Jharkhand Rajya Sabha Election 2026: दो सीटों के लिए नामांकन शुरू, 18 जून को मतदान; महागठबंधन और NDA में तेज हुई राजनीतिक हलचल
झारखंड की दो राज्यसभा सीटों के लिए चुनावी प्रक्रिया सोमवार, 1 जून 2026 से औपचारिक रूप से शुरू हो गई है. निर्वाचन आयोग द्वारा अधिसूचना जारी किए जाने के साथ ही नामांकन दाखिल करने का सिलसिला भी प्रारंभ हो गया है.

Jharkhand Rajya Sabha Election 2026: झारखंड की दो राज्यसभा सीटों के लिए चुनावी प्रक्रिया सोमवार, 1 जून 2026 से औपचारिक रूप से शुरू हो गई है. निर्वाचन आयोग द्वारा अधिसूचना जारी किए जाने के साथ ही नामांकन दाखिल करने का सिलसिला भी प्रारंभ हो गया है. यह चुनाव झारखंड मुक्ति मोर्चा (झामुमो) के संस्थापक और पूर्व मुख्यमंत्री शिबू सोरेन के निधन तथा भाजपा सांसद दीपक प्रकाश का कार्यकाल समाप्त होने के बाद रिक्त हुई सीटों के लिए कराया जा रहा है. राज्य की राजनीति में इन दोनों सीटों को लेकर हलचल तेज हो गई है. सत्तारूढ़ इंडिया गठबंधन जहां दोनों सीटों पर जीत का दावा कर रहा है, वहीं भाजपा के नेतृत्व वाला एनडीए भी अपनी रणनीति बनाने में जुटा हुआ है. उम्मीदवारों के नामों को लेकर अभी तस्वीर पूरी तरह साफ नहीं हुई है, लेकिन अगले कुछ दिनों में राजनीतिक दल अपने प्रत्याशियों की घोषणा कर सकते हैं. ऐसे में यह चुनाव झारखंड की राजनीति के लिए बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है.
चुनाव कार्यक्रम: 8 जून तक नामांकन, 18 जून को मतदान
निर्वाचन आयोग द्वारा जारी कार्यक्रम के अनुसार राज्यसभा चुनाव की प्रक्रिया कई चरणों में पूरी की जाएगी. उम्मीदवार 8 जून तक अपने नामांकन पत्र दाखिल कर सकेंगे. इसके बाद 9 जून को नामांकन पत्रों की जांच होगी और 11 जून तक उम्मीदवार अपना नाम वापस ले सकेंगे. मतदान 18 जून को सुबह 9 बजे से शाम 4 बजे तक झारखंड विधानसभा परिसर में कराया जाएगा. मतदान समाप्त होने के बाद उसी दिन शाम 5 बजे से मतगणना शुरू होगी और परिणाम घोषित किए जाने की संभावना है. चुनाव प्रक्रिया का औपचारिक समापन 20 जून को होगा. विधानसभा सचिवालय ने नामांकन प्रक्रिया को लेकर सभी आवश्यक तैयारियां पूरी कर ली हैं. उम्मीदवारों के लिए नामांकन पत्र विधानसभा स्थित रिटर्निंग ऑफिसर कार्यालय से सुबह 11 बजे से दोपहर 3 बजे तक उपलब्ध कराए जा रहे हैं.
महागठबंधन में सीट बंटवारे को लेकर जारी मंथन
राज्यसभा चुनाव को लेकर सत्तारूढ़ इंडिया गठबंधन के भीतर सीटों के बंटवारे पर चर्चा जारी है. राजनीतिक सूत्रों के अनुसार एक सीट पर झारखंड मुक्ति मोर्चा का उम्मीदवार उतारना लगभग तय माना जा रहा है, जबकि दूसरी सीट पर कांग्रेस अपनी मजबूत दावेदारी पेश कर रही है. कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं और प्रदेश प्रभारी के. राजू ने इस मुद्दे पर मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के साथ कई दौर की बातचीत की है. वहीं वाम दल माले ने भी दूसरी सीट पर अपना दावा जताया है, जिससे गठबंधन के भीतर समीकरण और दिलचस्प हो गए हैं. हालांकि महागठबंधन के नेताओं का कहना है कि आपसी सहमति से जल्द ही उम्मीदवारों के नामों की घोषणा कर दी जाएगी. राजनीतिक जानकारों का मानना है कि गठबंधन के पास पर्याप्त संख्या बल होने के कारण दोनों सीटों पर उसकी स्थिति मजबूत बनी हुई है.
