन्यूमरेशन फॉर्म जमा करने की समय सीमा
निर्वाचन आयोग के अनुसार 29 जुलाई इस विशेष अभियान की अंतिम तिथि है. जिन मतदाताओं ने अभी तक अपना इन्यूमरेशन फॉर्म भरकर जमा नहीं किया है, उनके पास आज का ही समय है. आयोग ने साफ किया है कि समय पर हस्ताक्षरित फॉर्म जमा नहीं होने की स्थिति में संबंधित मतदाता का नाम 5 अगस्त को जारी होने वाली ड्राफ्ट मतदाता सूची में शामिल नहीं किया जाएगा. इसलिए सभी पात्र मतदाताओं से प्रक्रिया जल्द पूरी करने की अपील की गई है.
राज्य में कहां तक पहुंचा SIR अभियान
आयोग की ओर से जारी आंकड़ों के अनुसार वर्ष 2026 की मतदाता सूची में झारखंड के कुल 2,64,63,236 मतदाता दर्ज हैं. इनमें से लगभग सभी मतदाताओं तक इन्यूमरेशन फॉर्म पहुंचाए जा चुके हैं. अब तक बड़ी संख्या में फॉर्म का डिजिटाइजेशन पूरा हो चुका है, जबकि दो करोड़ से अधिक हस्ताक्षरित फॉर्म भी डिजिटल रिकॉर्ड में शामिल किए जा चुके हैं. इन्हीं सत्यापित फॉर्म के आधार पर ड्राफ्ट मतदाता सूची तैयार की जा रही है.
43 लाख से अधिक फॉर्म अब भी लंबित
निर्वाचन आयोग के अनुसार अभी भी 43.55 लाख से अधिक इन्यूमरेशन फॉर्म वापस प्राप्त नहीं हुए हैं. इनमें मृत मतदाता, स्थायी रूप से दूसरे स्थान पर जा चुके मतदाता, ऐसे लोग जिनका पता नहीं चल सका या जो घर पर नहीं मिले, तथा अन्य स्थानों पर पहले से पंजीकृत मतदाता शामिल हैं. इसके अलावा कुछ मतदाताओं ने फॉर्म पर हस्ताक्षर करने से भी इनकार किया है. आयोग इन सभी मामलों का अलग-अलग सत्यापन कर रहा है ताकि मतदाता सूची को अधिक सटीक बनाया जा सके.
अधिकांश विधानसभा क्षेत्रों में पूरा हुआ डिजिटाइजेशन
निर्वाचन आयोग के अनुसार राज्य के 31 विधानसभा निर्वाचन क्षेत्रों में इन्यूमरेशन फॉर्म के डिजिटाइजेशन का कार्य पूरी तरह समाप्त हो चुका है. बाकी 50 विधानसभा क्षेत्रों में भी यह प्रक्रिया अंतिम चरण में है. संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि शेष कार्य जल्द पूरा किया जाए, ताकि निर्धारित समय पर ड्राफ्ट मतदाता सूची प्रकाशित की जा सके. डिजिटाइजेशन का उद्देश्य मतदाता सूची को अधिक पारदर्शी और त्रुटिरहित बनाना है.
मतदाताओं के लिए आयोग की अहम अपील
निर्वाचन आयोग ने उन सभी मतदाताओं से अपील की है जिन्होंने अभी तक अपना हस्ताक्षरित इन्यूमरेशन फॉर्म जमा नहीं किया है, वे बिना देरी किए अपने क्षेत्र के बीएलओ के पास फॉर्म जमा करें. आयोग का कहना है कि समय सीमा के भीतर फॉर्म जमा करने से नाम ड्राफ्ट मतदाता सूची में शामिल करने की प्रक्रिया आसान होगी. यदि किसी मतदाता को फॉर्म जमा करने या सत्यापन से जुड़ी कोई समस्या है, तो वह स्थानीय चुनाव अधिकारियों या बीएलओ से संपर्क कर आवश्यक जानकारी प्राप्त कर सकता है.

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