धोनी-फ्लेमिंग की जोड़ी टूटी! 18 साल बाद CSK से अलग हुए दिग्गज कोच स्टीफन फ्लेमिंग
चेन्नई सुपर किंग्स (CSK) और दिग्गज कोच स्टीफन फ्लेमिंग का 18 साल पुराना साथ खत्म हो गया है. आईपीएल 2027 से पहले फ्लेमिंग ने आपसी सहमति से हेड कोच पद छोड़ दिया है. उनकी कोचिंग में CSK ने 5 आईपीएल खिताब और कई ऐतिहासिक उपलब्धियां हासिल कीं.

इंडियन प्रीमियर लीग (IPL) की सबसे सफल साझेदारियों में से एक का अंत हो गया है. चेन्नई सुपर किंग्स (CSK) और लंबे समय से टीम के मुख्य कोच रहे स्टीफन फ्लेमिंग ने आपसी सहमति से अलग होने का फैसला किया है. 18 साल तक CSK से जुड़े रहने वाले फ्लेमिंग ने टीम को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाया और एमएस धोनी के साथ उनकी जोड़ी को क्रिकेट जगत में काफी सम्मान मिला. आईपीएल 2027 से पहले यह बदलाव फ्रेंचाइजी के लिए एक बड़ा अध्याय खत्म होने जैसा है. फ्लेमिंग के नेतृत्व में CSK ने कई ऐतिहासिक उपलब्धियां हासिल कीं.
2008 में खिलाड़ी बनकर आए, 2009 से संभाली कोच की जिम्मेदारी
स्टीफन फ्लेमिंग का चेन्नई सुपर किंग्स के साथ सफर आईपीएल के पहले सीजन यानी 2008 में शुरू हुआ था. वह शुरुआत में टीम के खिलाड़ी के रूप में जुड़े थे. इसके अगले ही साल 2009 में उन्हें CSK का मुख्य कोच नियुक्त किया गया और इसके बाद उन्होंने करीब 17 वर्षों तक टीम की कमान संभाली. एमएस धोनी और स्टीफन फ्लेमिंग को CSK की सफलता के दो सबसे बड़े स्तंभों में गिना जाता है. दोनों ने मिलकर टीम में एक ऐसी संस्कृति बनाई, जिसमें निरंतर प्रदर्शन, शांत रवैया और टीम को प्राथमिकता देना सबसे अहम रहा. फ्लेमिंग के मार्गदर्शन में चेन्नई सुपर किंग्स आईपीएल की सबसे मजबूत और स्थायी टीमों में शामिल हुई.
फ्लेमिंग की कोचिंग में CSK ने रचे कई रिकॉर्ड
स्टीफन फ्लेमिंग के कार्यकाल में चेन्नई सुपर किंग्स ने शानदार सफलता हासिल की. उनकी कोचिंग में टीम ने पांच बार आईपीएल खिताब जीता और दो बार चैंपियंस लीग टी20 ट्रॉफी अपने नाम की. फ्लेमिंग के नेतृत्व में CSK ने रिकॉर्ड 12 बार आईपीएल प्लेऑफ में जगह बनाई और 10 बार फाइनल तक का सफर तय किया. उनकी रणनीति, खिलाड़ियों को समझने की क्षमता और दबाव के समय सही फैसले लेने की शैली ने टीम को लंबे समय तक सफल बनाए रखा. फ्लेमिंग का योगदान सिर्फ ट्रॉफियों तक सीमित नहीं रहा, बल्कि उन्होंने टीम के अंदर एक मजबूत माहौल तैयार किया, जिसने युवा और अनुभवी खिलाड़ियों को बेहतर प्रदर्शन करने में मदद की.
CSK और फ्लेमिंग ने आपसी सहमति से लिया फैसला
चेन्नई सुपर किंग्स ने 13 जुलाई को सोशल मीडिया के जरिए स्टीफन फ्लेमिंग के टीम से अलग होने की आधिकारिक जानकारी दी. फ्रेंचाइजी ने बताया कि यह फैसला फ्लेमिंग और प्रबंधन के बीच हुई बातचीत के बाद आपसी सहमति से लिया गया है. CSK ने अपने बयान में कहा कि यह फैसला सम्मान और आभार के साथ लिया गया. फ्रेंचाइजी ने फ्लेमिंग के योगदान को याद करते हुए कहा कि उन्होंने टीम की पहचान, सोच और जीत की संस्कृति को मजबूत करने में अहम भूमिका निभाई. 18 साल लंबे इस सफर के खत्म होने के साथ ही आईपीएल इतिहास के सबसे लंबे कोचिंग कार्यकालों में से एक का भी अंत हो गया.
CSK प्रबंधन ने फ्लेमिंग के योगदान को सराहा
CSK की मालिक रूपा गुरुनाथ ने कहा कि स्टीफन फ्लेमिंग लगभग पूरी फ्रेंचाइजी यात्रा के दौरान टीम की कोचिंग यूनिट की आत्मा रहे. उन्होंने कहा कि फ्लेमिंग ने टीम की पहचान और उत्कृष्टता की संस्कृति को मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई. वहीं, CSK के मैनेजिंग डायरेक्टर केएस विश्वनाथन ने कहा कि फ्लेमिंग ने सिर्फ टीम की खेलने की शैली नहीं बदली, बल्कि फ्रेंचाइजी की पूरी सोच को आकार दिया. उन्होंने खिलाड़ियों को समझने और उनसे सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करवाने की फ्लेमिंग की क्षमता को उनकी सबसे बड़ी ताकत बताया. CSK प्रबंधन ने साफ किया कि फ्लेमिंग का योगदान हमेशा टीम की विरासत का हिस्सा रहेगा.
फ्लेमिंग ने विदाई संदेश में जताया आभार
स्टीफन फ्लेमिंग ने अपने विदाई संदेश में CSK के साथ बिताए 18 वर्षों को अपने कोचिंग करियर का सबसे खास अनुभव बताया. उन्होंने कहा कि खेल की दुनिया में 18 साल बहुत लंबा समय होता है और वह इस सफर से सिर्फ आभार की भावना के साथ विदा ले रहे हैं. फ्लेमिंग ने कहा कि CSK के साथ उन्होंने कई यादगार जीत हासिल कीं, मुश्किल समय का सामना किया और ऐसी यादें बनाईं जो हमेशा उनके साथ रहेंगी. उन्होंने यह भी कहा कि चेन्नई सुपर किंग्स हमेशा उनके दिल के करीब रहेगी और वह भविष्य में भी टीम का समर्थन करते रहेंगे. फ्लेमिंग के जाने के बाद अब सभी की नजरें इस बात पर होंगी कि CSK आईपीएल 2027 के लिए नए कोचिंग सेटअप को किस तरह तैयार करती है.

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