भाजपा और एनडीए की रणनीति पर सबकी नजर
राज्यसभा चुनाव को लेकर भाजपा भी पूरी तरह सक्रिय नजर आ रही है. प्रदेश अध्यक्ष आदित्य साहू, क्षेत्रीय संगठन महामंत्री नागेंद्र नाथ त्रिपाठी और प्रदेश संगठन महामंत्री कर्मवीर सिंह दिल्ली पहुंच चुके हैं, जहां केंद्रीय नेतृत्व के साथ उम्मीदवार चयन को लेकर चर्चा होने की संभावना है. भाजपा के भीतर कई नेता राज्यसभा टिकट के दावेदार बताए जा रहे हैं, लेकिन अंतिम निर्णय पार्टी नेतृत्व द्वारा लिया जाएगा. विधानसभा में संख्या बल के लिहाज से एनडीए के पास 24 विधायक हैं, जो जीत के लिए आवश्यक आंकड़े से चार कम हैं. ऐसे में भाजपा को अतिरिक्त समर्थन या क्रॉस वोटिंग की उम्मीद करनी होगी. यही कारण है कि पार्टी चुनावी गणित और संभावित सहयोगियों पर विशेष ध्यान दे रही है. आने वाले दिनों में भाजपा की रणनीति चुनाव की दिशा तय करने में अहम भूमिका निभा सकती है.
विधानसभा का गणित: किसके पक्ष में हैं आंकड़े?
झारखंड विधानसभा की कुल सदस्य संख्या 81 है और राज्यसभा की एक सीट जीतने के लिए उम्मीदवार को कम से कम 28 वोटों की आवश्यकता होती है. वर्तमान में इंडिया गठबंधन के पास झामुमो, कांग्रेस, राजद और माले सहित कुल 56 विधायक हैं, जो उन्हें दोनों सीटों पर जीत दिलाने के लिए पर्याप्त संख्या प्रदान करते हैं. दूसरी ओर एनडीए के पास भाजपा, आजसू, जदयू और लोजपा सहित कुल 24 विधायक हैं. ऐसे में भाजपा को जीत के लिए अतिरिक्त समर्थन जुटाना होगा. इस चुनाव में JLKM के एकमात्र विधायक जयराम महतो का वोट भी काफी अहम माना जा रहा है. राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यदि किसी सीट पर मुकाबला रोचक होता है तो जयराम महतो की भूमिका निर्णायक साबित हो सकती है. फिलहाल सभी दल अपने-अपने राजनीतिक समीकरण साधने में जुटे हुए हैं.
नामांकन प्रक्रिया और उम्मीदवारों के लिए नियम
राज्यसभा चुनाव में भाग लेने वाले उम्मीदवारों के लिए निर्वाचन आयोग ने कुछ महत्वपूर्ण नियम निर्धारित किए हैं. सामान्य वर्ग के उम्मीदवारों को 10 हजार रुपये की सुरक्षा राशि जमा करनी होगी, जबकि अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति वर्ग के उम्मीदवारों के लिए यह राशि 5 हजार रुपये निर्धारित की गई है. किसी मान्यता प्राप्त राजनीतिक दल के उम्मीदवार के लिए कम से कम 9 विधायकों का समर्थन आवश्यक होगा. वहीं निर्दलीय उम्मीदवारों को 10 विधायकों का प्रस्तावक बनाना अनिवार्य है. विधानसभा के प्रभारी सचिव रंजीत कुमार को रिटर्निंग ऑफिसर तथा किरण सुमन बाखला को सहायक रिटर्निंग ऑफिसर नियुक्त किया गया है. नामांकन पत्र निशुल्क उपलब्ध कराए जा रहे हैं और उम्मीदवार निर्धारित समय के भीतर सभी आवश्यक दस्तावेजों के साथ अपना नामांकन दाखिल कर सकते हैं.
राज्यसभा चुनाव 2026: महत्वपूर्ण तारीखें
- 1 जून 2026 – अधिसूचना जारी, नामांकन प्रक्रिया शुरू
- 8 जून 2026 – नामांकन दाखिल करने की अंतिम तिथि
- 9 जून 2026 – नामांकन पत्रों की जांच
- 11 जून 2026 – नाम वापस लेने की अंतिम तिथि
- 18 जून 2026 – मतदान और मतगणना
- 20 जून 2026 – चुनाव प्रक्रिया का समापन

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