
झारखंड प्रशासनिक सेवा के 7 अफसरों का IAS में प्रमोशन, IPS एमएल मीणा हुए रिटायर
झारखंड प्रशासनिक सेवा के 7 अफसरों को यूपीएससी बोर्ड की अनुसंशा के बाद आईएएस पद में प्रोन्नति दी गई है. भारत सरकार ने इससे संबंधित अधिसूचना जारी कर दी है.

झारखंड प्रशासनिक सेवा के 7 अफसरों को यूपीएससी बोर्ड की अनुसंशा के बाद आईएएस पद में प्रोन्नति दी गई है. भारत सरकार ने इससे संबंधित अधिसूचना जारी कर दी है.

पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह के निधन के बाद पूरे देश में राजकीय शोक मनाया जा रहा है. झारखंड में भी 7 दिन का राजकीय शोक रहेगा. इस दौरान राष्ट्रीय ध्वज आधे झुके रहेंगे और राजकीय कार्यक्रम स्थगित रहेंगे.

बीजेपी ने शिवराज, हेमंता, बाबूलाल, अर्जुन मुंडा सबको आजमा लिया, लेकिन यह सभी नेता झारखंड में बीजेपी को जीत नहीं दिला सके. अब पार्टी को अपने दास रघुवर की याद आई है. चर्चा है कि रघुवर दास को झारखंड में बीजेपी का प्रदेश अध्यक्ष बनाया जा सकता है, वहीं बाबूलाल मरांडी विधायक दल के नेता बनाये जा सकते हैं.

लोकसभा चुनाव में हार के लिए जिम्मेवार और पार्टी विरोधी काम करने वाले बीजेपी नेताओं पर कड़ा एक्शन लेने की तैयारी चल रही है. सुस्त नेताओं को भी ठिकाने लगाया जाएगा.
सुप्रीम कोर्ट ने कहा है कि स्थानीय निकाय द्वारा पास नक्शा से हटकर हुए निर्माण और बिना नक्शा स्वीकृति के हुए निर्माण को नियमित करके ऐसा करने वालों को प्रोत्साहित नहीं किया जा सकता.

झामुमो के बाद कांग्रेस ने अपने दल के नेता का चयन विधानसभा के पहले सत्र में ही कर लिया. कांग्रेस के अंदर काफी मतभेद था इसके बावजूद पार्टी ने बेहतर तरीके से अपने विधायकों को सरकार और संगठन में एडजस्ट कर दिया. बीजेपी के अंदर कोई मतभेद नहीं है. फिर भी आखिर क्यों बीजेपी अपने विधायकों का लीडर चुनने में देर कर रही है ?

स्पीकर रवींद्रनाथ महतो ने लगातार दूसरी बार झारखंड विधानसभा का अध्यक्ष बनने का रिकॉर्ड बनाया है, वहीं हेमंत सोरेन ने चार बार मुख्यमंत्री और लगातार दूसरी बार मुख्यमंत्री बनने का रिकॉर्ड बनाया है.

स्वास्थ्य विभाग की कमियों को दूर करने और राज्य के ग्रामीण इलाकों की लचर स्वास्थ्य व्यवस्था को दुरुस्त करना इरफान अंसारी के सामने बड़ी चुनौती है.

चारों नेताओं के विधानसभा चुनाव में प्रदर्शन को देखते हुए तो ऐसा नहीं लगता है कि इन्हें अगली बार बीजेपी से चुनाव लड़ने का मौका मिलेगा.

जो विधायक पार्टी की हर बैठकों में आगे बैठे नजर आते थे. विधानसभा में भी वरीयता के आधार पर जिन्हें आगे की कुर्सी मिली थी. वह सभी पूर्व हो चुके विधायक मुंह छिपाकर पीछे बैठे नजर आये.

बाबूलाल मरांडी नेता प्रतिपक्ष का दर्जा पाने के लिए सदन के अंदर 4 साल तक संघर्ष करते रहे. प्रदेश अध्यक्ष पद मिलने के बाद भी वे विधानसभा चुनाव में बीजेपी को सीटें दिला नहीं सके, बल्कि उनके नेतृत्व में बीजेपी को 4 सीटों का नुकसान हो गया. ऐसे में बीजेपी को विधायकों का नेतृत्व करने और सरकार को सदन में घेरने के लिए एक तेज-तर्रार लीडर की जरूरत होगी.

Ranchi: हेमंत सोरेन के मुख्यमंत्री बनने के बाद कई अफसरों की ट्रांसफर-पोस्टिंग हुई है. अनुराग गुप्ता को झारखंड का डीजीपी बनाया गया है. एसीबी डीजी के पद पर पदस्थापित अनुराग गुप्ता को डीजीपी का अतिरिक्त प्रभार दिया गया है. वहीं झारखंड डीजीपी के पद पर पदस्थापित अजय कुमार को झारखंड पुलिस हा...