अनंत सिंह के निष्कासन पर बिहार में सियासी घमासान, चिराग पासवान बोले- JDU का आंतरिक मामला; RJD ने लगाए गुटबाजी के आरोप
बिहार में अनंत सिंह को JDU से छह साल के लिए निष्कासित किए जाने पर सियासी घमासान तेज हो गया है। चिराग पासवान ने इसे पार्टी का आंतरिक मामला बताया, जबकि RJD ने जेडीयू में गुटबाजी के आरोप लगाए। जेडीयू ने कार्रवाई को पार्टी अनुशासन से जुड़ा फैसला बताया है।

Bihar News:- बिहार में मोकामा विधायक अनंत सिंह को जनता दल यूनाइटेड (JDU) से छह साल के लिए निष्कासित किए जाने के बाद सियासत तेज हो गई है। केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान ने इसे जेडीयू का आंतरिक मामला बताया है, जबकि राष्ट्रीय जनता दल (RJD) ने पार्टी में गुटबाजी का आरोप लगाते हुए कार्रवाई पर सवाल उठाए हैं। वहीं, जेडीयू ने अनंत सिंह के खिलाफ कार्रवाई को पार्टी अनुशासन से जुड़ा फैसला बताया है। इस घटनाक्रम के बाद बिहार की राजनीति में बयानबाजी का दौर तेज हो गया है।
चिराग पासवान ने क्या कहा?
मोकामा विधायक अनंत सिंह के निष्कासन पर केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान ने प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि यह जनता दल यूनाइटेड का आंतरिक मामला है। उन्होंने स्पष्ट किया कि गठबंधन में सहयोगी होने के नाते किसी दूसरी पार्टी के अंदरूनी मामलों पर टिप्पणी करना उचित नहीं है। चिराग पासवान के मुताबिक, यह मामला राजनीतिक कारणों के बजाय पार्टी से जुड़े व्यक्तिगत और आंतरिक विषयों से संबंधित है। उन्होंने कहा कि जेडीयू को इस मामले में क्या कदम उठाना चाहिए, इसका फैसला पार्टी नेतृत्व को ही करना है। चिराग के इस बयान को जेडीयू के आंतरिक फैसले से दूरी बनाए रखने की रणनीति के तौर पर देखा जा रहा है।
श्याम रजक बोले- उचित समय पर लिया गया फैसला
जेडीयू के राष्ट्रीय महासचिव श्याम रजक ने अनंत सिंह के निष्कासन का बचाव किया। उन्होंने कहा कि पार्टी के वरिष्ठ नेता पहले से ही पूरे मामले को गंभीरता से देख रहे थे और इसकी समीक्षा की जा रही थी।श्याम रजक के अनुसार, पार्टी ने उचित समय आने पर निर्णय लिया और अनंत सिंह को छह साल के लिए निष्कासित कर दिया। उन्होंने कहा कि इस कार्रवाई को लेकर पार्टी पहले भी अपना रुख स्पष्ट कर चुकी थी। जेडीयू नेताओं का कहना है कि पार्टी के अधिकृत उम्मीदवार के खिलाफ गतिविधियां अनुशासनहीनता के दायरे में आती हैं और ऐसे मामलों में संगठन को निर्णय लेने का अधिकार है।
RJD ने JDU में गुटबाजी का लगाया आरोप
अनंत सिंह के निष्कासन के बाद राष्ट्रीय जनता दल ने जेडीयू के भीतर गुटबाजी का मुद्दा उठाया है। राजद प्रवक्ता शक्ति सिंह यादव ने कहा कि अनंत सिंह के खिलाफ कार्रवाई जेडीयू का आंतरिक मामला है, लेकिन उन्होंने पार्टी में कई गुट होने का दावा किया। शक्ति सिंह यादव के मुताबिक, जेडीयू के भीतर गुटबाजी से पार्टी का संगठन कमजोर हो सकता है। उन्होंने कार्रवाई की प्रक्रिया पर भी सवाल उठाए और कहा कि किसी मौजूदा विधायक को पार्टी से निष्कासित करने के अधिकार और प्रक्रिया को स्पष्ट किया जाना चाहिए। राजद प्रवक्ता ने यह भी दावा किया कि निष्कासन पत्र जारी होने से पहले पार्टी के वरिष्ठ नेताओं की गतिविधियां राजनीतिक चर्चा का विषय बनी हुई थीं। हालांकि, जेडीयू में गुटबाजी को लेकर लगाए गए ये आरोप राजद की ओर से किए गए राजनीतिक दावे हैं।
