जामताड़ा सदर अस्पताल में DC का औचक निरीक्षण, लापरवाही पर सख्त रुख
जामताड़ा के DC आलोक कुमार ने सदर अस्पताल का औचक निरीक्षण कर अव्यवस्थाओं पर नाराजगी जताई. गंदगी और लापरवाही को लेकर अधिकारियों को फटकार लगाई गई और 4-5 दिनों के भीतर सुधार करने का अल्टीमेटम दिया गया है, नहीं तो सख्त कार्रवाई होगी.


जामताड़ा में स्वास्थ्य सेवाओं की स्थिति का जायजा लेने के लिए जिला प्रशासन सक्रिय हो गया है. इसी कड़ी में सोमवार शाम उपायुक्त आलोक कुमार ने सदर अस्पताल का औचक निरीक्षण किया, जहां व्यवस्थाओं की हकीकत सामने आते ही वे नाराज नजर आए. अस्पताल में गंदगी, अव्यवस्था और लापरवाही देखकर उन्होंने अधिकारियों और स्वास्थ्यकर्मियों को कड़ी चेतावनी दी. निरीक्षण के दौरान ओपीडी, वार्ड, एसएनसीयू, डायलिसिस यूनिट और ऑपरेशन थिएटर समेत कई विभागों की स्थिति का बारीकी से आकलन किया गया. कई जगह बुनियादी सुविधाओं की कमी और प्रबंधन की खामियां सामने आईं. उपायुक्त ने स्पष्ट कहा कि मरीजों को बेहतर और सुरक्षित स्वास्थ्य सेवाएं देना प्रशासन की प्राथमिक जिम्मेदारी है. उन्होंने सुधार के लिए सीमित समय देते हुए संकेत दिया कि अगर स्थिति नहीं सुधरी तो सख्त कार्रवाई की जाएगी.
निरीक्षण में खुली व्यवस्थाओं की पोल
औचक निरीक्षण के दौरान अस्पताल की कई खामियां उजागर हुईं. ड्यूटी रोस्टर का कहीं भी प्रदर्शन नहीं था, जिससे मरीजों को यह जानकारी नहीं मिल पा रही थी कि कौन डॉक्टर ड्यूटी पर हैं. वार्डों में साफ-सफाई की कमी, बाथरूम की खराब स्थिति और दवा भंडारण कक्ष की अव्यवस्था ने प्रशासन की चिंता बढ़ा दी. उपायुक्त ने इन कमियों पर नाराजगी जताते हुए तुरंत सुधार के निर्देश दिए और संबंधित अधिकारियों को जिम्मेदारी तय करने को कहा.
मरीजों से बातचीत में सामने आई समस्याएं
निरीक्षण के दौरान उपायुक्त ने मरीजों और उनके परिजनों से सीधे बातचीत की. इस दौरान पता चला कि कई मरीजों को जरूरी सुविधाएं समय पर नहीं मिल रही हैं. बेड पर न तो पूरी जानकारी उपलब्ध थी और न ही जांच रिपोर्ट व्यवस्थित थी. एक मरीज द्वारा बेडशीट नहीं मिलने की शिकायत पर उन्होंने तुरंत कार्रवाई के निर्देश दिए. साथ ही अस्पताल में साफ-सफाई बनाए रखने और मरीजों को निर्धारित सुविधाएं सुनिश्चित करने को कहा.
सुधार के लिए अल्टीमेटम, कार्रवाई की चेतावनी
निरीक्षण के अंत में उपायुक्त ने साफ तौर पर कहा कि अस्पताल की स्थिति में सुधार लाना अनिवार्य है. उन्होंने संबंधित अधिकारियों को 4-5 दिनों के भीतर सभी व्यवस्थाएं दुरुस्त करने का निर्देश दिया. साथ ही यह भी चेतावनी दी कि तय समयसीमा के बाद दोबारा निरीक्षण किया जाएगा और यदि कमियां पाई गईं तो जिम्मेदार लोगों पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी. प्रशासन अब इस मामले में सख्त रुख अपनाते हुए लगातार निगरानी करने की तैयारी में है.

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