LB सिंह की पत्नी आरती सिंह को ED का दूसरा समन, साला रंजीत सिंह आज भी नहीं हुआ पेश
ED ने कोयला कारोबारी एलबी सिंह की पत्नी आरती सिंह को दूसरा समन जारी किया है. उन्हें 27 अगस्त को रांची स्थित ED कार्यालय में पूछताछ के लिए पेश होने का निर्देश दिया गया है. वहीं, उनके भाई रंजीत सिंह 24 अगस्त को जारी दूसरे समन के बावजूद ED के सामने पेश नहीं हुए.

Ranchi/Dhanbad: प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने धनबाद के कोयला कारोबारी एलबी सिंह की पत्नी आरती सिंह को पूछताछ के लिए दूसरा समन जारी किया है. उन्हें 27 अगस्त को रांची स्थित ED के क्षेत्रीय कार्यालय में उपस्थित होने का निर्देश दिया गया है. इससे पहले आरती सिंह को 20 अगस्त को पेश होने के लिए कहा गया था, लेकिन वह तय तारीख पर ED के सामने नहीं पहुंचीं और 10 दिन का समय मांगा था. वहीं, एलबी सिंह के साले रंजीत कुमार सिंह को 24 अगस्त को पेश होने के लिए जारी दूसरे समन के बावजूद वह सोमवार को ED कार्यालय नहीं पहुंचे. उपलब्ध जानकारी के मुताबिक, समाचार लिखे जाने तक रंजीत सिंह की ओर से ED से नई तारीख मांगने की भी सूचना नहीं थी. यह कार्रवाई धनबाद में अवैध कोयला कारोबार और कथित मनी लॉन्ड्रिंग से जुड़े मामले की जांच के दौरान हुई ED की तलाशी के बाद तेज हुई है.
आरती सिंह को अब 27 अगस्त को पेश होने का निर्देश
ED ने आरती सिंह को पहले 20 अगस्त को पूछताछ के लिए बुलाया था. वह तय तारीख पर एजेंसी के रांची कार्यालय नहीं पहुंचीं. इसके बजाय उन्होंने ED को पत्र भेजकर 10 दिन का अतिरिक्त समय मांगा. बताया गया कि उस समय वह झारखंड से बाहर थीं. इसके बाद ED ने उनके अनुरोध पर विचार करते हुए नया समन जारी किया और अब 27 अगस्त को पेश होने का निर्देश दिया है. आरती सिंह से ED किन बिंदुओं पर पूछताछ करेगी, इसकी पूरी जानकारी सार्वजनिक नहीं की गई है. हालांकि, एजेंसी की कार्रवाई उस जांच का हिस्सा है जिसमें एलबी सिंह और उनसे जुड़े लोगों के वित्तीय लेन-देन, संपत्तियों और कथित अवैध कोयला कारोबार से जुड़े पैसों की जांच की जा रही है.
रंजीत सिंह को दूसरा समन, फिर भी नहीं पहुंचे
एलबी सिंह के साले रंजीत कुमार सिंह को ED ने पहले भी पूछताछ के लिए समन जारी किया था. इसके बाद उन्होंने पेशी के लिए करीब एक महीने का समय मांगा था. ED ने उनका अनुरोध स्वीकार नहीं किया और 24 अगस्त को उपस्थित होने के लिए दूसरा समन जारी किया था. सोमवार को निर्धारित तारीख पर रंजीत सिंह ED कार्यालय में पेश नहीं हुए. उपलब्ध जानकारी के अनुसार, खबर लिखे जाने तक उन्होंने एजेंसी से आगे की तारीख मांगने के संबंध में भी कोई सूचना नहीं दी थी. अब उनकी अनुपस्थिति के बाद ED की ओर से आगे क्या कदम उठाया जाता है, इस पर नजर है.
28 जुलाई को 31 ठिकानों पर हुई थी तलाशी
ED की मौजूदा कार्रवाई 28 जुलाई को धनबाद और आसपास के इलाकों में की गई व्यापक तलाशी के बाद सामने आई है. एजेंसी के रांची जोनल कार्यालय ने PMLA के तहत एलबी सिंह, अनिल गोयल, हरेंद्र चौहान, गणेश यादव, पप्पू मंडल, रोहित यादव, माधो सिंह और अन्य से जुड़े कुल 31 परिसरों की तलाशी ली थी. ED के मुताबिक, यह जांच अवैध कोयला खनन, चोरी के कोयले की तस्करी, कोयला उठाव पर कथित लेवी/वसूली और इससे जुड़ी अन्य गतिविधियों से संबंधित है. एजेंसी ने बताया है कि जांच झारखंड पुलिस की ओर से दर्ज कई FIR के आधार पर PMLA के तहत आगे बढ़ाई जा रही है.
160 करोड़ का निवेश फ्रीज, 1.02 करोड़ नकद जब्त
28 जुलाई की कार्रवाई में ED ने एलबी सिंह से जुड़े करीब 160 करोड़ रुपये के म्यूचुअल फंड निवेश को फ्रीज किया था. इसके अलावा 1.02 करोड़ रुपये की बेहिसाबी नकदी, डिजिटल डिवाइस, अकाउंट बुक और अन्य दस्तावेज बरामद किए गए थे. एजेंसी को 200 से अधिक अचल संपत्तियों से संबंधित जानकारी और डेटा भी मिला था. ED का कहना है कि जांच के दौरान कथित अपराध से हासिल रकम को अलग-अलग लोगों और संस्थाओं के जरिए घुमाने और उसे वैध दिखाने की कोशिश से जुड़े पहलुओं की भी जांच की जा रही है. एजेंसी के अनुसार, इस रकम का इस्तेमाल चल और अचल संपत्तियां खरीदने में किए जाने की आशंका है. मामले में आगे की जांच जारी है.
नवंबर 2025 में भी हुई थी कार्रवाई
एलबी सिंह और उनसे जुड़े लोगों के खिलाफ ED की यह पहली बड़ी कार्रवाई नहीं है. एजेंसी ने नवंबर 2025 में भी धनबाद और आसपास के इलाकों में उनसे तथा उनके सहयोगियों से जुड़े परिसरों पर तलाशी ली थी. उस कार्रवाई में नकदी और जमीन से जुड़े दस्तावेज बरामद किए गए थे. जुलाई 2026 की तलाशी को उसी जांच की अगली कड़ी माना जा रहा है. अब आरती सिंह को 27 अगस्त को ED के सामने पेश होना है, जबकि रंजीत सिंह की 24 अगस्त की पेशी नहीं हो सकी है. ED की पूछताछ और आगे की कार्रवाई से जांच में सामने आए वित्तीय लेन-देन और संपत्ति से जुड़े तथ्यों की तस्वीर और स्पष्ट हो सकती है.



