झारखंड में बम-तांडव: XLRI, रांची कोर्ट, जामताड़ा – एक दिन में तीन धमकियां!
झारखंड में एक ही दिन तीन जगहों पर बम धमकी मिलने से सुरक्षा एजेंसियां अलर्ट हो गईं. XLRI – Xavier School of Management जमशेदपुर, Ranchi Civil Court और Jamtara Civil Court को ईमेल के जरिए उड़ाने की धमकी दी गई.

Ranchi: झारखंड में आज एक ही दिन तीन प्रमुख जगहों पर बम से उड़ाने की धमकी मिलने से सुरक्षा व्यवस्था में हड़कंप मच गया. XLRI जमशेदपुर के प्रबंधन को ईमेल के जरिए धमकी मिली, जिसके बाद कैंपस को खाली कराया गया और पुलिस-बम निरोधक दस्ते ने तलाशी शुरू की. इसी दिन रांची सिविल कोर्ट को तीसरी बार ऐसी धमकी मिली, जबकि जामताड़ा सिविल कोर्ट को ड्रोन बम का जिक्र करते हुए ईमेल आया. तीनों जगहों पर पुलिस ने परिसर घेर लिया, डॉग स्क्वायड और बम निरोधक दस्ते की मदद से सघन जांच की गई, लेकिन कहीं भी कोई संदिग्ध वस्तु नहीं मिली. पिछले कुछ महीनों में झारखंड के कई सरकारी और संस्थागत परिसरों को इसी तरह की ईमेल धमकियां मिल चुकी हैं, जो ज्यादातर होक्स साबित हुईं. साइबर सेल अब इन ईमेल्स के स्रोत की जांच कर रही है. (शब्द: 138)
XLRI जमशेदपुर में धमकी: कैंपस खाली कराया
मंगलवार दोपहर XLRI – Xavier School of Management को एक अज्ञात ईमेल मिला, जिसमें संस्थान को बम से उड़ाने की धमकी दी गई. संस्थान के प्रमुख ने तुरंत SSP पीयूष कुमार पांडेय को सूचित किया. पुलिस ने बिष्टुपुर थाने की टीम, बम निरोधक दस्ता और डॉग स्क्वायड के साथ कैंपस घेर लिया. छात्रों, कर्मचारियों और हॉस्टल निवासियों को सुरक्षित बाहर निकाला गया. क्लासरूम, लाइब्रेरी और अन्य भवनों की जांच की गई. फिलहाल कोई विस्फोटक नहीं मिला है.
रांची सिविल कोर्ट पर तीसरी धमकी
रांची सिविल कोर्ट को भी मंगलवार को ईमेल से बम धमकी मिली – यह इस साल तीसरी बार है (पहली 6 फरवरी, दूसरी 28 फरवरी को). ईमेल में RDX या अन्य विस्फोटकों का जिक्र था. कोतवाली DSP के नेतृत्व में बम निरोधक दस्ता (BDS) मौके पर पहुंचा. कोर्ट परिसर को खाली कराया गया और सघन तलाशी अभियान चलाया गया. पिछले मामलों की तरह यहां भी कोई संदिग्ध सामग्री नहीं मिली. साइबर सेल ईमेल के आईपी एड्रेस की जांच कर रही है.
जामताड़ा कोर्ट में ड्रोन बम का क्लेम
जामताड़ा सिविल कोर्ट को ईमेल से धमकी मिली, जिसमें ड्रोन बम से परिसर उड़ाने का दावा किया गया और किसी तमिलनाडु संगठन का नाम लिया गया. मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी (CJM) नीतीश कुमार सांगा ने खुद मौके पर पहुंचकर निरीक्षण किया. HQ DSP संजय कुमार सिंह और जामताड़ा थाना प्रभारी मनोज कुमार महतो की टीम ने डॉग स्क्वायड के साथ पूरे परिसर की छानबीन की. जांच में कोई खतरा नहीं पाया गया.
बढ़ती धमकियों का पैटर्न और जांच की स्थिति
झारखंड में फरवरी-मार्च 2026 में बम धमकियों की संख्या बढ़ी है – रांची कलेक्टरेट, पासपोर्ट ऑफिस, बोकारो कोर्ट (सायनाइड बम क्लेम) आदि को भी इसी तरह की ईमेल मिलीं, जो ज्यादातर होक्स निकलीं. पुलिस का कहना है कि ये धमकियां साइबर माध्यम से आ रही हैं और स्रोत विदेशी सर्वर से हो सकते हैं. साइबर सेल IP ट्रेसिंग और ईमेल स्रोत की जांच कर रही है. प्रशासन ने सुरक्षा बढ़ाई है, लेकिन बार-बार होक्स से संसाधनों का बोझ पड़ रहा है. विशेषज्ञों का मानना है कि ये ट्रोलिंग या सिस्टम टेस्टिंग हो सकती है, लेकिन गंभीरता से जांच जरूरी है.

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