
झारखंड को बीजेपी ने बनाया, बीजेपी ही संवारेगी : विजय शर्मा
विजय कुमार शर्मा ने गिरिडीह में बीजेपी के चुनाव कार्यालय का उद्घाटन किया. कहा कि झारखंड में बीजेपी की जीत होनी ही चाहिए.

विजय कुमार शर्मा ने गिरिडीह में बीजेपी के चुनाव कार्यालय का उद्घाटन किया. कहा कि झारखंड में बीजेपी की जीत होनी ही चाहिए.

सुदेश महतो सिल्ली विधानसभा सीट से चुनाव लड़ेंगे. लंबोदर महतो गोमिया विधानसभा सीट से प्रत्याशी होंगे. सुनीता चौधरी रामगढ़ सीट से, नीरू शांति भगत लोहरदगा से चुनाव लड़ेंगी.

झारखंड में बीजेपी ने उम्मीदवारों की पहली सूची जारी कर दी है. 66 उम्मीदवारों के नाम की घोषणा की गई है.

सीएम हेमंत सोरेन झारखंड के सभी 81 विधानसभा सीट से बीजेपी को डिब्बाबंद करने का ऐलान किया. वहीं, सब कुछ तय सीमा के अंदर होने की बात कही. सीएम हेमंत सोरेन बीजेपी के विधायक केदार हाजरा और आजसू नेता उमाकांत रजक के जेएमएम में शामिल होने के दौरान कही.

आजसू 10 सीटों पर चुनाव लड़ेगी. वहीं, जेडीयू दो और लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) एक सीट पर चुनाव लड़ेगी. इसके अलावा शेष 68 सीटों पर बीजेपी चुनाव लड़ेगी.

अपनी जान को जोखिम में डालकर यहां रहना उसका कोई शौक नहीं है , मजबूरी में उसने इस पुल को अपना आशियाना बनाया है.

एप्प के जरिये मतदाता पोलिंग बूथों में भीड़ की जानकारी ले सकेंगे. 85 वर्ष से उपर के मतदाता फॉर्म 12 डी भरकर घर से मतदान करने की सुविधा ले सकते हैं. चुनाव में उम्मीदवार अधिकतम 40 लाख रुपये तक खर्च कर सकते हैं.
रांची के डीसी मंजूनाथ भजंत्री को स्थानांतरित करते हुए राज्य आजीविका संवर्धन सोसायटी (जेएसएलपीएस) का सीईओ बनाया गया है. उनकी जगह पर JIIDCO के एमडी वरुण रंजन को रांची का डीसी बनाया गया है.

राज्य के 81 विधानसभा सीटों पर दो फेज में वोटिंग होगी. पहले चरण का मतदान 13 नवंबर को होगा, जबकि 20 नवंबर को दूसरे चरण का चुनाव होगा.
बीजेपी ने राज्य में अपनी सरकार आने पर गोगो दीदी योजना के तहत 2100 रुपये महीना देने का वादा किया है. अब हेमंत सरकार ने बीजेपी को चुनौती देते हुए मंईयां सम्मान योजना की राशि 2500 रुपये कर दी है.

झारखंड के मंत्री मिथिलेश ठाकुर से जुड़े दर्जनों ठिकानों पर सोमवार की सुबह ED ने छापेमारी की. इस दौरान IAS मनीष रंजन और उसकी बहन के आवास पर भी छापेमारी की गई. रांची, चाईबासा के अलावा ED की टीम ने जमशेदपुर में एक साथ छापेमारी की. बता दें कि वर्ष 2012 में पाइपलाइन बिछाने के नाम पर फर्जी बिल के सहारे करोड़ों की अवैध निकासी हुई थी.

मंत्री ने कहा बीजेपी में शामिल होने का दवाब बनाया जा रहा था. जब बीजेपी को इसमें सफलता नहीं मिली, तो उन्हें और उनके परिजनों को बेवजह परेशान किया जा रहा है.