पूर्वी सिंहभूम में मंईयां सम्मान योजना पर सख्ती, 4,068 अयोग्य लाभुकों से होगी राशि की वसूली
पूर्वी सिंहभूम में मुख्यमंत्री मंईयां सम्मान योजना के तहत बड़ी कार्रवाई की तैयारी है. सत्यापन में 4,068 लाभुक पूरी तरह अयोग्य पाए गए हैं, जिनसे योजना की राशि वापस ली जाएगी. अब तक 6,974 नाम सूची से हटाए जा चुके हैं, जबकि हजारों लाभुकों की जांच अभी जारी है.

झारखंड सरकार की महत्वाकांक्षी मुख्यमंत्री मंईयां सम्मान योजना में अनियमितताओं को रोकने के लिए पूर्वी सिंहभूम जिला प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई शुरू की है. दस्तावेजों की जांच और भौतिक सत्यापन के दौरान बड़ी संख्या में ऐसे लाभुकों की पहचान हुई है जिन्होंने कथित रूप से गलत जानकारी देकर या पात्रता से जुड़ी महत्वपूर्ण बातें छिपाकर योजना का लाभ प्राप्त किया. प्रशासन ने ऐसे मामलों को गंभीरता से लेते हुए अयोग्य पाए गए लाभुकों के खिलाफ कार्रवाई का निर्णय लिया है. जांच में पूरी तरह अपात्र पाए गए 4,068 लाभुकों से अब तक प्राप्त राशि की वसूली की तैयारी की जा रही है. इसके साथ ही झूठे दस्तावेजों या भ्रामक जानकारी के आधार पर सरकारी योजना का लाभ लेने वालों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की भी संभावना जताई गई है. अधिकारियों का कहना है कि सत्यापन प्रक्रिया अभी जारी है और शेष मामलों की जांच पूरी होने के बाद स्थिति और स्पष्ट होगी.
सत्यापन में सामने आए हजारों अपात्र लाभुक
जिला प्रशासन द्वारा चलाए गए सत्यापन अभियान में बड़ी संख्या में ऐसे लाभार्थियों की पहचान हुई जो योजना की निर्धारित पात्रता शर्तों को पूरा नहीं करते थे. जांच के आधार पर 4,068 लाभुकों को पूरी तरह अयोग्य माना गया है. इन लाभुकों द्वारा प्राप्त की गई सहायता राशि की शत-प्रतिशत वसूली की प्रक्रिया शुरू करने की तैयारी की जा रही है. प्रशासन का मानना है कि इससे योजनाओं में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित होगी.
6,974 नाम सूची से हटाए गए
सत्यापन के दौरान अब तक कुल 6,974 लाभुकों के नाम योजना की सूची से हटाए जा चुके हैं. इनमें ऐसे लाभुक भी शामिल हैं जिनकी मृत्यु हो चुकी है. इसके अलावा कुछ मामलों में नियमों के विपरीत योजना का लाभ लिए जाने की पुष्टि हुई है. अधिकारियों के अनुसार, पहले भी एक पुरुष द्वारा योजना का लाभ लेने का मामला सामने आया था, जिसके बाद राशि वापस कराई गई थी. इसी क्रम में अन्य संदिग्ध मामलों की भी जांच की जा रही है.
बिहार की 142 महिलाओं पर भी कार्रवाई की तैयारी
जांच के दौरान 142 ऐसी महिला लाभुकों की पहचान की गई है, जिनका मूल निवास बिहार में बताया गया है, लेकिन वे पूर्वी सिंहभूम में योजना का लाभ ले रही थीं. नियमों के अनुरूप नहीं पाए जाने पर इन मामलों में भी राशि वसूली की प्रक्रिया शुरू की जा रही है. प्रशासन यह सुनिश्चित करने में जुटा है कि योजना का लाभ केवल वास्तविक और पात्र लाभार्थियों तक ही पहुंचे.
अभी 11 हजार से अधिक लाभुकों का सत्यापन बाकी
पूर्वी सिंहभूम जिले में मंईयां सम्मान योजना के कुल 3,07,071 पंजीकृत लाभुक हैं. अब तक 2,89,019 लाभुकों को पात्र पाया गया है, जबकि 11,078 लाभुकों का सत्यापन अभी शेष है. सामाजिक सुरक्षा विभाग की ओर से बताया गया है कि लगभग 10 प्रतिशत जांच कार्य बाकी है. सत्यापन प्रक्रिया पूरी होने के बाद अपात्र लाभुकों के खिलाफ नियमानुसार रिकवरी और अन्य कानूनी कार्रवाई की जाएगी. साथ ही जिन मामलों में भुगतान संबंधी तकनीकी या नॉन-डीबीटी समस्या मिली है, उनका भुगतान फिलहाल रोक दिया गया है.

specializes in local and regional stories, bringing simple, factual, and timely updates to readers.



Leave a comment