बोकारो की बेटी अपूर्वा वर्मा का कमाल, दिल्ली पुलिस में ACP की नौकरी करते UPSC क्रैक कर AIR 42 हासिल किया
UPSC सिविल सेवा परीक्षा 2025 में बोकारो की अपूर्वा वर्मा ने ऑल इंडिया रैंक 42 हासिल कर झारखंड का नाम रोशन किया. दिल्ली पुलिस में ACP रहते हुए उन्होंने ड्यूटी के साथ तैयारी जारी रखी और शानदार सफलता हासिल की.

संघ लोक सेवा आयोग (UPSC) की सिविल सेवा परीक्षा 2025 के परिणाम में झारखंड की बेटियों ने एक बार फिर अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाया है. बोकारो की रहने वाली अपूर्वा वर्मा ने ऑल इंडिया रैंक 42 हासिल कर न सिर्फ अपने जिले बल्कि पूरे राज्य का नाम रोशन किया है. खास बात यह है कि अपूर्वा वर्तमान में दिल्ली पुलिस में सहायक पुलिस आयुक्त (ACP) के पद पर कार्यरत हैं और ड्यूटी के साथ-साथ उन्होंने सिविल सेवा परीक्षा की तैयारी जारी रखी. व्यस्त सरकारी सेवा के बावजूद उन्होंने अपने लक्ष्य से समझौता नहीं किया और एक बार फिर यूपीएससी जैसी कठिन परीक्षा में शानदार सफलता हासिल की. उनकी इस उपलब्धि को मेहनत, अनुशासन और दृढ़ संकल्प का उदाहरण माना जा रहा है. जैसे ही परिणाम सामने आया, बोकारो और आसपास के इलाकों में खुशी का माहौल बन गया. परिवार, मित्रों और स्थानीय लोगों ने अपूर्वा की इस उपलब्धि पर गर्व जताया है और उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की है.
ACP रहते हुए जारी रखी तैयारी
अपूर्वा वर्मा पहले से ही सरकारी सेवा में हैं और वर्तमान में दिल्ली पुलिस में सहायक पुलिस आयुक्त (ACP) के पद पर अपनी जिम्मेदारी निभा रही हैं. पुलिस सेवा जैसी चुनौतीपूर्ण ड्यूटी के बीच सिविल सेवा परीक्षा की तैयारी करना आसान नहीं होता, लेकिन अपूर्वा ने समय प्रबंधन और अनुशासन के जरिए इसे संभव कर दिखाया. उन्होंने नियमित अध्ययन, सीमित समय का बेहतर उपयोग और स्पष्ट रणनीति के साथ अपनी तैयारी जारी रखी. इसी का परिणाम है कि उन्होंने यूपीएससी सिविल सेवा परीक्षा 2025 में ऑल इंडिया रैंक 42 हासिल की. उनकी सफलता इस बात का प्रमाण है कि अगर लक्ष्य स्पष्ट हो और मेहनत लगातार जारी रहे तो किसी भी कठिन परीक्षा में सफलता हासिल की जा सकती है.
बोकारो में खुशी का माहौल
अपूर्वा वर्मा की सफलता की खबर सामने आते ही बोकारो जिले में उत्साह का माहौल बन गया. स्थानीय लोगों, शिक्षकों और युवाओं ने इसे पूरे क्षेत्र के लिए गर्व का क्षण बताया है. परिवार के सदस्यों और परिचितों ने भी अपूर्वा को बधाइ देते हुए कहा कि उनकी उपलब्धि आने वाली पीढ़ी के लिए प्रेरणा बनेगी. लोगों का मानना है कि सरकारी सेवा में रहते हुए दोबारा यूपीएससी परीक्षा में इतनी शानदार रैंक हासिल करना बड़ी उपलब्धि है. अपूर्वा की कहानी उन युवाओं के लिए खास प्रेरणा है जो सिविल सेवा में जाने का सपना देखते हैं. उनकी सफलता यह संदेश देती है कि अगर लक्ष्य के प्रति समर्पण और निरंतर मेहनत बनी रहे तो किसी भी मंजिल तक पहुंचा जा सकता है.

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