चतरा में नाबालिग बच्चियों की तस्करी की कोशिश नाकाम, दो आरोपी गिरफ्तार
चतरा में पुलिस ने दो नाबालिग बच्चियों को दूसरे राज्य ले जाने की कोशिश नाकाम कर दी. मामले में दो आरोपियों को गिरफ्तार कर बच्चियों को सुरक्षित रेस्क्यू किया गया है.

झारखंड के चतरा जिले में मानव तस्करी के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत पुलिस को बड़ी सफलता मिली है. वशिष्ठनगर थाना पुलिस ने दो नाबालिग बच्चियों को दूसरे प्रदेश ले जाने की कोशिश को समय रहते विफल कर दिया. मामले में पुलिस ने दो संदिग्ध दलालों को गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में भेज दिया है. पुलिस को गुप्त सूचना मिली थी कि बच्चियों को काम दिलाने और बेहतर भविष्य का झांसा देकर बाहर ले जाया जा रहा है. सूचना मिलते ही पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए इलाके में वाहन जांच अभियान शुरू किया और बच्चियों को सुरक्षित रेस्क्यू कर लिया. इस कार्रवाई के बाद जिले में मानव तस्करी के नेटवर्क को लेकर जांच और तेज कर दी गई है. पुलिस अधिकारियों का कहना है कि गरीब और ग्रामीण परिवारों को झूठे वादों में फंसाकर बच्चों की तस्करी करने वाले गिरोहों पर लगातार नजर रखी जा रही है.
गुप्त सूचना पर पुलिस ने की कार्रवाई
पुलिस अधीक्षक अनिमेष नैथानी ने बताया कि सोमवार सुबह सूचना मिली थी कि दो नाबालिग बच्चियों को जोरी मार्ग के रास्ते दूसरे राज्य ले जाया जा रहा है. सूचना मिलते ही वशिष्ठनगर थाना पुलिस ने इलाके में घेराबंदी कर वाहनों की जांच शुरू कर दी. जांच के दौरान पुलिस ने बच्चियों को बरामद कर सुरक्षित रेस्क्यू किया. मौके पर मौजूद दो संदिग्ध लोगों को हिरासत में लेकर पूछताछ की गई, जिसके बाद दोनों को गिरफ्तार कर लिया गया.
गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ जारी
पुलिस के अनुसार गिरफ्तार आरोपियों की पहचान प्रतापपुर थाना क्षेत्र के भूगढ़ा निवासी प्रमोद बैगा और जोगियारा निवासी विकास कुमार के रूप में हुई है. विकास कुमार वाहन चालक बताया जा रहा है. मामले में नाबालिग बच्चियों के परिजनों की शिकायत पर प्राथमिकी दर्ज की गई है. पुलिस अब इस पूरे नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की पहचान करने में जुटी है. अधिकारियों का कहना है कि जांच के दौरान कई महत्वपूर्ण जानकारी सामने आने की उम्मीद है.
मानव तस्करी के खिलाफ अभियान जारी
पुलिस प्रशासन ने कहा है कि जिले में मानव तस्करी रोकने के लिए लगातार अभियान चलाया जा रहा है. खासकर नाबालिग बच्चों और बच्चियों की सुरक्षा को लेकर सतर्कता बढ़ाई गई है. पुलिस का कहना है कि कई बार गरीब परिवारों को नौकरी, पढ़ाई या बेहतर जीवन का लालच देकर बच्चों को बाहर ले जाया जाता है. ऐसे मामलों में अभिभावकों को जागरूक रहने की जरूरत है. प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि किसी भी संदिग्ध गतिविधि की जानकारी तुरंत पुलिस को दें ताकि समय रहते कार्रवाई की जा सके.

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