JDU ने कहा- पार्टी विरोधी गतिविधियां बर्दाश्त नहीं
जेडीयू प्रवक्ता चंदन सिंह ने अनंत सिंह के निष्कासन का समर्थन करते हुए कहा कि पार्टी अपने अनुशासन के लिए जानी जाती है। उनके अनुसार, नीरज कुमार पार्टी के आधिकारिक उम्मीदवार थे, लेकिन अनंत सिंह लगातार उनके खिलाफ गतिविधियों में शामिल रहे। चंदन सिंह ने कहा कि पार्टी नेतृत्व ने पूरे मामले पर गंभीरता से विचार करने के बाद कार्रवाई की। उन्होंने स्पष्ट किया कि पार्टी विरोधी और गठबंधन विरोधी गतिविधियों को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। जेडीयू प्रवक्ता के मुताबिक, पार्टी ने अनंत सिंह को अपना रुख सुधारने का मौका देने की कोशिश की थी, लेकिन विवाद जारी रहने के बाद निष्कासन का फैसला लिया गया। उन्होंने नीतीश कुमार के नेतृत्व में बिहार में हुए विकास कार्यों का भी उल्लेख किया और कहा कि पार्टी अपने संगठनात्मक अनुशासन से समझौता नहीं करेगी।
वाल्मीकि सिंह ने निष्कासन पर उठाए सवाल
पूर्व एमएलसी वाल्मीकि सिंह ने अनंत सिंह को पार्टी से निष्कासित करने के फैसले को गलत बताया। उन्होंने दावा किया कि अनंत सिंह पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार का सम्मान करते हैं और पार्टी के भविष्य को लेकर भी अपनी राय रखते रहे हैं। वाल्मीकि सिंह ने आरोप लगाया कि जेडीयू में कुछ नेता नीतीश कुमार के बाद पार्टी के नेतृत्व को लेकर अपनी स्थिति मजबूत करना चाहते हैं। उन्होंने दावा किया कि नीतीश कुमार का समर्थन करने वाले नेताओं को धीरे-धीरे हाशिए पर धकेला जा रहा है। हालांकि, नेतृत्व को लेकर लगाए गए ये आरोप वाल्मीकि सिंह के व्यक्तिगत राजनीतिक दावे हैं। इन आरोपों पर संबंधित नेताओं की प्रतिक्रिया को अलग से देखना जरूरी होगा। वाल्मीकि सिंह ने अनंत सिंह का बचाव करते हुए कहा कि किसी नेता को पार्टी से निष्कासित करने का मतलब यह नहीं है कि जनता ने भी उसे नकार दिया है।
अनंत सिंह के निष्कासन से बिहार की राजनीति में बढ़ी हलचल
अनंत सिंह के निष्कासन के बाद जेडीयू के भीतर अनुशासन और नेतृत्व को लेकर बहस तेज हो गई है। एक तरफ पार्टी के नेता इस कार्रवाई को संगठनात्मक अनुशासन के लिए जरूरी बता रहे हैं, वहीं विपक्षी नेताओं ने पार्टी में गुटबाजी और फैसले की प्रक्रिया पर सवाल उठाए हैं। केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान ने इस मामले को जेडीयू का आंतरिक विषय बताकर टिप्पणी से दूरी बनाई है। दूसरी ओर, राजद और पूर्व एमएलसी वाल्मीकि सिंह के बयानों ने इस विवाद को और राजनीतिक चर्चा में ला दिया है। फिलहाल, इस पूरे घटनाक्रम का जेडीयू की आंतरिक राजनीति और बिहार के राजनीतिक समीकरणों पर क्या असर पड़ेगा, यह आने वाले समय में स्पष्ट होगा।

