गोल्ड मेडल विजेता देवाशी हेंब्रम को बाबूलाल मरांडी का सहयोग, शूटिंग किट देने का ऐलान
थाईलैंड में आयोजित इंटरनेशनल राइफल शूटिंग चैंपियनशिप में गोल्ड मेडल जीतने वाली जामताड़ा की खिलाड़ी देवाशी हेंब्रम को नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी ने सम्मानित किया और शूटिंग किट उपलब्ध कराने की घोषणा की.

झारखंड की प्रतिभाशाली निशानेबाज देवाशी हेंब्रम ने सीमित संसाधनों के बावजूद अंतरराष्ट्रीय स्तर पर शानदार उपलब्धि हासिल कर राज्य का नाम रोशन किया है. थाईलैंड में आयोजित थर्ड इंटरनेशनल राइफल शूटिंग चैंपियनशिप 2026 में गोल्ड मेडल जीतने के बाद अब उन्हें समाज और राजनीतिक क्षेत्र से भी समर्थन मिलने लगा है. नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी ने रांची स्थित अपने आवास पर देवाशी को सम्मानित करते हुए हरसंभव मदद का भरोसा दिया. उन्होंने कहा कि आर्थिक तंगी किसी प्रतिभा की राह में बाधा नहीं बननी चाहिए और समाज के सक्षम लोगों की जिम्मेदारी है कि वे ऐसे खिलाड़ियों का साथ दें. इस दौरान मरांडी ने देवाशी को सहयोग राशि भी दी और उनकी जरूरत के अनुसार शूटिंग किट उपलब्ध कराने की घोषणा की. देवाशी जामताड़ा जिले के कुंडहित प्रखंड की रहने वाली हैं और कठिन परिस्थितियों में अभ्यास कर यह सफलता हासिल की है.
बाबूलाल मरांडी ने किया सम्मानित
रांची में आयोजित मुलाकात के दौरान बाबूलाल मरांडी ने देवाशी हेंब्रम को शॉल ओढ़ाकर सम्मानित किया. उन्होंने कहा कि कम संसाधनों में अंतरराष्ट्रीय स्तर पर गोल्ड मेडल जीतना बड़ी उपलब्धि है. मरांडी ने भरोसा दिलाया कि शूटिंग से जुड़ी जरूरी सामग्री और किट उपलब्ध कराने में वे सहयोग करेंगे. उन्होंने यह भी कहा कि प्रतिभाशाली खिलाड़ियों को समय पर मदद और बेहतर सुविधाएं मिलनी चाहिए ताकि वे आगे बढ़ सकें और देश का नाम रोशन कर सकें.
संघर्ष के बीच तैयार हुई सफलता की कहानी
देवाशी हेंब्रम एक साधारण किसान परिवार से आती हैं. उनके पिता खेती-बाड़ी कर परिवार चलाते हैं और बच्चों की पढ़ाई का खर्च उठाते हैं. देवाशी अपनी बहन के साथ जामताड़ा में किराए के छोटे कमरे में रहकर पढ़ाई और शूटिंग की प्रैक्टिस करती हैं. आर्थिक स्थिति मजबूत नहीं होने के कारण वे एक फिजियोथैरेपी सेंटर में पार्ट-टाइम काम भी करती हैं. इन चुनौतियों के बावजूद उन्होंने लगातार मेहनत कर अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिता में गोल्ड मेडल हासिल किया.
बेहतर संसाधन मिलने पर बड़े लक्ष्य की तैयारी
देवाशी का कहना है कि उन्होंने सीमित सुविधाओं में यह उपलब्धि हासिल की है, लेकिन यदि आधुनिक ट्रेनिंग और बेहतर संसाधन मिलें तो वे भविष्य में और अच्छा प्रदर्शन कर सकती हैं. उन्होंने उम्मीद जताई कि आने वाले समय में वर्ल्ड कप और ओलंपिक जैसे बड़े मंचों पर देश का प्रतिनिधित्व करने का मौका मिलेगा. देवाशी ने कहा कि राज्य के कई युवा खिलाड़ी प्रतिभाशाली हैं, लेकिन संसाधनों की कमी उनकी राह कठिन बना देती है. ऐसे में सहयोग और सही मार्गदर्शन खिलाड़ियों के लिए बेहद महत्वपूर्ण है.

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