20 अगस्त का CM आवास घेराव स्थगित, CBI जांच की मांग पर अब भी अड़े छात्र
JSSC-CGL और TDPL परीक्षाओं को लेकर आंदोलन कर रहे छात्रों ने 20 अगस्त को प्रस्तावित मुख्यमंत्री आवास घेराव का कार्यक्रम फिलहाल स्थगित कर दिया है. छात्र अब सरकार के आधिकारिक नोटिफिकेशन का इंतजार कर रहे हैं. हालांकि, CBI जांच की मांग पर उनका रुख अब भी कायम है.


Ranchi: झारखंड में भर्ती परीक्षाओं को लेकर आंदोलन कर रहे छात्रों ने 20 अगस्त को प्रस्तावित मुख्यमंत्री आवास घेराव का कार्यक्रम फिलहाल स्थगित कर दिया है. छात्रों ने यह फैसला सरकार की ओर से 17 अगस्त को की गई घोषणाओं के बाद लिया है. अब उनकी नजर सरकार के आधिकारिक नोटिफिकेशन पर है. छात्रों का कहना है कि घोषणाओं को औपचारिक रूप से लागू किए जाने के बाद ही वे आंदोलन की अगली रणनीति तय करेंगे. हालांकि, आंदोलन पूरी तरह खत्म नहीं हुआ है. JSSC-CGL और TDPL से जुड़ी परीक्षाओं को रद्द करने के फैसले को छात्रों ने सकारात्मक कदम बताया है, लेकिन वे पूरे मामले की CBI जांच की मांग पर कायम हैं. छात्रों के मुताबिक, परीक्षा रद्द होने से प्रक्रिया पर सवाल जरूर थमे हैं, लेकिन कथित अनियमितताओं की जिम्मेदारी तय करने के लिए निष्पक्ष जांच जरूरी है.
सरकार के फैसले के बाद घेराव टला, नोटिफिकेशन का इंतजार
छात्रों ने कहा कि 17 अगस्त को सरकार ने JSSC-CGL समेत TDPL के जरिए आयोजित परीक्षाओं को रद्द करने का फैसला लिया. सरकार के इस निर्णय को उन्होंने अपनी मांगों की दिशा में अहम कदम माना है. छात्रों ने इसके लिए मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन और राज्य सरकार का आभार भी जताया. हालांकि, छात्रों का कहना है कि सरकार की घोषणा को अब आधिकारिक आदेश में बदलना जरूरी है. इसी वजह से 20 अगस्त को होने वाले मुख्यमंत्री आवास घेराव को फिलहाल स्थगित किया गया है. छात्रों के मुताबिक, नोटिफिकेशन सामने आने के बाद ही यह तय होगा कि आंदोलन को किस दिशा में आगे बढ़ाया जाए.
CBI जांच के मुद्दे पर कोई समझौता नहीं
परीक्षाएं रद्द होने के बावजूद छात्रों ने CBI जांच की मांग वापस नहीं ली है. उनका कहना है कि भर्ती प्रक्रिया में अगर गड़बड़ी हुई है तो सिर्फ परीक्षा रद्द करने से पूरे मामले का जवाब नहीं मिलता. छात्र यह जानना चाहते हैं कि कथित अनियमितता कैसे हुई, इसके लिए कौन जिम्मेदार है और पूरी प्रक्रिया में किन लोगों की भूमिका रही. उनका कहना है कि इन सवालों का जवाब निष्पक्ष जांच के जरिए ही सामने आ सकता है. इसलिए परीक्षा रद्द होने को वे आंदोलन का अंत नहीं, बल्कि एक महत्वपूर्ण पड़ाव मान रहे हैं.
17 अगस्त को कैबिनेट बैठक के बाद हुआ था फैसला
JSSC-CGL और TDPL से जुड़ी परीक्षाओं को रद्द करने का फैसला 17 अगस्त को सरकार ने लिया था. मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने इसकी जानकारी दी थी. इससे पहले प्रोजेक्ट भवन में मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में कैबिनेट की बैठक हुई, जिसमें परीक्षा रद्द करने के तकनीकी और प्रशासनिक पहलुओं पर चर्चा की गई. अब छात्रों की नजर सरकार के आधिकारिक नोटिफिकेशन पर है. उनका कहना है कि अगर सरकार अपने फैसले को औपचारिक रूप से लागू करती है तो आगे की रणनीति उसी के आधार पर तय की जाएगी. फिलहाल 20 अगस्त का कार्यक्रम स्थगित है, लेकिन CBI जांच की मांग पूरी होने तक आंदोलन को पूरी तरह खत्म नहीं माना जा रहा है.

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