झारखंड राज्यसभा चुनाव में सस्पेंस जारी, कांग्रेस-झामुमो में फंसा पेच
झारखंड में राज्यसभा चुनाव को लेकर राजनीतिक सरगर्मी लगातार तेज होती जा रही है. शुक्रवार को मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के आवास पर कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं और गठबंधन सहयोगियों के बीच करीब तीन घंटे तक अहम बैठक हुई.

Ranchi: झारखंड में राज्यसभा चुनाव को लेकर राजनीतिक सरगर्मी लगातार तेज होती जा रही है. शुक्रवार को मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के आवास पर कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं और गठबंधन सहयोगियों के बीच करीब तीन घंटे तक अहम बैठक हुई. इस बैठक में सीट बंटवारे और उम्मीदवार के नाम को लेकर गहन चर्चा हुई, लेकिन अंतिम सहमति नहीं बन पाई. कांग्रेस ने एक सीट पर अपनी दावेदारी मजबूत की है, जबकि झामुमो भी दोनों सीटों पर रणनीतिक स्थिति बनाए हुए है. बैठक में कांग्रेस प्रभारी के. राजू, सह प्रभारी डॉ. सिरिवेला प्रसाद, तेलंगाना के उपमुख्यमंत्री भट्टी विक्रमार्का मल्लू और प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष केशव महतो कमलेश शामिल रहे. अब सभी की नजर इस बात पर टिकी है कि क्या गठबंधन के भीतर सहमति बन पाएगी या सस्पेंस और आगे बढ़ेगा.
3 घंटे की बैठक के बावजूद नाम पर नहीं बनी सहमति
मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के आवास पर हुई इस महत्वपूर्ण बैठक में राज्यसभा चुनाव की रणनीति पर विस्तार से चर्चा की गई. कांग्रेस नेताओं ने साफ किया कि पार्टी झारखंड से ही किसी स्थानीय नेता को उम्मीदवार बनाना चाहती है. बैठक में सीट शेयरिंग फॉर्मूले पर भी विचार हुआ, लेकिन उम्मीदवार के नाम पर कोई अंतिम निर्णय नहीं लिया जा सका. सूत्रों के अनुसार, बैठक में गठबंधन की मजबूती और आगामी चुनावी समीकरणों को लेकर भी रणनीति पर चर्चा हुई. हालांकि तीन घंटे की लंबी बातचीत के बावजूद सस्पेंस बरकरार रहा. कांग्रेस का दावा है कि महागठबंधन दोनों सीटें जीत सकता है, लेकिन सीट बंटवारे पर सहमति ही सबसे बड़ी चुनौती बनी हुई है. इसी वजह से उम्मीदवार के नाम की घोषणा फिलहाल टाल दी गई है.
स्थानीय उम्मीदवार पर कांग्रेस की सख्त शर्त
कांग्रेस ने इस बार साफ कर दिया है कि राज्यसभा चुनाव में उम्मीदवार स्थानीय नेता ही होगा. रांची एयरपोर्ट पर मीडिया से बातचीत में कांग्रेस प्रभारी के. राजू ने कहा कि पार्टी किसी बाहरी चेहरे को आगे नहीं बढ़ाएगी. उनके मुताबिक, झारखंड से जुड़ा, जमीनी स्तर पर सक्रिय और संगठन में मजबूत पकड़ रखने वाला नेता ही उम्मीदवार होगा. इस बयान के बाद कांग्रेस के भीतर संभावित उम्मीदवारों की दौड़ तेज हो गई है. सूत्रों के मुताबिक, राजेश ठाकुर, धीरज साहू, फुरकान अंसारी, प्रदीप बलमुचू और सुबोधकांत सहाय जैसे नेताओं के नाम चर्चा में हैं. हालांकि अंतिम निर्णय मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन और कांग्रेस हाईकमान की सहमति के बाद ही होगा. कांग्रेस का मानना है कि गठबंधन धर्म निभाने के बाद अब राज्यसभा में भी उचित हिस्सेदारी मिलनी चाहिए.
गठबंधन की रणनीति और आगे की सियासी तस्वीर
झारखंड में राज्यसभा की दो सीटों पर चुनाव 18 जून को होना है. कांग्रेस और झामुमो गठबंधन के पास संख्या बल के आधार पर दोनों सीटें जीतने की स्थिति मानी जा रही है, लेकिन अंदरूनी रणनीति और सीट बंटवारे को लेकर बातचीत जारी है. कांग्रेस नेताओं का कहना है कि उनका लक्ष्य बीजेपी को दोनों सीटों पर हराना है. वहीं झामुमो भी अपने राजनीतिक प्रभाव को बनाए रखने के लिए दोनों सीटों पर दावा मजबूत कर रहा है. इस बीच बीजेपी भी चुनावी मैदान में अपनी रणनीति के साथ उतरने का दावा कर रही है, हालांकि संख्या बल उसके पक्ष में नहीं माना जा रहा. अब सभी की निगाहें मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन और कांग्रेस नेतृत्व की अगली बैठक पर टिकी हैं, जहां उम्मीदवार के नाम पर अंतिम फैसला संभव है. यह देखना दिलचस्प होगा कि गठबंधन में सहमति बनती है या सियासी खींचतान और बढ़ती है.

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