स्कूल में बच्चों का कलावा-लॉकेट उतरवाया? गढ़वा में मचा बवाल, जांच शुरू
गढ़वा के रमकंडा प्रखंड स्थित उत्क्रमित उच्च विद्यालय में छात्रों से कथित तौर पर कलावा और धार्मिक लॉकेट उतरवाने के आरोप के बाद विवाद गहरा गया है. घटना के विरोध में अभिभावक और ग्रामीण स्कूल पहुंचे तथा संबंधित शिक्षक के खिलाफ कार्रवाई की मांग की.

Garhwa: रमकंडा प्रखंड स्थित उत्क्रमित उच्च विद्यालय में छात्रों से धार्मिक प्रतीक के रूप में पहने गए कलावा और लॉकेट उतरवाने के आरोप के बाद विवाद गहरा गया है. घटना की जानकारी मिलते ही अभिभावकों और ग्रामीणों ने स्कूल पहुंचकर विरोध जताया, जिसके बाद मामला जिला प्रशासन तक पहुंच गया. मामले की गंभीरता को देखते हुए उपायुक्त के निर्देश पर शिक्षा विभाग की जांच टीम ने विद्यालय पहुंचकर छात्रों, अभिभावकों, शिक्षकों और स्कूल प्रबंधन से बातचीत की. फिलहाल प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की जा रही है और रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई तय होगी. इस बीच स्कूल परिसर में तनावपूर्ण माहौल के बाद प्रशासन ने सभी पक्षों से संयम बरतने और जांच पूरी होने तक अफवाहों से बचने की अपील की है.
धार्मिक प्रतीक हटाने के आरोप से शुरू हुआ विवाद
रमकंडा स्थित उत्क्रमित उच्च विद्यालय में उस समय विवाद खड़ा हो गया जब कुछ छात्रों और उनके अभिभावकों ने आरोप लगाया कि विद्यालय में पढ़ाने वाले एक शिक्षक ने बच्चों के हाथों में बंधे कलावा (रक्षा सूत्र) और गले में पहने धार्मिक लॉकेट उतरवा दिए. आरोप यह भी है कि कुछ विद्यार्थियों ने इसका विरोध किया तो उन्हें फटकार लगाई गई. स्कूल से घर लौटने के बाद बच्चों ने पूरी घटना की जानकारी अपने परिजनों को दी, जिसके बाद मामला तेजी से गांव में फैल गया और देखते ही देखते बड़ी संख्या में ग्रामीण विद्यालय पहुंच गए. हालांकि, इन आरोपों पर संबंधित शिक्षक का पक्ष अभी सार्वजनिक रूप से सामने नहीं आया है.
स्कूल पहुंचे अभिभावक, कार्रवाई की उठी मांग
घटना की सूचना मिलने के बाद विद्यालय परिसर में अभिभावकों और स्थानीय लोगों की भीड़ जुट गई. लोगों ने स्कूल प्रबंधन के सामने नाराजगी जताते हुए संबंधित शिक्षक के खिलाफ कार्रवाई की मांग की. ग्रामीणों का कहना था कि विद्यालय शिक्षा का केंद्र है, जहां सभी धर्मों और आस्थाओं का समान सम्मान होना चाहिए. उनका आरोप था कि यदि बच्चों से धार्मिक पहचान से जुड़ी वस्तुएं हटाने के लिए दबाव बनाया गया है तो यह गंभीर मामला है और इसकी निष्पक्ष जांच होनी चाहिए. कुछ समय तक विद्यालय का माहौल तनावपूर्ण बना रहा, हालांकि स्थानीय प्रशासन और स्कूल प्रबंधन के हस्तक्षेप के बाद स्थिति सामान्य हुई.
उपायुक्त के निर्देश पर जांच में जुटा शिक्षा विभाग
मामले के तूल पकड़ने के बाद गढ़वा के उपायुक्त ने शिक्षा विभाग को जांच के निर्देश दिए. इसके बाद विभागीय टीम विद्यालय पहुंची और पूरे घटनाक्रम की जानकारी जुटाई. जांच अधिकारियों ने प्रधानाध्यापक, संबंधित शिक्षक, छात्रों और अभिभावकों से अलग-अलग बातचीत कर उनके बयान दर्ज किए. साथ ही यह भी पता लगाने की कोशिश की गई कि क्या वास्तव में बच्चों से कलावा और लॉकेट उतरवाए गए थे और यदि ऐसा हुआ तो किन परिस्थितियों में यह घटना हुई. जांच टीम ने विद्यालय से जुड़े दस्तावेज और अन्य आवश्यक जानकारियां भी एकत्र की हैं.
जांच रिपोर्ट के बाद होगा फैसला, प्रशासन ने की संयम की अपील
प्रशासन का कहना है कि फिलहाल किसी भी निष्कर्ष पर पहुंचना जल्दबाजी होगी. जांच पूरी होने के बाद सभी पक्षों के बयान, उपलब्ध साक्ष्य और तथ्यों का मूल्यांकन किया जाएगा. यदि जांच में किसी प्रकार की अनियमितता या नियमों के उल्लंघन की पुष्टि होती है तो संबंधित व्यक्ति के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी. अधिकारियों ने लोगों से अफवाहों पर ध्यान न देने और जांच प्रक्रिया में सहयोग करने की अपील की है. फिलहाल पूरे जिले की नजर शिक्षा विभाग की रिपोर्ट पर टिकी है, क्योंकि इसी के आधार पर आगे की प्रशासनिक कार्रवाई तय होगी.

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