CBSE Result 2026: री-इवैल्यूएशन में मिले 500 में से 500 नंबर, रांची की अवनी केजरीवाल बनीं नेशनल टॉपर
सीबीएसई 12वीं री-इवैल्यूएशन में रांची की अवनी केजरीवाल के अंक 94% से बढ़कर 100% हो गए। 500 में से 500 अंक हासिल कर वह देश की टॉपर बन गईं।

सीबीएसई 12वीं बोर्ड परीक्षा 2026 के री-इवैल्यूएशन परिणामों ने झारखंड की राजधानी रांची की छात्रा अवनी केजरीवाल की जिंदगी बदल दी. 13 मई को घोषित हुए मूल परिणाम में अवनी को 94 प्रतिशत अंक मिले थे, लेकिन उन्हें विश्वास था कि उनके प्रदर्शन के अनुसार अंक नहीं दिए गए हैं. इसी भरोसे के साथ उन्होंने सीबीएसई की मार्क्स वेरिफिकेशन और री-इवैल्यूएशन प्रक्रिया के तहत आवेदन किया. जब उत्तर पुस्तिका की दोबारा जांच हुई तो नतीजा चौंकाने वाला रहा. अवनी के अंक 94 प्रतिशत से बढ़कर सीधे 100 प्रतिशत हो गए और उन्हें 500 में से पूरे 500 अंक प्राप्त हुए. इस उपलब्धि के साथ उन्होंने न केवल झारखंड बल्कि पूरे देश में टॉप कर इतिहास रच दिया. उनकी सफलता ने री-इवैल्यूएशन प्रक्रिया की अहमियत को भी उजागर किया है और उन छात्रों के लिए प्रेरणा का स्रोत बनी है जो अपने परिणाम को लेकर आश्वस्त नहीं होते.
रिजल्ट से संतुष्ट नहीं थीं अवनी, दोबारा जांच का लिया फैसला
रांची की रहने वाली अवनी केजरीवाल ने इस वर्ष कॉमर्स स्ट्रीम से सीबीएसई 12वीं बोर्ड परीक्षा दी थी. प्रारंभिक परिणाम आने के बाद परिवार में खुशी का माहौल था क्योंकि उन्हें 94 प्रतिशत अंक प्राप्त हुए थे. हालांकि अवनी को अपनी मेहनत और परीक्षा में दिए गए प्रदर्शन पर पूरा भरोसा था. उन्हें महसूस हुआ कि उनके कुछ विषयों में अपेक्षा से कम अंक मिले हैं. इसी कारण उन्होंने सीबीएसई द्वारा उपलब्ध कराई गई री-इवैल्यूएशन प्रक्रिया का सहारा लिया. बोर्ड की नई व्यवस्था के तहत छात्रों को पहले अपनी उत्तर पुस्तिका की स्कैन कॉपी प्राप्त करने और उसके बाद मार्क्स वेरिफिकेशन के लिए आवेदन करने का अवसर दिया गया था. अवनी ने सभी निर्धारित प्रक्रियाओं का पालन करते हुए अपनी कॉपी दोबारा जांचने का अनुरोध किया. उनका यह निर्णय सही साबित हुआ और दोबारा मूल्यांकन में उनकी मेहनत को सही पहचान मिली, जिससे उनके अंक अप्रत्याशित रूप से बढ़ गए.
री-इवैल्यूएशन के बाद मिला परफेक्ट स्कोर
सीबीएसई द्वारा 21 जून को री-इवैल्यूएशन और मार्क्स वेरिफिकेशन के नतीजे जारी किए गए, जिसमें 87 प्रतिशत से अधिक आवेदनों का निपटारा किया गया. इन्हीं परिणामों में अवनी केजरीवाल का नाम भी शामिल था. उत्तर पुस्तिकाओं की दोबारा जांच के बाद उनके सभी विषयों में अंक बढ़े और आखिरकार उन्हें 500 में से 500 अंक प्राप्त हुए. यह परिणाम न केवल उनके लिए बल्कि पूरे शिक्षा जगत के लिए चर्चा का विषय बन गया. अवनी का यह सफर बताता है कि यदि किसी छात्र को अपने प्रदर्शन पर भरोसा हो तो उसे उपलब्ध वैधानिक प्रक्रियाओं का उपयोग अवश्य करना चाहिए. उनकी सफलता यह भी दर्शाती है कि कभी-कभी मूल्यांकन में हुई त्रुटियों को सुधारने के लिए री-इवैल्यूएशन एक प्रभावी माध्यम साबित हो सकता है. अब अवनी का नाम देश के उन चुनिंदा छात्रों में शामिल हो गया है जिन्होंने सीबीएसई 12वीं परीक्षा में पूर्ण अंक हासिल किए हैं.
स्कूल और परिवार में खुशी की लहर, छात्रों के लिए बनीं प्रेरणा
अवनी की इस असाधारण उपलब्धि से उनके परिवार, स्कूल और पूरे झारखंड में खुशी का माहौल है. डीपीएस रांची की प्रिंसिपल डॉ. जया चौहान ने अवनी की सफलता को स्कूल के लिए गर्व का क्षण बताया. उन्होंने कहा कि 500 में से 500 अंक प्राप्त कर नेशनल टॉपर बनना किसी भी छात्र के लिए बड़ी उपलब्धि है और यह अन्य विद्यार्थियों को भी प्रेरित करेगा. प्रिंसिपल ने अवनी, उनके अभिभावकों और शिक्षकों को बधाई देते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की. वहीं शिक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि यह मामला छात्रों को यह संदेश देता है कि यदि उन्हें अपने परिणाम को लेकर कोई संदेह हो तो वे उचित प्रक्रिया के तहत पुनर्मूल्यांकन का विकल्प चुन सकते हैं. अवनी की कहानी मेहनत, आत्मविश्वास और अपने अधिकारों के प्रति जागरूकता का बेहतरीन उदाहरण बनकर सामने आई है.

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