हजारीबाग ट्रेजरी स्कैम: CID की बड़ी कार्रवाई, सौरभ कुमार सिंह गिरफ्तार
हजारीबाग ट्रेजरी घोटाले में CID की SIT ने सौरभ कुमार सिंह को गिरफ्तार किया है. आरोपी के बैंक खाते में जमा 1.5 करोड़ रुपये की FD फ्रीज कर दी गई है और लाखों की राशि सीज की गई है. मामले में कई गिरफ्तारियां हो चुकी हैं.

झारखंड के हजारीबाग में सामने आए कोषागार घोटाले में जांच एजेंसियों ने बड़ी कार्रवाई करते हुए एक और आरोपी को गिरफ्तार किया है. वेतन निकासी में फर्जीवाड़े से जुड़े इस मामले की जांच कर रही सीआईडी की विशेष जांच टीम (SIT) लगातार कार्रवाई कर रही है. इसी क्रम में सोमवार को सौरभ कुमार सिंह को हिरासत में लिया गया. जांच में सामने आया है कि आरोपी इस पूरे घोटाले के वित्तीय लेन-देन यानी मनी ट्रेल में अहम भूमिका निभा रहा था. उसके पास से कई महत्वपूर्ण दस्तावेज, मोबाइल फोन और अन्य सामान बरामद किए गए हैं. इसके साथ ही उसके बैंक खाते में जमा बड़ी राशि को भी फ्रीज किया गया है. इस कार्रवाई को इस घोटाले में अब तक की सबसे अहम कड़ियों में से एक माना जा रहा है, जिससे पूरे नेटवर्क का खुलासा होने की संभावना जताई जा रही है.
मनी ट्रेल में भूमिका, बैंक खाते से जुड़े सबूत मिले
जांच एजेंसी के अनुसार सौरभ कुमार सिंह बिहार के रोहतास का निवासी है और हजारीबाग में रह रहा था. पूछताछ और दस्तावेजों की जांच में यह सामने आया कि उसने अन्य आरोपियों के साथ मिलकर सरकारी धन की अवैध निकासी की साजिश रची थी. उसके पास से बैंक खातों से जुड़े दस्तावेज, पहचान पत्र और डिजिटल उपकरण जब्त किए गए हैं. जांच में उसके खाते में बड़ी रकम के लेन-देन के संकेत मिले हैं, जो इस घोटाले के वित्तीय नेटवर्क को समझने में अहम माने जा रहे हैं.
करोड़ों की राशि फ्रीज, जांच एजेंसी की सख्ती
एसआईटी ने कार्रवाई करते हुए आरोपी के बैंक खाते में जमा लगभग 1.50 करोड़ रुपये की फिक्स डिपॉजिट को फ्रीज कर दिया है. इसके अलावा खाते में मौजूद लाखों रुपये की अन्य राशि को भी सीज किया गया है. एजेंसी का मानना है कि यह पैसा फर्जी तरीके से निकाली गई सरकारी राशि से जुड़ा हो सकता है. इस कदम से जांच को मजबूती मिलने की उम्मीद है और अन्य संदिग्ध खातों की भी जांच की जा रही है.
अब तक कई गिरफ्तार, सरकारी कर्मियों की भूमिका भी जांच के दायरे में
इस मामले में अब तक कई लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है, जिनमें कुछ सरकारी कर्मचारी भी शामिल हैं. जांच में यह संकेत मिले हैं कि यह फर्जीवाड़ा अकेले नहीं बल्कि संगठित तरीके से अंजाम दिया गया. अलग-अलग भूमिकाओं में शामिल लोगों की पहचान कर कार्रवाई की जा रही है. जांच एजेंसी पूरे नेटवर्क को खंगाल रही है और आने वाले दिनों में और गिरफ्तारियां संभव हैं.

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