BIHAR MLC ELECTION 2026: 8 सीटों पर मतदान खत्म, अब 27 अक्टूबर को नतीजों का इंतजार
बिहार विधान परिषद की आठ सीटों पर मतदान समाप्त हो गया है. चार स्नातक और चार शिक्षक निर्वाचन क्षेत्रों में हुए चुनाव में 150 उम्मीदवारों की किस्मत का फैसला 27 अक्टूबर को मतगणना के बाद होगा. इस चुनाव में पटना स्नातक सीट सबसे ज्यादा चर्चा में रही.

Patna: बिहार विधान परिषद की आठ सीटों के लिए मतदान समाप्त हो गया है. अब सभी की निगाहें 27 अक्टूबर को होने वाली मतगणना पर टिकी हैं. चार स्नातक और चार शिक्षक निर्वाचन क्षेत्रों में हुए इस चुनाव में कुल 150 उम्मीदवारों की किस्मत का फैसला होना है. चुनाव में करीब 5.33 लाख मतदाता शामिल होने के पात्र थे और मतदान के लिए 933 केंद्र बनाए गए थे.
इस चुनाव में मुकाबला केवल राजनीतिक दलों और उम्मीदवारों के बीच नहीं रहा. पटना स्नातक निर्वाचन क्षेत्र में जेडीयू के भीतर सामने आए मतभेद ने चुनाव को खासा चर्चा में ला दिया. मोकामा से जेडीयू विधायक अनंत सिंह ने अपनी ही पार्टी के उम्मीदवार नीरज कुमार के खिलाफ खुलकर मोर्चा खोला और जन सुराज के प्रत्याशी डॉ. अनुज सिंह का समर्थन किया. अब सबकी नजर इस बात पर है कि इस सियासी टकराव का चुनावी नतीजों पर क्या असर पड़ता है.
8 सीटों पर कितना हुआ मतदान?
शाम 4 बजे तक उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार, चार शिक्षक निर्वाचन क्षेत्रों में 74.55 प्रतिशत और चार स्नातक निर्वाचन क्षेत्रों में 43.87 प्रतिशत मतदान दर्ज किया गया. शिक्षक निर्वाचन क्षेत्रों में सारण 87.16 प्रतिशत मतदान के साथ आगे रहा. ये आंकड़े उपलब्ध अंतरिम आंकड़ों पर आधारित हैं.
इन 8 सीटों के लिए हुआ मतदान
बिहार विधान परिषद की जिन आठ सीटों पर मतदान हुआ, उनमें पटना स्नातक, दरभंगा स्नातक, तिरहुत स्नातक, कोसी स्नातक, पटना शिक्षक, दरभंगा शिक्षक, तिरहुत शिक्षक और सारण शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र शामिल हैं. अब मतगणना 27 अक्टूबर को होगी, जिसके बाद सभी 150 उम्मीदवारों के चुनावी भविष्य की तस्वीर साफ हो जाएगी.
पटना स्नातक सीट पर नीरज कुमार और अनंत सिंह की लड़ाई चर्चा में
इस चुनाव की सबसे चर्चित कहानी पटना स्नातक सीट से सामने आई, जहां जेडीयू के आधिकारिक उम्मीदवार नीरज कुमार को अपनी ही पार्टी के विधायक अनंत सिंह के विरोध का सामना करना पड़ा. मोकामा विधायक अनंत सिंह ने नीरज कुमार का समर्थन करने के बजाय जन सुराज के उम्मीदवार डॉ. अनुज सिंह के पक्ष में प्रचार किया. अनंत सिंह ने अपने विरोध की वजह बताते हुए आरोप लगाया कि नीरज कुमार ने पिछले विधानसभा चुनाव में उनके खिलाफ काम किया था. वहीं, नीरज कुमार इस सीट से लगातार चौथी बार जीत हासिल करने की कोशिश में हैं. इस घटनाक्रम ने जेडीयू के भीतर मतभेद और पार्टी नेतृत्व के सामने पैदा हुई असहज स्थिति को चुनावी चर्चा का अहम हिस्सा बना दिया.
ललन सिंह की भूमिका और राजनीतिक समीकरण पर नजर
नीरज कुमार और अनंत सिंह के बीच विवाद को सुलझाने के प्रयासों की भी चर्चा रही. मीडिया रिपोर्टों के मुताबिक, केंद्रीय मंत्री ललन सिंह और जेडीयू के कार्यकारी राष्ट्रीय अध्यक्ष संजय झा ने दोनों नेताओं के बीच मतभेद दूर करने की कोशिश की थी. हालांकि, चुनाव प्रचार के दौरान अनंत सिंह का विरोध जारी रहा.
अब सवाल यह है कि अनंत सिंह के खुले विरोध के बावजूद नीरज कुमार को कितना समर्थन मिला और जन सुराज के उम्मीदवार डॉ. अनुज सिंह का प्रदर्शन कैसा रहता है. इसका जवाब मतगणना के बाद ही मिलेगा. नतीजे यह भी बताएंगे कि इस सीट पर उम्मीदवारों के बीच मुकाबले में पार्टी के भीतर के मतभेदों की कोई भूमिका रही या नहीं.
27 अक्टूबर को खुलेगा चुनावी नतीजों का पिटारा
फिलहाल मतदान पूरा होने के साथ ही चुनाव प्रचार का शोर थम चुका है और उम्मीदवारों की नजर मतगणना पर है. आठ सीटों पर अलग-अलग राजनीतिक दलों के उम्मीदवारों की किस्मत मतपेटियों में बंद है. पटना स्नातक सीट पर नीरज कुमार और अनंत सिंह के बीच सामने आए टकराव ने इस चुनाव को अतिरिक्त राजनीतिक महत्व दिया है.
27 अक्टूबर को होने वाली मतगणना से साफ होगा कि मतदाताओं ने किस उम्मीदवार पर भरोसा जताया. साथ ही यह भी स्पष्ट होगा कि अनंत सिंह के विरोध का चुनावी परिणाम पर कोई असर पड़ा या नहीं. फिलहाल बिहार की राजनीति में नतीजों का इंतजार है.

