SIR के खिलाफ सड़क पर कांग्रेस, प्रदीप यादव ने पीएम-गृहमंत्री-CEC को बताया ‘तीन यमराज’
“रांची में SIR को लेकर कांग्रेस ने पुराने विधानसभा परिसर से निर्वाचन आयोग कार्यालय तक मार्च निकालकर विरोध-प्रदर्शन किया. कांग्रेस ने मतदाता सूची के पुनरीक्षण में पारदर्शिता की मांग करते हुए दावा किया कि बड़ी संख्या में मतदाता नाम प्रभावित हो सकते हैं.”

Ranchi: SIR यानी मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण को लेकर कांग्रेस का विरोध-प्रदर्शन सोमवार को सड़क पर उतर आया. पुराने विधानसभा परिसर से कांग्रेस नेताओं और कार्यकर्ताओं ने निर्वाचन आयोग के कार्यालय तक मार्च किया. इस दौरान कार्यकर्ता SIR के खिलाफ नारेबाजी करते हुए आयोग की प्रक्रिया पर सवाल उठाते नजर आए. प्रदर्शन के दौरान कांग्रेस विधायक दल के नेता प्रदीप यादव ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को ‘तीन यमराज’ बताते हुए कहा कि कांग्रेस लोकतंत्र को उनके हाथ से बचाना चाहती है. कांग्रेस का आरोप है कि SIR की प्रक्रिया से मतदाता अधिकार प्रभावित हो सकते हैं और बड़ी संख्या में नामों पर असर पड़ने का खतरा है. पार्टी ने निर्वाचन आयोग से प्रक्रिया में पारदर्शिता और पात्र मतदाताओं के नाम सुरक्षित रखने की मांग की है.
पुराने विधानसभा से EC कार्यालय तक मार्च, जमकर नारेबाजी
कांग्रेस नेताओं और कार्यकर्ताओं का मार्च पुराने विधानसभा परिसर से शुरू हुआ और निर्वाचन आयोग के कार्यालय तक पहुंचा. प्रदर्शन में SIR, मतदाता सूची और निर्वाचन आयोग की कार्यप्रणाली को लेकर नारे लगाए गए. कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष केशव महतो कमलेश ने इससे पहले मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग की थी. पार्टी नेताओं ने आरोप लगाया है कि SIR के दौरान गरीब, दलित, आदिवासी, पिछड़े और अल्पसंख्यक मतदाताओं के नाम प्रभावित हो सकते हैं. कांग्रेस ने नए मतदाताओं के लिए Form-6 की प्रक्रिया और दस्तावेजों की जरूरत को लेकर भी सवाल उठाए हैं.
40-45 लाख नाम प्रभावित होने का दावा, आयोग की प्रक्रिया भी चर्चा में
कांग्रेस नेताओं ने झारखंड में SIR और ASDD प्रक्रिया के तहत करीब 40 से 45 लाख मतदाताओं के नाम प्रभावित होने का खतरा बताया है. हालांकि, उपलब्ध चुनावी आंकड़ों के मुताबिक 5 अगस्त की ड्राफ्ट मतदाता सूची में 43,61,987 नाम अनुपस्थित, स्थानांतरित, मृत और दोहरे नामों की श्रेणी में चिह्नित किए गए थे और संबंधित मतदाताओं को दावा-आपत्ति का अवसर दिया गया है. झारखंड में दावा-आपत्ति दाखिल करने की अंतिम तारीख 30 सितंबर तक बढ़ाई गई है. वहीं मतदाताओं की सुविधा के लिए BLO घर से दस्तावेज लेने की व्यवस्था और विशेष परिस्थितियों में ऑनलाइन सुनवाई की जानकारी भी सामने आई है.

