पाकुड़ में अवैध पत्थर खनन पर बाबूलाल मरांडी का बड़ा हमला, जांच रिपोर्ट सार्वजनिक करने की मांग
झारखंड में अवैध खनन को लेकर सियासत एक बार फिर गरमा गई है। भाजपा प्रदेश अध्यक्ष एवं नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी ने पाकुड़ जिले में कथित अवैध पत्थर खनन और करोड़ों रुपये के राजस्व नुकसान के मामले को गंभीर बताते हुए राज्य सरकार पर सवाल खड़े किए हैं।

रांची: झारखंड में अवैध खनन को लेकर सियासत एक बार फिर गरमा गई है। भाजपा प्रदेश अध्यक्ष एवं नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी ने पाकुड़ जिले में कथित अवैध पत्थर खनन और करोड़ों रुपये के राजस्व नुकसान के मामले को गंभीर बताते हुए राज्य सरकार पर सवाल खड़े किए हैं।
सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर किए गए पोस्ट में बाबूलाल मरांडी ने कहा कि पाकुड़ जिले के कासियाडांगा, कान्हूपुर और सिंगाडा मौजा क्षेत्रों में झारखंड-पश्चिम बंगाल अंतरराज्यीय सीमा से सटे इलाकों में अवैध पत्थर खनन की शिकायतें लगातार सामने आ रही हैं। उन्होंने कहा कि यह मामला अत्यंत गंभीर और चिंताजनक है।
मरांडी ने दावा किया कि लगभग आठ महीने पहले एक सामाजिक कार्यकर्ता की शिकायत पर तत्कालीन उपायुक्त ने जांच के आदेश दिए थे और इसके लिए जांच टीम का भी गठन किया गया था। उन्होंने सवाल उठाया कि आखिर उस जांच रिपोर्ट का क्या हुआ, जांच में कौन-कौन से तथ्य सामने आए और रिपोर्ट के आधार पर अब तक क्या कार्रवाई की गई?
उन्होंने कहा कि यदि अब तक कोई कार्रवाई नहीं हुई है तो इसकी जिम्मेदारी तय होनी चाहिए। बाबूलाल मरांडी ने आरोप लगाया कि इतने बड़े पैमाने पर अवैध खनन राजनीतिक और प्रशासनिक संरक्षण के बिना संभव नहीं लगता।
नेता प्रतिपक्ष ने साहिबगंज में सामने आए कथित हजारों करोड़ रुपये के अवैध खनन मामले का जिक्र करते हुए कहा कि ऐसी आशंका है कि कहीं पाकुड़ के पहाड़ और प्राकृतिक संसाधन भी उसी तरह बर्बादी की ओर तो नहीं धकेले जा रहे हैं।
उन्होंने खनन कारोबारियों के राजनीतिक, प्रशासनिक और आर्थिक संबंधों की निष्पक्ष एवं गहन जांच की मांग की। साथ ही प्रवर्तन निदेशालय (ED) और अन्य संबंधित एजेंसियों से मामले का संज्ञान लेकर दोषियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई करने की अपील की।
बाबूलाल मरांडी के इस बयान के बाद राज्य की राजनीति में अवैध खनन का मुद्दा एक बार फिर चर्चा के केंद्र में आ गया है। अब देखना होगा कि सरकार इस मामले में क्या प्रतिक्रिया देती है और जांच रिपोर्ट को लेकर क्या स्थिति स्पष्ट करती है।



