Palamu में फर्जी IAS का पर्दाफाश, सात साल से अफसर बनकर घूम रहा था आरोपी, थाना पहुंचते ही खुल गई पोल
पलामू जिले के हुसैनाबाद में पुलिस ने एक ऐसे शख्स को गिरफ्तार किया है, जो खुद को सात साल से IAS अधिकारी बताकर लोगों को डराता-धमकाता था. जमीन विवाद के मामले में थाने पहुंचने पर उसकी बातचीत से शक हुआ और जांच में उसकी पूरी सच्चाई सामने आ गई.

Palamu: पलामू जिले के हुसैनाबाद में उस वक्त हड़कंप मच गया, जब एक शख्स खुद को भारतीय प्रशासनिक सेवा (IAS) अधिकारी बताकर सीधे थाने पहुंच गया. आरोपी जमीन विवाद को लेकर कार्रवाई करवाने आया था और पुलिस पर रौब झाड़ते हुए तत्काल कदम उठाने की मांग कर रहा था. उसके हाव-भाव और बातचीत से ऐसा लग रहा था मानो वह सच में कोई बड़ा अधिकारी हो.
2014 बैच का दावा, ओडिशा कैडर बताई पोस्टिंग
थाने में मौजूद पुलिसकर्मियों से बातचीत के दौरान आरोपी ने अपना नाम राजेश कुमार बताया. उसने दावा किया कि वह 2014 बैच का ओडिशा कैडर का IAS अधिकारी है और फिलहाल भुवनेश्वर में चीफ अकाउंट्स ऑफिसर के पद पर तैनात है. उसने कई जगहों पर अपनी कथित पोस्टिंग का भी जिक्र किया.
आत्मविश्वास ने बढ़ाया शक, शुरू हुई जांच
शुरुआत में उसकी बातों से पुलिस भ्रमित रही, लेकिन बातचीत आगे बढ़ने पर उसके जवाबों में कई विरोधाभास सामने आने लगे. हुसैनाबाद थाना प्रभारी ने सतर्कता बरतते हुए त्वरित जांच कराई. रिकॉर्ड खंगालने पर साफ हो गया कि राजेश कुमार किसी भी सरकारी सेवा में नहीं है.
सात साल से चल रहा था अफसर बनने का नाटक
पूछताछ में राजेश ने चौंकाने वाला खुलासा किया. उसने बताया कि वह चार बार UPSC की परीक्षा में असफल हो चुका है. पिता की उम्मीदों और समाज में प्रतिष्ठा पाने के दबाव में उसने खुद को अफसर बताकर घूमना शुरू कर दिया, जो बीते सात सालों से जारी था.
फर्जी पहचान पत्र और नेमप्लेट जब्त
पुलिस ने आरोपी के पास से फर्जी सरकारी पहचान पत्र और ‘भारत सरकार’ लिखा हुआ नेमप्लेट लगी कार जब्त की है. आरोपी के खिलाफ धोखाधड़ी और अन्य गंभीर धाराओं में मामला दर्ज कर आगे की जांच की जा रही है.

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