साइबर अपराधियों का दुस्साहस: DSP को ही बनाया निशाना, सतर्कता से टली ₹48 हजार की ठगी
साहिबगंज में साइबर अपराधियों ने DSP विजय कुमार कुशवाहा को WhatsApp के जरिए ₹48 हजार की ठगी का निशाना बनाने की कोशिश की, लेकिन उनकी सतर्कता से यह प्रयास नाकाम हो गया. पुलिस ने लोगों से सावधान रहने की अपील की है.

साइबर अपराधियों के हौसले लगातार बढ़ते जा रहे हैं. अब वे आम लोगों के साथ-साथ पुलिस अधिकारियों को भी निशाना बनाने से नहीं चूक रहे हैं. ताजा मामला साहिबगंज से सामने आया है, जहां मुख्यालय डीएसपी विजय कुमार कुशवाहा को ठगी का शिकार बनाने की कोशिश की गई. हालांकि, उनकी सतर्कता के कारण यह प्रयास विफल हो गया.
WhatsApp के जरिए ठगी की कोशिश
जानकारी के अनुसार, एक साइबर अपराधी ने व्हाट्सएप के माध्यम से डीएसपी को संदेश भेजा. उसने खुद को उनका परिचित बताते हुए ₹48 हजार की तत्काल आवश्यकता जताई.
मैसेज में लिखा गया कि उसका UPI काम नहीं कर रहा है और वह दो घंटे के भीतर पैसे लौटा देगा. भरोसा जीतने के लिए “बहुत अर्जेंट है” जैसे शब्दों का इस्तेमाल किया गया.
सतर्कता से बची ठगी
डीएसपी विजय कुमार कुशवाहा ने मैसेज की भाषा और शैली को संदिग्ध पाते हुए तुरंत सतर्कता बरती. उन्होंने बिना किसी पुष्टि के पैसे भेजने से इंकार कर दिया.
उन्होंने बताया कि चैट के तरीके से ही उन्हें यह समझ में आ गया कि यह साइबर ठगी का प्रयास है.
लोगों से सतर्क रहने की अपील
इस घटना के बाद डीएसपी ने आम लोगों से सावधान रहने की अपील की है. उन्होंने कहा कि आजकल साइबर अपराधी परिचित या रिश्तेदार बनकर पैसे मांगते हैं, इसलिए किसी भी ऑनलाइन ट्रांजैक्शन से पहले पूरी तरह सत्यापन करना जरूरी है.
उन्होंने यह भी कहा कि किसी भी संदिग्ध कॉल या मैसेज की तुरंत जांच करें और जरूरत पड़ने पर पुलिस को सूचित करें.
पुलिस की अपील
पुलिस विभाग ने नागरिकों से विशेष सतर्कता बरतने और साइबर अपराध के प्रति जागरूक रहने की अपील की है, ताकि इस तरह की ठगी की घटनाओं से बचा जा सके.

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